मनुष्य को अंतिम क्षण तक श्री राम नाम की रस्सी को पकडे़ रखना चाहिए: श्री केशवानंद
मुजफ्फरनगर। Muzaffarnagar News: सत्संग भवन (शामली रोड़) पर चल रही कथा के चौथे दिन श्री राम जन्मोत्सव हुआ।इस अवसर पर हनुमत धाम शुक्रताल के महामण्डलेश्वर श्री 1008 केशवानंद सरस्वती जी महाराज भी पधारे। अपने आर्शीवचन में श्री केशवानंद ने कहा कि मनुष्य को अंतिम क्षण तक श्री राम नाम की रस्सी को पकडे़ रखना चाहिए। यदि इसकी डोर छूट गई, तो मनुष्य का कल्याण संभव नहीं।
उन्होनें बताया कि श्री राम का नाम मनुष्य का जीवन है। मर्यादा पुरूषोत्तम श्री राम का जीवन चरित्र हमें बताता है कि परिवार में माता – पिता – भाइयों के साथ हमें कैसे जीवन व्यतीत करना है। अयोध्या की भूमि हम सबको जीना सिखाती है।
कथा व्यास पं0 श्याम शंकर मिश्र ने श्री राम जन्मोत्सव में श्री राम जन्म के बारे में कहा कि धरा (भूमि) पर धर्म की स्थापना के लिए प्रभु को मानव योनि व अन्य में अनेको बार अवतरित होना पड़ा है। उन्होने श्री राम जन्मोत्सव का वर्णन करते हुए माताओं के हर्ष – दुलार का उल्लेख करते हुए कहा कि श्री राम के अवतरित होते ही, धरती पर चारों ओर खुशियां ही खुशियां छा गई।
श्री राम जन्मोत्सव में एक से एक सुन्दर भजन प्रस्तुत किये गये और ’’आरती रघुवर लाला की, संवरिया नैन विशाला की’’ के साथ कथा को विश्राम दिया गया। कथा के दौरान मास्क व सोशल डिस्टेंट का पूर्ण ध्यान रखा गया और सभी श्रोताओं को मास्क का भी वितरण किया गया।
श्री राम कथा के आयोजन में सत्संग भवन ट्रस्ट की ओर से श्यामलाल बंसल (दालवाले) शिव कुमार, मास्टर ताराचंद राकेश वशिष्ठ, पं0 राजेश शास्त्री, सिद्ध पीठ वाले गुरूजी पं0 संजय कुमार, पंडित प्रवेश शास्त्री, नैनसी गर्ग, पं0 शिवांशमिश्रा, पं0 विश्वासमिश्रा, सुभाष चन्द्र अग्रवाल (शिक्षा विभाग वाले) आदि की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।

