अयोध्या स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में चमका चरथावल Muzaffarnagar का बेटा, 10 मीटर पिस्टल (पैरा) में जीता स्वर्ण पदक
News-Desk
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10 मीटर पिस्टल पैरा शूटिंग, Muzaffarnagar, Muzaffarnagar shooter Fahad gold medal, अयोध्या शूटिंग प्रतियोगिता, चरथावल निशानेबाज फहाद, मुजफ्फरनगर खेल समाचार, युवा खिलाड़ी उपलब्धि, यूपी स्टेट शूटिंग चैंपियनशिपMuzaffarnagar के उभरते निशानेबाज मौ. फहाद ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाते हुए प्रदेश स्तर की प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। अयोध्या स्थित Dr. Bhimrao Ambedkar International Stadium में आयोजित 29वीं 10 मीटर पिस्टल (पैरा) उत्तर प्रदेश राज्य शूटिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए उन्होंने प्रथम स्थान प्राप्त किया।
प्रदेशभर से आए प्रतिभाशाली निशानेबाजों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा के बावजूद फहाद ने अपने सटीक निशाने, मानसिक संतुलन और अनुशासित अभ्यास के दम पर प्रतियोगिता में श्रेष्ठता साबित की। उनकी इस उपलब्धि से पूरे मुजफ्फरनगर जनपद में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।
कड़े मुकाबले में दिखाई असाधारण एकाग्रता और आत्मविश्वास
राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में जीत हासिल करना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता, खासकर तब जब प्रतिभागियों की संख्या अधिक हो और प्रतिस्पर्धा का स्तर बेहद ऊंचा हो। इस चैंपियनशिप में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे अनुभवी और प्रशिक्षित निशानेबाजों ने भाग लिया था।
ऐसे चुनौतीपूर्ण वातावरण में फहाद ने लगातार स्थिर प्रदर्शन करते हुए निर्णायक दौर तक अपनी बढ़त बनाए रखी और अंततः स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया। खेल विशेषज्ञों के अनुसार यह सफलता उनकी तकनीकी दक्षता और मानसिक मजबूती का प्रमाण है।
साधारण परिवार से निकलकर असाधारण उपलब्धि तक का सफर
चरथावल निवासी मौ. फहाद का संबंध एक साधारण परिवार से है, लेकिन उनके लक्ष्य हमेशा बड़े रहे हैं। उनके पिता मौ. यासीन जनपद के एसपी कार्यालय में बाबू के पद पर कार्यरत हैं और शुरू से ही उन्होंने अपने बेटे की खेल प्रतिभा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
परिवार के सदस्यों का कहना है कि बचपन से ही फहाद की रुचि खेलों की ओर रही, लेकिन शूटिंग के प्रति उनका विशेष झुकाव धीरे-धीरे उनकी पहचान बन गया। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अभ्यास में कभी कमी नहीं आने दी।
परिवार का सहयोग बना सफलता की मजबूत नींव
किसी भी खिलाड़ी की सफलता के पीछे उसके परिवार का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। फहाद की इस उपलब्धि में भी उनके परिवार की भूमिका उल्लेखनीय रही है।
उनके चाचा नावेद नगर पंचायत में कार्यवाहक टैक्स लिपिक के रूप में कार्यरत हैं और उन्होंने भी फहाद को लगातार प्रोत्साहित किया। परिवार के सभी सदस्यों ने उनकी जीत को पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया है।
लगन, अनुशासन और निरंतर अभ्यास से मिली पहचान
खेल विशेषज्ञों का मानना है कि निशानेबाजी ऐसा खेल है जिसमें तकनीकी कौशल के साथ-साथ मानसिक स्थिरता अत्यंत आवश्यक होती है। फहाद ने लगातार अभ्यास और अनुशासित दिनचर्या के माध्यम से अपनी तकनीक को मजबूत किया।
उनकी सफलता इस बात का प्रमाण है कि संसाधनों की कमी प्रतिभा के रास्ते में बाधा नहीं बनती, यदि खिलाड़ी का लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत निरंतर जारी रहे।
जिले में खुशी का माहौल, जनप्रतिनिधियों ने दी बधाई 🎯
फहाद की इस उपलब्धि के बाद मुजफ्फरनगर और चरथावल क्षेत्र में खुशी की लहर देखी जा रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों, खेल प्रेमियों और सामाजिक संगठनों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।
कई लोगों ने उम्मीद जताई है कि आने वाले समय में फहाद राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्रदेश और देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।
युवाओं के लिए प्रेरणा बना फहाद का संघर्ष और समर्पण
आज के दौर में जब संसाधनों की कमी को अक्सर बाधा माना जाता है, ऐसे समय में फहाद की सफलता प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है। उन्होंने यह साबित किया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
उनकी उपलब्धि विशेष रूप से उन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है जो सीमित परिस्थितियों के बावजूद बड़े सपने देखने का साहस रखते हैं।
राष्ट्रीय स्तर की तैयारी की ओर बढ़ रहे कदम
राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल करने के बाद अब फहाद की नजर आगामी राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर टिकी है। खेल जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि यदि उन्हें उचित प्रशिक्षण और संसाधन मिलते रहे तो वे भविष्य में देश के लिए पदक जीतने की क्षमता रखते हैं।
स्थानीय खेल प्रेमियों ने भी प्रशासन से ऐसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।

