Muzaffarnagar खतौली में जैन धर्म का विराट उत्सव: गणाचार्य पुष्पदंत सागर जी महाराज की 71वीं जयंती पर दो दिवसीय महामहोत्सव, कलश यात्रा से महाआरती तक भव्य आयोजन
News-Desk
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Digambar Jain, Jain culture, Jain Mahotsav, Khatauli News, Religious News, Spiritual Events, uttar pradesh newsMuzaffarnagar खतौली के श्री पदम प्रभ दिगंबर जैन मंदिर, भागीरथी में क्रांतिवीर मुनि श्री प्रतीक सागर जी महाराज के गुरुवर गणाचार्य श्री पुष्पदंत सागर जी महाराज की 71वीं जन्म जयंती के अवसर पर भव्य दो दिवसीय महामहोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन न केवल धार्मिक, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना का भी बड़ा केंद्र बनने जा रहा है।
🔴 दो दिन तक श्रद्धा, साधना और संस्कृति का संगम
कार्यक्रम संयोजक अतुल जैन सर्राफ ने जानकारी दी कि यह महामहोत्सव 31 दिसंबर और 1 जनवरी को विविध धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के साथ मनाया जाएगा। आयोजन की रूपरेखा इस तरह तैयार की गई है कि हर आयु वर्ग के श्रद्धालु आध्यात्मिक ऊर्जा और जैन संस्कारों से जुड़ सकें।
🔴 31 दिसंबर: विराट कलश यात्रा से उत्सव का शुभारंभ
महामहोत्सव की शुरुआत 31 दिसंबर को दोपहर 12 बजे विराट कलश यात्रा से होगी। यह भव्य यात्रा चंद्रपुर दिगंबर जैन मंदिर पीसनोपाडा से प्रारंभ होकर शहर के मुख्य मार्गों से होती हुई श्री पदम प्रभ दिगंबर जैन मंदिर भागीरथी पहुंचेगी।
कलश यात्रा में सौभाग्यवती महिलाएं केसरिया वस्त्र धारण कर मंगल कलश लेकर चलेंगी, वहीं बैंड-बाजों और जयघोष से पूरा नगर भक्तिमय वातावरण में डूब जाएगा। कार्यक्रम स्थल पर मंत्रोच्चार के साथ शुद्धिकरण किया जाएगा।
🔴 ऋषभदेव महाकथा और वात्सल्य भोज
दोपहर 1 बजे से जैन धर्म के प्रवर्तक भगवान आदिनाथ के जीवन चरित्र पर आधारित संगीतमय ऋषभदेव महाकथा का आयोजन होगा। यह कथा क्रांतिवीर मुनि श्री प्रतीक सागर जी महाराज द्वारा प्रस्तुत की जाएगी, जिसमें त्याग, तपस्या और आत्मशुद्धि के संदेश को सरल और भावपूर्ण शैली में रखा जाएगा।
कथा के पश्चात सभी श्रद्धालुओं के लिए वात्सल्य भोज का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सामूहिक सहभागिता और समर्पण की भावना झलकेगी।
🔴 रात्रि में विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम और महाआरती
रात्रि 8 बजे से 12 बजे तक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं विराट भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। आध्यात्मिक भजनों और स्तुतियों से वातावरण भक्तिरस में सराबोर हो जाएगा। रात्रि 12 बजे 1008 दीपों से महाआरती की जाएगी, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र होगी।
इसी दौरान मुनि श्री द्वारा परिवारों की सुख-शांति और समृद्धि के लिए पिछीं द्वारा विशेष आशीर्वाद भी प्रदान किया जाएगा।
🔴 1 जनवरी: महा मस्तकाभिषेक और जन्मोत्सव समारोह
नववर्ष के दिन प्रातः 9 बजे से महा मस्तकाभिषेक का आयोजन होगा। इसके बाद प्रातः 10 बजे गणाचार्य श्री पुष्पदंत सागर जी महाराज के जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में नृत्य मंगलाचरण, 71 परिवारों द्वारा संगीतमय पूजन, शास्त्र भेंट, विनयांजलि, पद प्रक्षालन और नववर्ष पर विशेष प्रवचन आयोजित होंगे।
कार्यक्रम के अंत में महारथी निकाली जाएगी और समापन पर पुनः वात्सल्य भोज का आयोजन होगा।
🔴 मंगल प्रस्थान और आगामी कार्यक्रम
1 जनवरी को दोपहर 2 बजे मुनि श्री खतौली से मुजफ्फरनगर की ओर मंगल प्रस्थान करेंगे। संभावित रूप से 3 जनवरी को मुजफ्फरनगर में उनका मंगल प्रवेश होगा, जिसे लेकर वहां के श्रद्धालुओं में भी उत्साह देखा जा रहा है।
🔴 युवाओं को दिया गहरा संदेश
दैनिक धर्म सभा को संबोधित करते हुए क्रांतिवीर मुनि श्री प्रतीक सागर जी महाराज ने युवाओं को जीवन का सार बताया। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को भगवान का चित्र सौंपने से पहले चरित्र सौंपने की आवश्यकता है। चरित्र की पवित्रता से ही मन निर्मल होता है और वही जीवन की वास्तविक पहचान बनती है।
उन्होंने कहा कि नाम के लिए तो हर कोई जीता है, लेकिन ऐसा कर्म करके जाओ कि तुम्हारे जाने के बाद भी लोग तुम्हें याद करें। जीवन को तीर्थ की तरह जियो, तमाशा बनाकर नहीं—क्योंकि जो जीवन को तमाशा समझता है, उसकी जिंदगी एक दिन तमाशा बन जाती है।

