रतनपुरी में ‘चक्रव्यूह’ ऑपरेशन की बड़ी सफलता: सात वारंटी एक ही रात में गिरफ्तार, Muzaffarnagar पुलिस ने घरों से उठाकर भेजा जेल
News-Desk
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bhupkhedi arrests, Budhana news, mandawali bangar arrests, ratanpuri chakravyuh operation, ratanpuri warrant arrest, ratnpuri police action, seven warrantees arrest, SSP Sanjay Kumar directiveबुढ़ाना क्षेत्र में ratanpuri chakravyuh operation के तहत रतनपुरी Muzaffarnagar पुलिस ने बीती रात बड़ी सफलता हासिल की। सात ऐसे वारंटियों को उनके घरों से गिरफ्तार किया गया, जो लंबे समय से पुलिस कार्रवाई से बचते फिर रहे थे।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार के निर्देश पर रतनपुरी पुलिस ने विशेष अभियान शुरू किया है, जिसके परिणामस्वरूप कार्रवाई बेहद तेज रफ्तार से चल रही है।
वारंटियों पर पहले से ही न्यायालय के आदेश लंबित थे और कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद ये लोग न्यायिक प्रक्रिया में उपस्थित नहीं हो रहे थे। अभियान की गंभीरता इसी से समझी जा सकती है कि पुलिस टीम ने बिना किसी देरी के विभिन्न गांवों में दबिश देकर सभी सातों वारंटियों को रातों-रात पकड़ लिया।
ग्राम मंडावली बांगर से तीन वारंटी गिरफ्तार—पुलिस ने घरों की घेराबंदी कर दिया अंजाम
गिरफ्तार किए गए सात वारंटियों में से तीन आरोपी ग्राम मंडावली बांगर के रहने वाले हैं। इनके नाम इस प्रकार हैं—
ओम पुत्र विनारसी
बिट्टू पुत्र मंगलू
रविंद्र पुत्र रोहताश
इन तीनों के खिलाफ अदालत में कई मामलों की कार्यवाही जारी थी, लेकिन ये लगातार पेशी से बचने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने विशेष निगरानी रखकर उनके घरों का मूवमेंट चेक किया और जैसे ही मौके की पुष्टि हुई, टीम ने दबिश देकर इन्हें गिरफ्तार कर लिया।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, पुलिस टीम का पहुंचना किसी बड़े ऑपरेशन जैसा दिखाई दिया क्योंकि गिरफ्तारी के दौरान कई मिनट तक चारों ओर सन्नाटा पसरा रहा।
अन्य चार वारंटी भी दबोचे गए—भूपखेड़ी और टोडा से पुलिस ने की ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां
अन्य चार वारंटियों की गिरफ्तारी भी ratanpuri chakravyuh operation के तहत बेहद रणनीतिक तरीके से की गई। इनमें शामिल हैं—
इमरान पुत्र यामीन (निवासी ग्राम टोडा)
मोनू उर्फ अरविंद पुत्र गबदा उर्फ नेत्रपाल उर्फ मित्रपाल (निवासी ग्राम भूपखेड़ी)
जसविंदर पुत्र गबदा उर्फ नेत्रपाल उर्फ मित्रपाल (निवासी ग्राम भूपखेड़ी)
योगेश कुमार पुत्र सतपाल सिंह (निवासी ग्राम कैलाश नगर, थाना रतनपुरी)
पुलिस को लंबे समय से इन व्यक्तियों की तलाश थी। कई बार नोटिस जारी होने के बावजूद ये कानून से बचते रहे। अभियान के दौरान पुलिस टीम ने रात के सन्नाटे में चारों ओर घेराबंदी की और एक-एक करके सभी को हिरासत में ले लिया।
इनमें से दो आरोपियों—मोनू उर्फ अरविंद और जसविंदर—के नाम पहले भी कई छोटे-बड़े मामलों में सामने आ चुके हैं। पुलिस के मुताबिक ये दोनों अक्सर गांव बदल-बदलकर रहने की कोशिश करते थे, जिससे गिरफ्तारी मुश्किल होती थी।
एसएसपी के निर्देश पर पुलिस की सख्त नीति—वारंटियों को अब किसी तरह की ढिलाई नहीं
जिला पुलिस की नीति अब और अधिक सख्त दिखाई दे रही है। एसएसपी संजय कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि न्यायालय द्वारा जारी वारंटों की गंभीरता को हल्के में लेने वालों पर विशेष कार्रवाई की जाए।
इसी के चलते रतनपुरी पुलिस ने पूरे थाना क्षेत्र में वारंटियों की अलग से सूची तैयार कर रखी है और प्रतिदिन दबिशों का रिकॉर्ड अपडेट किया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ratanpuri chakravyuh operation आगे भी जारी रहेगा और जो भी आरोपी कोर्ट के आदेशों से बचने की कोशिश करेगा, उसे सीधे जेल भेजा जाएगा।
अभियान का असर—इलाका अपराधियों और कोर्ट से बचने वालों के लिए मुश्किल बनता जा रहा है
रतनपुरी क्षेत्र में लगातार वारंटियों की गिरफ्तारी ने एक संदेश साफ-साफ दे दिया है कि कानून से बचना आसान नहीं होगा।
ग्रामीणों का कहना है कि कई महीनों से ऐसे लोग खुलेआम घूम रहे थे, जो कोर्ट में पेश नहीं हो रहे थे। अब पुलिस की यह लगातार कार्रवाई स्थानीय सुरक्षा और विश्वास को मजबूत कर रही है।
लोगों का कहना है कि यदि ratanpuri chakravyuh operation इसी तरह चलता रहा, तो क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी, और अपराधियों का मनोबल टूटेगा।
रतनपुरी पुलिस टीम की सतर्कता—अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, रतनपुरी थाना टीम ने पिछले कई दिनों से इन वारंटियों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी हुई थी।
रात के समय दबिश देने का कारण यह था कि अधिकांश आरोपी इसी दौरान घर पर मौजूद मिलते हैं और गिरफ्तारी में कम प्रतिरोध की संभावना रहती है।
टीम के कई सदस्यों ने गांवों में समय-समय पर सूचना इकट्ठा की, जिससे गिरफ्तारी की सफलता सुनिश्चित हो सकी। अभियान को लेकर आम लोगों में भी राहत की भावना दिखाई दी।

