Muzaffarnagar News: अब खांसी की आवाज से होगी टीबी की पहचानः डा. लोकेश
मुजफ्फरनगर।(Muzaffarnagar News) टीबी एक ऐसी बीमारी है जिसका नाम सुनते ही लोगों को टेंशन हो जाती है। नयी-नयी तकनीक से इस बीमारी पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है। अब खांसी की आवाज से टीबी की पहचान की जाएगी। इसके लिये स्वास्थ्य विभाग ने टीबी कलेक्शन एप तैयार किया है।
इसके जरिए चिन्ह्ति घरों में जाकर सैंपल रिकार्ड किये जा रहे हैं। मुजफ्फरनगर में भी इसकी शुरुआत हो गयी है। सैंपल के तौर पर ९१ लोगों की खांसी की रिकॉर्डिंग की गयी है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डा. लोकेश चंद्र गुप्ता ने बताया देश को क्षय रोग से मुक्त कराने के लिए नया एप डिजाइन किया गया है। इस एप में रोगी या चिन्ह्ति व्यक्ति की आवाज आठ बार रिकॉर्ड की जाएगी। पूरे देश से लिये जाने वाले २१ हजार सैंपल में सर्वाधिक यूपी से होंगे। प्रथम चरण के सर्वे में आवाज के सैंपल का अध्ययन होगा। इसमें से ७५० टीबी रोगी होंगे। ७५० नॉन टीबी एवं छह हजार टीबी लक्षण वालों के संपर्क या उनके रिश्तेदार होंगे।
उन्होंने बताया सर्वे में जिन लोगों की खांसी की आवाज रिकॉर्ड की जाएगी उनके नाम पते गोपनीय रखे जाएंगे। उन्होंने बताया मुजफ्फरनगर जिले को ९३ लोगों की खांसी की आवाज की रिकॉर्डिंग के सैंपल का टारगेट दिया गया है, जिसमें ९१ की खांसी की आवाज के सैंपल की रिकार्डिंग हो गयी है।
ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया गया
क्षय रोग विभाग की जिला समन्वयक सहबान उल हक ने बताया कफ सांउड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड सोल्यूशन ट्रू डिटेक्ट टीबी को लेकर ऑनलाइन प्रशिक्षण शुरू कर दिया गया है। स्मार्ट मोबाइल में टीबी रोगी एवं अन्य लोगों की आवाज को रिकॉर्ड किया जाएगा। सैंपल उन्हीं के लिये जाएंगे
जिनकी दवा शुरू नहीं हुई है। इस एप पर टीबी कफ कलेक्शन फॉर्म भरना होगा। तंबाकू एवं शराब सेवन का अपडेट करना होगा।
TB को देश से समाप्त करने के लिये अब चिन्ह्ति क्षय रोगियों पर यह सर्वे होगा।
मोबाइल एप के माध्यम से खांसी की आवाज एवं अन्य प्रकार की आवाज रिकॉर्ड की जाएगी, जिसको अध्ययन के लिये भेजा जाएगा। मुजफ्फरनगर से ९१ रोगियों की खांसी की आवाज को रिकॉर्ड किया गया है।

