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Muzaffarnagar से उठी व्यापारी हितों की गूंज: उरई में प्रदेश कार्यकारिणी बैठक में ई-कॉमर्स रेगुलेशन से लेकर वन नेशन-वन मंडी शुल्क तक बड़े फैसले, पीएम मोदी को सौंपा गया ज्ञापन

Muzaffarnagar traders meeting ने उत्तर प्रदेश के व्यापारी समुदाय की आवाज को एक बार फिर प्रदेश और केंद्र के नीति-निर्माताओं तक पहुंचाने का काम किया। जालौन जनपद के उरई स्थित होटल श्याम सरोवर में आयोजित उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल (रजि.) की प्रदेश कार्यकारिणी बैठक में प्रदेश के 56 जिलों से आए प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह बैठक न केवल संगठनात्मक मजबूती का मंच बनी, बल्कि व्यापारियों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर खुलकर विचार-विमर्श का केंद्र भी रही।

बैठक की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष श्री मुकुंद मिश्रा ने की, जबकि मुजफ्फरनगर जिले से वरिष्ठ प्रांतीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक श्री अशोक कंसल ने प्रतिनिधित्व करते हुए बेबाक और तथ्यपूर्ण तरीके से व्यापारियों की समस्याएं और मांगें सामने रखीं।


🔴 प्रदेश भर से जुटे प्रतिनिधि, व्यापारिक एकता का प्रदर्शन

प्रदेश के अलग-अलग कोनों से आए प्रतिनिधियों ने यह संदेश दिया कि व्यापारी वर्ग अब सिर्फ स्थानीय समस्याओं तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि नीति-निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए संगठित और सजग है। बैठक में छोटे व्यापारियों से लेकर बड़े उद्योग प्रतिनिधियों तक ने हिस्सा लिया, जिससे चर्चा का दायरा व्यापक और बहुआयामी बन गया।

श्री मुकुंद मिश्रा ने अपने उद्घाटन संबोधन में कहा कि बदलते आर्थिक परिवेश में व्यापारी वर्ग को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, और संगठन का उद्देश्य इन चुनौतियों के समाधान के लिए सरकार के साथ संवाद को मजबूत करना है।


🔴 प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन, केंद्र से सीधे संवाद की पहल

Muzaffarnagar traders meeting का एक अहम पहलू वह क्षण रहा जब वरिष्ठ प्रांतीय उपाध्यक्ष श्री अशोक कंसल ने आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नाम एक विस्तृत ज्ञापन प्रदेश अध्यक्ष मुकुंद मिश्रा को सौंपा। इस ज्ञापन में व्यापारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को केंद्र सरकार के समक्ष रखने की मांग की गई।

ज्ञापन में विशेष रूप से व्यापारियों की सुरक्षा, कर प्रणाली में समानता, ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए स्पष्ट नियम और बुनियादी ढांचे के विकास जैसे विषयों पर जोर दिया गया।


🔴 व्यापारी सुरक्षा बोर्ड में नियुक्ति पर हर्ष

बैठक में प्रदेश महामंत्री श्री राजेंद्र गुप्ता की व्यापारी सुरक्षा बोर्ड में नियुक्ति पर खुशी जताई गई। इस अवसर पर श्री ईश्वर कंसल के साथ उन्हें पटका पहनाकर सम्मानित किया गया। प्रतिनिधियों ने इसे व्यापारी समुदाय की आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया।


🔴 ई-कॉमर्स और ऑनलाइन ट्रेडिंग पर सख्त कानून की मांग

Muzaffarnagar traders meeting में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय ऑनलाइन ट्रेडिंग और ई-कॉमर्स कंपनियों को रेगुलेटिंग एक्ट के तहत लाने की मांग रही। प्रतिनिधियों का कहना था कि अनियंत्रित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए असमान प्रतिस्पर्धा का माहौल बना रहे हैं।

बैठक में धरना-प्रदर्शन और चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तय की गई, ताकि सरकार तक यह संदेश पहुंचे कि व्यापारियों के हितों की अनदेखी अब स्वीकार नहीं की जाएगी।


🔴 वन नेशन-वन मंडी शुल्क पर जोरदार बहस

श्री अशोक कंसल ने वन नेशन-वन मंडी शुल्क के मुद्दे पर अपने विचार रखते हुए कहा कि हरियाणा और अन्य राज्यों की तर्ज पर सभी जिंसों पर मंडी शुल्क समाप्त कर केवल 50 पैसे का यूजर चार्ज लगाया जाना चाहिए, जिससे मंडियों के रखरखाव का खर्च पूरा हो सके।

उन्होंने यह भी कहा कि जब पूरे देश में जीएसटी एक समान है, तो मंडी शुल्क भी समान होना चाहिए ताकि उत्तर प्रदेश के व्यापारी दूसरे राज्यों के व्यापारियों के साथ प्रतिस्पर्धा में पीछे न रहें।


🔴 गुणवत्ता जांच के लिए हर जिले में प्रयोगशाला की मांग

Muzaffarnagar traders meeting में यह मुद्दा भी प्रमुखता से उठा कि पूरे प्रदेश में केवल दो प्रयोगशालाएं हैं, जबकि व्यापारी अनेक प्रकार की वस्तुओं का क्रय-विक्रय करते हैं। श्री कंसल ने मांग की कि प्रत्येक जिला मुख्यालय पर गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशाला स्थापित की जाए, ताकि व्यापारियों को अपनी वस्तुओं की जांच के लिए दूर न जाना पड़े।

यह कदम न केवल व्यापार में पारदर्शिता बढ़ाएगा, बल्कि उपभोक्ताओं को भी बेहतर गुणवत्ता की वस्तुएं मिलने में मदद करेगा।


🔴 टोल टैक्स और बैंकिंग व्यवस्था पर सवाल

बैठक में टोल टैक्स की दरों को लेकर भी आवाज उठी। प्रतिनिधियों ने मांग की कि सभी सड़कों पर टोल टैक्स की दरें एक समान हों और प्रत्येक टोल प्वाइंट पर उसकी समय सीमा स्पष्ट रूप से लिखी जाए, ताकि आम जनता को पता हो कि टोल कब तक वसूला जाएगा।

बैंकिंग व्यवस्था पर बोलते हुए श्री अशोक कंसल ने कहा कि क्लीयरिंग के चेक का भुगतान उसी दिन व्यापारी को मिलना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ बैंक कैश हैंडलिंग चार्ज काटते हैं, जबकि अन्य नहीं, जिससे असमानता पैदा होती है।


🔴 साइबर क्राइम और बैंक फ्रॉड पर त्वरित कार्रवाई की मांग

Muzaffarnagar traders meeting में यह भी कहा गया कि व्यापारियों के साथ होने वाले साइबर क्राइम और बैंक फ्रॉड के मामलों में पुलिस को तुरंत रिपोर्ट दर्ज करनी चाहिए। इससे न केवल अपराधियों पर लगाम लगेगी, बल्कि व्यापारियों का सिस्टम पर भरोसा भी मजबूत होगा।


🔴 राजनीतिक प्रतिनिधित्व की उठी आवाज

बैठक में यह प्रस्ताव भी रखा गया कि जिस तरह राज्यसभा और विधान परिषद में शिक्षकों और कलाकारों का प्रतिनिधित्व होता है, उसी तरह व्यापारियों का भी प्रतिनिधित्व होना चाहिए, ताकि वे सीधे अपनी समस्याएं नीति-निर्माताओं के सामने रख सकें।


🔴 गुड़ उद्योग और कृषि उत्पाद का दर्जा

श्री कंसल ने मांग की कि गुड़ को भी कृषि उत्पादन घोषित किया जाए, ताकि उसके भंडारण, आढ़त और परिवहन पर लगने वाला जीएसटी समाप्त हो सके। उन्होंने कहा कि मंडियां खाली पड़ी हैं और कुछ असामाजिक तत्व किसानों के नाम पर गुड़ की तस्करी कर रहे हैं, जिस पर रोक लगनी चाहिए।


🔴 एक राष्ट्र-एक टैरिफ और लाइसेंस व्यवस्था में सुधार

Muzaffarnagar traders meeting में बिजली विभाग के लिए एक राष्ट्र-एक टैरिफ योजना लागू करने की मांग की गई, ताकि उद्योगों का पलायन दूसरे राज्यों में न हो। इसके साथ ही व्यापारियों के सभी लाइसेंस को एक निश्चित शुल्क पर आजीवन करने और उनकी तिथि को 1 अप्रैल से लागू करने का प्रस्ताव भी रखा गया।


🔴 व्यापारी पेंशन और क्रेडिट कार्ड का सुझाव

बैठक में यह भी सुझाव आया कि सरकार व्यापारियों से वसूले जाने वाले टैक्स का एक प्रतिशत सरकारी कोष में जमा करे और 60 वर्ष की आयु के बाद व्यापारियों को पेंशन दी जाए। साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर व्यापारियों के लिए भी कम ब्याज पर क्रेडिट कार्ड की व्यवस्था हो।


🔴 मोरना शुगर मिल के लिए धन्यवाद प्रस्ताव

बैठक के अंत में श्री अशोक कंसल ने बताया कि उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के निवेदन पर मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने मोरना शुगर मिल के विस्तार के लिए 261 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की। इस पर सभी पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।


मुजफ्फरनगर से उठी यह आवाज अब केवल एक जिले की मांग नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के व्यापारी वर्ग की सामूहिक अपेक्षाओं का प्रतिबिंब बन चुकी है। उरई की बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया कि व्यापारियों का संगठन अब नीति, सुरक्षा, तकनीक और अधिकारों के हर मोर्चे पर सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है, और आने वाले समय में यह आंदोलन प्रदेश की आर्थिक दिशा को भी प्रभावित कर सकता है।

 

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