Muzaffarnagar और आसपास से प्रमुख खबरेंसंपादकीय विशेष

ग्रामीण पर्यटन को नई रफ्तार: Muzaffarnagar में यूपी टूरिज्म की जनपदीय संगोष्ठी, बेड एंड ब्रेकफास्ट नीति पर जोर

Muzaffarnagar ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने और धार्मिक व दर्शनीय स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने की दिशा में उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने मुजफ्फरनगर में अहम पहल की है। इसी क्रम में मेरठ रोड स्थित आईटीआई के सभागार में एक जनपदीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीण प्रतिभागियों को पर्यटन से जोड़कर आजीविका सृजन पर विस्तार से चर्चा की गई।


🔴 आईटीआई सभागार में आयोजित हुई जनपदीय संगोष्ठी

इस संगोष्ठी का उद्घाटन जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल ने किया, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी कमल किशोर कंडारकर ने की। आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन आधारित स्वरोजगार की संभावनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाना रहा।

कार्यक्रम में जिले के विभिन्न गांवों से आए करीब 250 प्रशिक्षणार्थियों ने भाग लिया, जिनमें कई ग्राम प्रधान भी शामिल थे।


🔴 बेड एंड ब्रेकफास्ट नीति पर विशेष फोकस

संगोष्ठी को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी रवि शंकर ने वर्ष 2025 में लागू की गई उत्तर प्रदेश सरकार की नई पर्यटन नीति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना के माध्यम से ग्रामीण लोग अपने घरों को पर्यटकों के लिए पंजीकृत कर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकते हैं।

उन्होंने नीति के उद्देश्य, नियम, पंजीकरण प्रक्रिया और आर्थिक लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला और कहा कि यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।


🔴 योगी सरकार पर्यटन को बना रही रोजगार का माध्यम

अपने संबोधन में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल ने कहा कि प्रदेश की योगी सरकार पर्यटन को केवल घूमने तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि इसे रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ रही है। उन्होंने कहा कि मुजफ्फरनगर जनपद में कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां पर्यटन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।

उन्होंने विशेष रूप से मोरना, शुक्रताल और हस्तिनापुर जैसे क्षेत्रों में पर्यटन को विकसित करने पर जोर दिया।


🔴 शुक्रताल को प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने की पहल

मुख्य विकास अधिकारी कमल किशोर कंडारकर ने कहा कि जनपद में शुक्रताल को एक प्रमुख तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्यटन के साथ ग्रामीण पर्यटन को जोड़कर स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों के लिए आजीविका के नए रास्ते खोले जा सकते हैं।

उन्होंने प्रतिभागियों को पर्यटन विभाग से जुड़कर प्रशिक्षण लेने और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया।


🔴 पर्यटन में अपार संभावनाओं वाले क्षेत्र

संगोष्ठी में सीएम फेलो कुणाल वर्मा और आदित्य त्यागी ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि शुक्रताल, देवल और मोरना-भोपा जैसे क्षेत्रों में धार्मिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक पर्यटन की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।

उन्होंने बताया कि सही मार्गदर्शन और प्रशिक्षण मिलने पर ये क्षेत्र भविष्य में बड़े पर्यटन केंद्र के रूप में उभर सकते हैं।


🔴 स्थानीय गाइडों को मिला सम्मान

कार्यक्रम के दौरान पर्यटन विभाग की ओर से स्थानीय टूरिज्म गाइड रविता, सोनिया शर्मा, साक्षी पालर और तनु चौधरी को सम्मानित किया गया। इन गाइडों को उनके योगदान और पर्यटन गतिविधियों में सक्रिय भूमिका के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।

यह सम्मान स्थानीय युवाओं को पर्यटन क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने वाला माना जा रहा है।


🔴 लक्ष्य एनजीओ की प्रस्तुति, प्रशिक्षणार्थियों से संवाद

उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा नामित कार्यदायी संस्था लक्ष्य एनजीओ के प्रतिनिधि संदीप उपाध्याय ने अपनी प्रस्तुति दी। उन्होंने प्रशिक्षण की रूपरेखा, रोजगार संभावनाओं और सरकारी सहयोग की जानकारी साझा की।

साथ ही प्रशिक्षणार्थियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का भी विस्तार से उत्तर दिया गया, जिससे प्रतिभागियों में योजना को लेकर स्पष्टता बनी।


🔴 राजनीतिक और सामाजिक प्रतिनिधियों की मौजूदगी

कार्यक्रम में राष्ट्रीय लोक दल के नेता विदित मलिक सहित अन्य कई सामाजिक और राजनीतिक पदाधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने पर्यटन को जनपद के विकास का मजबूत आधार बताते हुए इस तरह के आयोजनों की सराहना की।


मुजफ्फरनगर में आयोजित यह संगोष्ठी ग्रामीण पर्यटन को नई दिशा देने की एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखी जा रही है। बेड एंड ब्रेकफास्ट जैसी योजनाओं के माध्यम से ग्रामीणों को सीधे तौर पर पर्यटन से जोड़ने की रणनीति न केवल रोजगार बढ़ाएगी, बल्कि जिले के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को भी नई पहचान दिलाएगी। अब आने वाले समय में इन योजनाओं का जमीनी असर देखने की उम्मीद की जा रही है।

 

Dr. S.K. Agarwal

डॉ. एस.के. अग्रवाल न्यूज नेटवर्क के मैनेजिंग एडिटर हैं। वह मीडिया योजना, समाचार प्रचार और समन्वय सहित समग्र प्रबंधन के लिए जिम्मेदार है। उन्हें मीडिया, पत्रकारिता और इवेंट-मीडिया प्रबंधन के क्षेत्र में लगभग 3.5 दशकों से अधिक का व्यापक अनुभव है। वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई प्रतिष्ठित समाचार पत्रों, चैनलों और पत्रिकाओं से जुड़े हुए हैं। संपर्क ई.मेल- drsanjaykagarwal@gmail.com

Dr. S.K. Agarwal has 409 posts and counting. See all posts by Dr. S.K. Agarwal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

nine + 2 =