नूंह हादसा: दबिश पर गई UP Police टीम की गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त, चार सिपाहियों समेत पांच की मौत—ओवरटेक बना जानलेवा
हरियाणा के नूंह जिले में मंगलवार सुबह एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे ने पुलिस विभाग को गहरे शोक में डाल दिया। Nuh accident UP police team से जुड़ी इस घटना में उत्तर प्रदेश के उरई कोतवाली की टीम, जो अपहरण के एक मामले में कार्रवाई के लिए निकली थी, केएमपी एक्सप्रेसवे पर दुर्घटना का शिकार हो गई। हादसे में चार पुलिसकर्मियों और एक वादी की मौके पर ही मौत हो गई।
यह हादसा तावड़ू सदर थाना क्षेत्र में धुलावट टोल प्लाजा के पास हुआ, जहां स्कॉर्पियो वाहन ओवरटेक करने के दौरान अनियंत्रित हो गया और सामने से आ रहे वाहन से टकरा गया।
दबिश देने निकली थी टीम, अपहरण केस की जांच के दौरान हुआ हादसा
मिली जानकारी के अनुसार, उरई कोतवाली में दर्ज एक अपहरण मामले में अपहृत व्यक्ति की तलाश के लिए पुलिस टीम हरियाणा रवाना हुई थी। टीम आरोपियों की लोकेशन के आधार पर तावड़ू क्षेत्र पहुंची थी और मंगलवार सुबह करीब 10 बजे कार्रवाई की तैयारी में थी।
इसी दौरान उनकी गाड़ी सड़क हादसे का शिकार हो गई। घटना इतनी भयावह थी कि टक्कर के बाद वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और अंदर बैठे लोग बुरी तरह फंस गए।
ओवरटेक करने के दौरान अनियंत्रित हुई गाड़ी, टक्कर में गई जानें
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, स्कॉर्पियो वाहन ओवरटेक करने की कोशिश में संतुलन खो बैठा। तेज रफ्तार और अचानक नियंत्रण बिगड़ने के कारण गाड़ी सामने से आ रहे वाहन से जा भिड़ी।
इस भीषण टक्कर में उपनिरीक्षक सत्यभान सिंह, उपनिरीक्षक मोहित कुमार यादव, आरक्षी प्रदीप कुमार (सर्विलांस सेल) और आरक्षी अशोक कुमार (कोतवाली उरई) की मौके पर ही मौत हो गई।
वादी की भी मौत, पंजाब निवासी अमरीक सिंह ने तोड़ा दम
इस हादसे में अपहरण मामले के वादी अमरीक सिंह, जो पंजाब के संगरूर जिले के निवासी थे, की भी मृत्यु हो गई। वे पुलिस टीम के साथ ही घटना स्थल तक पहुंचे थे और हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए।
उनकी मौत के बाद यह हादसा और भी ज्यादा संवेदनशील हो गया, क्योंकि एक ही घटना में पुलिसकर्मी और नागरिक दोनों की जान चली गई।
क्षतिग्रस्त वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकालने में लगी मशक्कत
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया, लेकिन वाहन की स्थिति इतनी खराब थी कि अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने में काफी समय और मेहनत लगी।
दमकल और पुलिस की टीमों ने मिलकर क्षतिग्रस्त गाड़ी को काटकर शवों को बाहर निकाला। हादसे का दृश्य बेहद दर्दनाक बताया जा रहा है।
शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए, जांच शुरू
सभी मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस द्वारा दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। क्षतिग्रस्त वाहन को सड़क से हटाकर यातायात को सामान्य किया गया।
जालौन के पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस टीम एक मामले में हरियाणा गई थी, जहां यह दुर्घटना हो गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया गहरा शोक
इस दर्दनाक हादसे पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृत पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके परिजनों के प्रति संवेदना जताई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि हरियाणा सरकार के साथ समन्वय स्थापित कर मृतकों के पार्थिव शरीर को जल्द उनके घर तक पहुंचाया जाए और सभी आवश्यक औपचारिकताएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं।
प्रदेशभर में शोक, कई जिलों में पसरा मातम
इस हादसे के बाद जालौन ही नहीं, बल्कि कन्नौज, कासगंज, रायबरेली और बांदा सहित कई जिलों में शोक की लहर दौड़ गई है। मृतकों के घरों पर मातम पसरा हुआ है और परिजन गहरे सदमे में हैं।
एक साथ पांच लोगों की मौत ने पुलिस विभाग को झकझोर कर रख दिया है। साथी कर्मियों के बीच भी गहरा दुख और शोक का माहौल देखा जा रहा है।
सड़क सुरक्षा और पुलिस ऑपरेशन पर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ऑपरेशन के दौरान सावधानियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि तेज रफ्तार और जोखिम भरे ओवरटेकिंग जैसे कारण अक्सर ऐसे हादसों को जन्म देते हैं।
पुलिस ऑपरेशन के दौरान भी वाहन संचालन में अतिरिक्त सावधानी और रणनीतिक योजना की आवश्यकता पर जोर दिया जा रहा है।

