Muzaffarnagar में ‘ऑपरेशन फार्मर फ्रेंड्स’ का बड़ा एक्शन: अवैध उर्वरक गोदाम पर छापा, 250 पेटियां जब्त, FIR दर्ज
मुजफ्फरनगर में किसानों को नकली और अवैध कृषि उत्पादों से बचाने के लिए जिला प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। Operation Farmer Friends Muzaffarnagar के तहत जिला कृषि विभाग की टीम ने सदर तहसील क्षेत्र में स्थित एक अवैध गोदाम पर छापेमारी कर भारी मात्रा में संदिग्ध उर्वरक और कृषि उत्पाद बरामद किए हैं। कार्रवाई के दौरान करीब 250 पेटियां बायोस्टिमुलेंट्स और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स जब्त किए गए, जबकि संबंधित फर्म प्रबंधन आवश्यक दस्तावेज और प्राधिकरण पत्र प्रस्तुत नहीं कर सका।
इस कार्रवाई को जिले में किसानों के हितों की सुरक्षा और कृषि क्षेत्र में अवैध कारोबार पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जिला प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि कृषि उत्पादों के नाम पर किसानों के साथ किसी प्रकार की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी के निर्देशन में चला विशेष अभियान
जिले में चलाए जा रहे Operation Farmer Friends Muzaffarnagar के अंतर्गत यह कार्रवाई जिलाधिकारी के निर्देश पर की गई। जिला कृषि अधिकारी राहुल सिंह तेवतिया को गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि कूकड़ा रोड के निकट स्थित एक गोदाम में बिना अनुमति बड़ी मात्रा में उर्वरकों और कृषि उत्पादों का भंडारण किया जा रहा है।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए कृषि विभाग की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की। अधिकारियों के अनुसार किसानों तक पहुंचने वाले कृषि उत्पादों की गुणवत्ता और वैधता सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसी उद्देश्य से लगातार निगरानी अभियान चलाए जा रहे हैं।
250 पेटियां बरामद, दस्तावेज नहीं दिखा सका प्रबंधन
छापेमारी के दौरान टीम ने गोदाम में बड़ी मात्रा में रखे गए बायोस्टिमुलेंट्स और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स की लगभग 250 पेटियां बरामद कीं। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद फर्म प्रबंधक से संबंधित उत्पादों के भंडारण, बिक्री और वितरण से जुड़े दस्तावेजों की मांग की।
हालांकि जांच के दौरान फर्म प्रबंधन किसी भी प्रकार का वैध उर्वरक प्राधिकरण पत्र, लाइसेंस या अन्य आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सका। अधिकारियों के अनुसार दस्तावेजों के अभाव में प्रथम दृष्टया अवैध भंडारण की पुष्टि हुई।
इस स्थिति को देखते हुए विभागीय टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पूरे स्टॉक को अपने कब्जे में ले लिया।
प्रयोगशाला जांच के लिए लिए गए नमूने
कृषि विभाग ने केवल भंडारण की वैधता की जांच तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रखी, बल्कि उत्पादों की गुणवत्ता और संरचना की भी जांच कराने का निर्णय लिया है।
अधिकारियों ने मौके से तीन अलग-अलग उत्पादों के नमूने एकत्रित किए हैं। इन नमूनों को परीक्षण के लिए अधिकृत प्रयोगशाला भेजा जाएगा। जांच रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद उत्पाद निर्धारित मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ऐसे उत्पाद गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरते तो उनका उपयोग किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है। यही कारण है कि विभाग नमूनों की वैज्ञानिक जांच को अत्यंत महत्वपूर्ण मान रहा है।
पूरा गोदाम किया गया सील
अवैध भंडारण की पुष्टि होने के बाद विभागीय अधिकारियों ने उपलब्ध सभी उर्वरकों, माइक्रोन्यूट्रिएंट्स और बायोस्टिमुलेंट्स को कब्जे में लेकर पूरे गोदाम परिसर को सील कर दिया।
कार्रवाई के दौरान विभागीय टीम ने स्टॉक का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार किया और मौके पर मौजूद सामग्री का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने कहा कि जांच पूरी होने तक जब्त सामग्री प्रशासनिक नियंत्रण में रहेगी।
गोदाम को सील किए जाने के बाद क्षेत्र में इस कार्रवाई की चर्चा तेज हो गई और स्थानीय स्तर पर कृषि विभाग की सक्रियता की सराहना भी की गई।
कानून का स्पष्ट उल्लंघन, दर्ज हुई एफआईआर
जिला कृषि अधिकारी राहुल सिंह तेवतिया ने बताया कि बिना वैध प्राधिकरण पत्र के उर्वरकों का भंडारण एवं बिक्री करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
उन्होंने कहा कि यह गतिविधि उर्वरक (अकार्बनिक, कार्बनिक या मिश्रित) नियंत्रण आदेश, 1985 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई का प्रावधान है क्योंकि इसका सीधा प्रभाव किसानों और कृषि उत्पादन पर पड़ सकता है।
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार संबंधित फर्म प्रबंधक और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करा दी गई है। विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की विधिक प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
किसानों के साथ धोखाधड़ी पर प्रशासन सख्त
प्रशासन का मानना है कि नकली, अवैध अथवा बिना प्रमाणित कृषि उत्पाद किसानों के लिए आर्थिक नुकसान का कारण बन सकते हैं। किसान अपनी मेहनत और पूंजी का निवेश फसलों में करते हैं, ऐसे में निम्न गुणवत्ता या संदिग्ध उत्पाद उनकी पूरी फसल को प्रभावित कर सकते हैं।
इसी वजह से जिला प्रशासन ने कृषि उत्पादों की बिक्री और भंडारण से जुड़े प्रतिष्ठानों पर निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि किसानों की सुरक्षा और कृषि क्षेत्र की पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता है।
ऑपरेशन फार्मर फ्रेंड्स के तहत आगे भी जारी रहेंगी कार्रवाई
Operation Farmer Friends Muzaffarnagar को जिला प्रशासन की एक विशेष पहल माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य किसानों को नकली उर्वरकों, अवैध कृषि रसायनों और अनधिकृत उत्पादों से बचाना है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में इसी प्रकार के औचक निरीक्षण और छापेमारी अभियान चलाए जाएंगे। जिन संस्थानों में नियमों का उल्लंघन पाया जाएगा, उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की कार्रवाइयों से कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी, किसानों का भरोसा मजबूत होगा और बाजार में केवल वैध एवं प्रमाणित उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।
कृषि क्षेत्र में जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
मुजफ्फरनगर कृषि प्रधान जनपदों में गिना जाता है, जहां बड़ी संख्या में किसान उर्वरकों और कृषि उत्पादों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में अवैध कारोबार पर कार्रवाई केवल कानून लागू करने का मामला नहीं बल्कि किसानों के आर्थिक हितों की रक्षा से भी जुड़ा हुआ है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी ऐसी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और किसानों को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी।

