Muzaffarnagar पुलिस लाइन में DIG की सख्त बैठक, बजट समीक्षा से लेकर प्रशिक्षु आरक्षियों की सुविधाओं तक दिए गए स्पष्ट निर्देश
Muzaffarnagar Police Meeting के अंतर्गत पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली। पुलिस उपमहानिरीक्षक सहारनपुर परिक्षेत्र द्वारा पुलिस लाइन मुजफ्फरनगर में राजपत्रित अधिकारियों के साथ एक विस्तृत गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें वित्तीय अनुशासन, संसाधनों के समुचित उपयोग और प्रशिक्षु आरक्षियों की व्यवस्थाओं को लेकर स्पष्ट व ठोस दिशा-निर्देश जारी किए गए।
🔴 DIG सहारनपुर की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय गोष्ठी
यह गोष्ठी पुलिस उपमहानिरीक्षक सहारनपुर परिक्षेत्र अभिषेक सिंह की अध्यक्षता में पुलिस लाइन मुजफ्फरनगर में आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य जिले में पुलिस प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रशासनिक और वित्तीय विषयों की गहन समीक्षा करना रहा।
गोष्ठी में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा, पुलिस अधीक्षक नगर सत्यनारायण प्रजापत, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आदित्य बंसल, समस्त क्षेत्राधिकारीगण सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने विभागीय दायित्वों और मौजूदा व्यवस्थाओं पर अपने-अपने पक्ष और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
🔴 चालू वित्तीय वर्ष के बजट की गहन समीक्षा
Muzaffarnagar Police Meeting के दौरान सर्वप्रथम चालू वित्तीय वर्ष के बजट की विस्तृत समीक्षा की गई। बजट के मदवार व्यय, प्रस्तावित विकास एवं प्रशासनिक कार्यों तथा लंबित मामलों पर विस्तार से चर्चा हुई। DIG सहारनपुर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का उपयोग पूर्ण पारदर्शिता, मितव्ययिता और गुणवत्ता के साथ किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी प्रकार का व्यय शासन द्वारा निर्धारित नियमों, प्रक्रियाओं और समयसीमा के अनुरूप ही किया जाए। बजट खर्च में अनियमितता या अनावश्यक विलंब को गंभीरता से लिया जाएगा।
🔴 वित्तीय अनुशासन पर विशेष जोर
बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि पुलिस विभाग में वित्तीय अनुशासन केवल औपचारिकता न रहकर कार्यसंस्कृति का हिस्सा बने। DIG ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी भुगतान, खरीद और निर्माण कार्य तय मानकों के अनुरूप हों और उनका समय-समय पर मूल्यांकन किया जाए।
Muzaffarnagar Police Meeting के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि लंबित वित्तीय प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य की योजनाओं और कार्यों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।
🔴 प्रशिक्षु आरक्षियों के व्यवस्थापन पर केंद्रित चर्चा
गोष्ठी का एक प्रमुख और संवेदनशील विषय प्रशिक्षु आरक्षियों के व्यवस्थापन से जुड़ा रहा। DIG सहारनपुर ने प्रशिक्षु आरक्षियों के आवास, भोजन, पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधा, प्रशिक्षण सामग्री और अनुशासन व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रशिक्षण के दौरान किसी भी प्रशिक्षु को मूलभूत सुविधाओं की कमी का सामना न करना पड़े। प्रशिक्षण परिसर में स्वच्छता और स्वास्थ्य मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए।
🔴 प्रशिक्षण की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं
Muzaffarnagar Police Meeting में यह स्पष्ट संदेश दिया गया कि प्रशिक्षु आरक्षियों का प्रशिक्षण भविष्य की पुलिस व्यवस्था की नींव है। DIG ने कहा कि दैनिक प्रशिक्षण कार्यक्रम सुव्यवस्थित, समयबद्ध और उच्च गुणवत्ता वाला होना चाहिए।
प्रशिक्षण में शारीरिक दक्षता के साथ-साथ कानून, अनुशासन, मानवाधिकार और व्यवहारिक पुलिसिंग पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए, ताकि प्रशिक्षु आरक्षी एक संवेदनशील और जिम्मेदार पुलिसकर्मी के रूप में तैयार हो सकें।
🔴 अधिकारियों को सौंपे गए स्पष्ट दायित्व
बैठक के अंत में DIG सहारनपुर ने सभी अधिकारियों को अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा, उत्तरदायित्व और पारदर्शिता के साथ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग की कार्यकुशलता और सार्वजनिक छवि सीधे तौर पर अधिकारियों की कार्यशैली से जुड़ी होती है।
Muzaffarnagar Police Meeting के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि अनुशासित, प्रशिक्षित और संसाधनों का सही उपयोग करने वाली पुलिस व्यवस्था ही जनता का विश्वास जीत सकती है।

