CM Yogi का बड़ा फैसला: ओटीएस योजना 2026 से 19 हजार डिफॉल्टरों को राहत, ब्याज-पेनाल्टी में भारी छूट का ऐलान
Dr. S.K. Agarwal
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Ayodhya Development, cm yogi, government schemes, Housing News, OTS Scheme 2026, Property Dues, up news, Yogi AdityanathOTS Scheme 2026 Uttar Pradesh को लेकर CM Yogi /प्रदेश सरकार ने बड़ा और जनहितकारी कदम उठाने की तैयारी कर ली है। उत्तर प्रदेश में विकास प्राधिकरणों और आवास विकास परिषद की आवंटित संपत्तियों से जुड़े हजारों लंबित मामलों के समाधान के लिए जल्द ही एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस)-2026 लागू की जाएगी। इस फैसले से प्रदेश के 19 हजार से अधिक ऐसे आवंटियों को सीधी राहत मिलने की उम्मीद है, जो वर्षों से बकाया भुगतान और उस पर लगे भारी ब्याज व पेनाल्टी के बोझ से परेशान हैं।
🟠 सीएम योगी का स्पष्ट निर्देश: ओटीएस को बनाएं जनहितकारी
OTS Scheme 2026 Uttar Pradesh को लेकर योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को आवास विभाग और आवास विकास परिषद के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि ओटीएस योजना को केवल राजस्व वसूली का जरिया न बनाकर आम नागरिकों को राहत देने का माध्यम बनाया जाए।
सीएम योगी ने निर्देश दिए कि वर्षों से लंबित मामलों का निस्तारण ओटीएस के माध्यम से तेजी से किया जाए, ताकि न तो योजनाओं की प्रगति बाधित हो और न ही आम लोगों को अनावश्यक मानसिक व आर्थिक परेशानी झेलनी पड़े।
🟠 ब्याज और पेनाल्टी में भारी छूट का प्रावधान
OTS Scheme 2026 Uttar Pradesh के तहत आवासीय और व्यावसायिक दोनों तरह की संपत्तियों पर लगे ब्याज और दंड शुल्क में बड़ी छूट देने की तैयारी है। सरकार का मानना है कि मूल बकाया के साथ लगातार बढ़ते ब्याज और पेनाल्टी के कारण कई आवंटी भुगतान में असमर्थ हो गए, जिससे विवाद और मुकदमेबाजी बढ़ती चली गई।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना को सरल, पारदर्शी और व्यावहारिक बनाया जाए, ताकि हर पात्र आवंटी इसका लाभ बिना किसी जटिल प्रक्रिया के उठा सके।
🟠 किश्तों में भुगतान की सुविधा, एकमुश्त भुगतान पर अतिरिक्त लाभ
OTS Scheme 2026 Uttar Pradesh की सबसे अहम विशेषताओं में से एक होगी भुगतान में लचीलापन। सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि जो आवंटी एकमुश्त भुगतान करने की स्थिति में नहीं हैं, उन्हें किश्तों में भुगतान का विकल्प दिया जाए।
इसके साथ ही, जो आवंटी पूरा भुगतान एक साथ करेंगे, उन्हें अतिरिक्त छूट का लाभ देने के निर्देश भी दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी आवेदनों के निस्तारण के लिए समयसीमा तय करने और उसका सख्ती से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
🟠 2020 की ओटीएस योजना और कोविड का असर
गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2020 में भी ओटीएस योजना लागू की गई थी, जिससे हजारों आवंटियों को बड़ी राहत मिली थी। हालांकि, कोविड-19 महामारी के दौरान आर्थिक गतिविधियां ठप होने के कारण कई लोग अंतिम भुगतान नहीं कर सके और उनके मामले दोबारा डिफॉल्ट की श्रेणी में आ गए।
OTS Scheme 2026 Uttar Pradesh के तहत ऐसे सभी पुराने मामलों को फिर से राहत देने के उद्देश्य से शामिल किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में ऐसे डिफॉल्टरों की संख्या 19 हजार से अधिक है।
🟠 व्यापक प्रचार-प्रसार पर सीएम का जोर
सीएम योगी ने कहा कि इस बार यह सुनिश्चित किया जाए कि OTS Scheme 2026 Uttar Pradesh की जानकारी हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि कोई भी आवंटी जानकारी के अभाव में योजना के लाभ से वंचित न रहे।
सरकार का मानना है कि समय पर सूचना और सरल प्रक्रिया से न केवल आवंटियों को राहत मिलेगी, बल्कि सरकारी संस्थाओं की अटकी हुई योजनाओं को भी नई गति मिलेगी।
🟠 अयोध्या को मिलेगी नई सांस्कृतिक पहचान
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने अयोध्या विकास प्राधिकरण के अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया। उन्होंने अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के निकट वशिष्ठ भवन परिसर में वैदेही आर्ट गैलरी स्थापित करने के निर्देश दिए।
🟠 वैदेही आर्ट गैलरी: संस्कृति और तकनीक का संगम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित वैदेही आर्ट गैलरी माता सीता के जीवन, आदर्शों और चरित्र पर केंद्रित होगी। इसमें मिथिला की संस्कृति, लोक परंपराओं और पारंपरिक कला को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाएगा।
साथ ही, कथा-वस्तु, डिजाइन, विजुअल भाषा और आधुनिक तकनीक का समुचित उपयोग करते हुए इसे एक विश्वस्तरीय सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाए, ताकि अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक समृद्ध अनुभव मिल सके।
🟠 राहत और विकास, दोनों पर सरकार का फोकस
OTS Scheme 2026 Uttar Pradesh और अयोध्या से जुड़े सांस्कृतिक विकास के निर्देश यह संकेत देते हैं कि प्रदेश सरकार का फोकस एक साथ दो मोर्चों पर है—एक ओर आम नागरिकों को आर्थिक राहत देना और दूसरी ओर राज्य की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर मजबूत करना।

