Muzaffarnagar News: केंद्रीय मंत्री के गांव का बाढ के पानी में बह गया रास्ताः 15 गांवों का सम्पर्क टूटा
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News)। केंद्रीय मंत्री के गांव कुटबा-कुटबी और हड़ौली गांव के बीच हिंडन नदी के पुल के पास सिसौली-काकड़ा मार्ग बाढ़ के पानी में बह गया है। यहां करीब १५ गांव का आवागमन बंद हो गया है। यह मार्ग मुजफ्फरनगर-बड़ौत मार्ग से काकड़ा, हड़ौली, सिसौली, भौराकलां होते हुए शामली तक चला जाता है।
मुश्किल में किसान, हिंडन की बाढ़ में डूबा ईंख, ज्वार और धान
हिंडन नदी में पानी बढ़ने से किसानों के चेहरे मुरझा गए हैं। मुजफ्फरनगर के चरथावल में नदी किनारे बसे १० गांवों में करीब १० हजार बीघा से ज्यादा फसल चौपट होने का खतरा है। बुड्ढाखेड़ा गांव में सीमेंट कारोबारी को चार दुकानें गिरने से करीब लाखों का नुकसान हो गया। क्षेत्र के लोग बेबस नजर आ रहे हैं।
सहारनपुर की सीमा से सटा चरथावल क्षेत्र का पहला गांव बुड्ढाखेड़ा है। इस गांव के अलावा छिमाऊ, कसौली, दूधली, न्यामू, सिकंदरपुर, अकबरगढ़, नंगला राई, पीपलशाह और कुल्हेड़ी गांव नदी किनारे बसे है। बाढ़ के पानी से ईख, धान, चारा, ज्वार, बाजरा और सब्जी की फसलें चौपट होने लगी है। कसौली गांव से सटे सहारनपुर जिले के जखवाला से न्यामू तक करीब पांच किमी की परिधि में हिंडन नदी का पानी रफ्तार से चल रहा है।
कसौली के बुजुर्ग मामचंद पुंडीर कहना है कि किसानों ने कुटेसरा और चौकड़ा की तरफ खेतों से वैकल्पिक तौर पर चारे का इंतजाम कर रहे है। अमूमन पांच हजार रुपये प्रति बीघा बिकने वाले चारे के दाम १५ हजार रुपये तक पहुंच गए है। खेतों में लबालब पानी चलने के कारण दूब से पशुओं के निवाले का बंदोबस्त करना पड़ रहा है।
सीमेंट कारोबारी की चार दुकानें गिरीं-बुड्ढाखेड़ा में सीमेंट कारोबारी नीरज पुंडीर की चार दुकानें गांव के बाहरी छोर पर है। चार दिन से नदी का पानी उनकी दुकानों के चारों तरफ बह रहा है। शनिवार सुबह लिंटर में दरार आने से दुकानों की दीवारें ढह गई। कई लाख लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। बताया कि खेत में फसल भी खराब हो गई। गांव की करीब एक हजार बीघा भूमि नदी किनारे है। उनकी १२ बीघा में लगाई लोकी, कद्दू और धान की फसल बर्बाद हो गई। विजय चौहान के मकान की लंबी दीवार गिर गई।
५० बीघा धान की फसल पूरी तरह नष्ट
हिंडन किनारे दूधली गांव के पूर्व प्रधान रविंद्र सिंह और महेंद्र सिंह बताते है कि एक हजार से ज्यादा किसान खेती करते है। पानी भरने से फसलें खराब हो गई है। किसान अजब सिंह ने बताया कि खेत में लबालब पानी उनकी आंखों से बह रहा है। उनकी ५० बीघा धान की पकी फसल जलमग्न होकर नष्ट हो गई। सिर्फ पानी नजर आ रहा है।
इन गांवों में भी तबाही कम नहीं-गांव न्यामू के किसान कुलदीप त्यागी कहते है उनके गांव के करीब ५०० बीघा जमीन में पानी भर गया। २५ बीघा से ज्यादा ईख खराब हो गया। कुल्हेड़ी में ३२०० बीघा जमीन हिंडन पर खेती करते है। इकबाल ने बताया नदी के पास फरमान, गफ्फार सहित चार लोगों के घरों में पानी भर गया। बमुश्किल जेसीबी से मिट्टी लगवाकर बचाव किया। पछेता ईख, धान और गेहूं की फसल बर्बाद हो गई। नंगला राई की करीब एक हजार, कसौली की २८०० बीघा सहित अकबरगढ़, न्यामू और पीपलशाह की कई हजार बीघा फसलों को नुकसान हुआ है।
पानी बंद होने पर सड़क का निर्माण शीघ्र हों
कसौली-बुड्ढाखेड़ा मार्ग पर हिंडन का पानी तीसरे दिन ज्यादा रफ्तार से बह रहा है। गांव के श्मशान घाट के पास सड़क छोड़कर एक मीटर से ज्यादा गहरे गड्ढे बन गए। पानी का तेज बहाव और जोखिम भरा है। ग्रामीण अरुण कुमार, जयप्रकाश, जयकुमार, सूबेदार ध्यान सिंह, पवन सिंह, प्रधान नंदकुमार कश्यप, मास्टर मामचंद आदि ने प्रशासन से मांग हैं कि पुल के दोनों और बड़ी पुलिया बनवाई जाएं। नदी में पानी कम होने पर तत्काल सड़क निर्माण कराया जाएं, ताकि इस मार्ग से सहारनपुर तक आवागमन पहले की तरह चालू हो जाए।
चार गोशालाओं में भिजवाई गोवंश-कसौली ग्राम प्रधान नंद कुमार कश्यप ने बताया १०० गोवंश पशुओं को चरथावल, रोहाना, बधाई कलां और बुड़ीना गोशाला में भिजवाया है। गांव में बनी गोशाला तक पानी आने से उन्हें सुरक्षित स्थान पर भेजा है।

