Muzaffarnagar News: जैन मुनि शिव भूष्ण महाराज का वहलना में हुआ अंतिम संस्कार
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News) दिगंबर जैन परंपरा में उत्कृष्ट साधुचर्या का पालन करने वाले संत जैन मुनि १०८ शिव भूषण जी महाराज के देवलोक गमन के उपरांत बुधवार को उनकी अंतिम यात्रा में हजारों भक्तजनों ने शामिल होकर अपने पथ प्रदर्शक और मार्गदर्शक को पूर्ण श्रद्धाभाव के साथ अश्रुपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
उनकी समाधि क्रिया श्री दिगम्बर जैन मंदिर अतिशय क्षेत्र वहलना परिसर में की गयी। उनकी अंतिम यात्रा में उनकी डोली को कंधों पर उठाने के लिए भक्तों के बीच होड़ सी लगी रही। गुरूवर की महिमा का गुणगान करते हुए भक्त उनको नम आंखों से अंतिम दर्शन कर नमन कर रहे थे।
बता दें कि गत दिवस मंगलवार की शाम शहर के ठाकुरद्वारा मंदिर में प्रवास कर रहे जैन मुनि १०८ शिव भूषण महाराज का देव लोक गमन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। शिव भूषण जी महाराज की समाधि होने का समाचार सुनकर पूरा जैन समाज स्तब्ध और शोकाकुल हो गया। संत श्री के देवलोक गमन से जैन समाज के लोग भी अपने मार्गदर्शक की कमी महसूस करते दिखाई दिये।
जैन मुनि की दीक्षा लेकर घर का त्याग करने के बाद से जैन मुनि १०८ श्री शिव भूषण जी महाराज लगातार आत्म कल्याण और जगत कल्याण की भावना से कार्य कर रहे थे। उनके धार्मिक भजन, पूजन लोगों को आध्यात्म की चरम सीमा तक पहुंचाते थे। बुधवार को सवेरे जैन मंदिर ठाकुर द्वारा से उनकी अंतिम यात्रा निकाली गई और श्री दिगम्ब जैन अतिशय क्षेत्र वहलना मंदिर परिसर में हजारों भक्तों की उपस्थिति में जैन धर्म के अनुसार उनका अंतिम संस्कार पूरे धार्मिक रीति रिवाज के अनुसार किया गया, जिसमें सम्मिलित होने के लिए बड़ी संख्या में लोग जनपद के दूसरे क्षेत्रों के साथ ही आसपास के जनपदों और दूसरे राज्यों से भी यहां पहुंचे थे।
देवलोक गमन करने वाले जैन मुनि श्री शिव भूषण महाराज ने अपने प्रवचन, भजनों के जरिए धर्म प्रभावना, शाकाहार प्रचारक, उद्वारक की भूमिका निभाई उन के सानिध्य में समाज के अनेक लोगों ने अध्यात्म की ऊंचाइयों को छुआ था। उनके निधन से संपूर्ण समाज को क्षति हुई है। हजारों लोगों ने आज उनकी समाधि क्रिया के दौरान उनके द्वारा धर्म क्षेत्र में किए गए कार्यों पर चर्चा करते हुए समाज के उत्थान के लिए उनके योगदान का याद किया और दर्शन कर अंतिम नमन प्रस्तुत करते हुए अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।
ठाकुरद्वारा स्थित आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर कमेटी के पदाधिकारी रविंद्र जैन ने बताया कि जीवनभर तपस्या में लीन रहे जैन मुनि १०८ शिव भूषण जी महाराज ने मंगलवार को मंदिर परिसर में अपने प्रवास के दौरान अंतिम सांस ली। उनके देव लोक गमन की जानकारी मिलते ही जैन समाज के सैकड़ों लोग ठाकुरद्वारा स्थित आदिनाथ दिगंबर जैन मंदिर में पहुंच गए थे।
मंदिर कमेटी और जैन समाज के लोगों ने उनके कार्य याद किए। जैन मुनि ताउम्र लोगों को धर्म के प्रति प्रेरित करते रहे। समाज को शिक्षा के प्रति जागरूक किया। उनका स्वास्थ्य कुछ दिनों से खराब चल रहा था।
आज सवेरे ठाकुर द्वारा मंदिर से वहलना तक अंतिम यात्रा निकाली गई, जहां मंदिर परिसर में उनको समाधि दी गई। इस दौरान मुदित जैन, रविन्द्र जैन वहलना वाले, संजय जैन नावला वाले, राजेश जैन गर्ग डुप्लैक्स, पवन जैन बसेडा वाले, अनुज जैन वहलना वाले, देवांश जैन, अंकुर जैन, अतिशय जैन, रिषभ जैन कवाल वाले, अभिषेक जैन, अभिनव जैन, वैभव जैन टैन्ट वाले, पुनीत जैन अमीनगर सराय,अंकुर जैन सर्राफ, लाल बहादुर जैन, मनोज जैन, विभोर जैन, सिद्धान्त जैन, अमित जैन एडवोकट आदि श्रृद्धालुगण मौजूद रहे।

