Pakistan–Afghanistan ‘ओपन वॉर’ का ऐलान: काबुल से कंधार तक एयरस्ट्राइक, सीमा पर भीषण संघर्ष
Pakistan Afghanistan open war की घोषणा ने दक्षिण एशिया की सुरक्षा स्थिति को अचानक विस्फोटक बना दिया है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि अब पाकिस्तान और अफगानिस्तान की तालिबान सरकार के बीच “खुला युद्ध” चल रहा है। यह बयान ऐसे समय आया है जब काबुल समेत कई इलाकों में विस्फोटों की खबरें हैं और डूरंड लाइन के पास सीमा पर भीषण झड़पें जारी हैं।
🔴 प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का सख्त संदेश
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने बयान जारी कर कहा कि इस्लामाबाद ने “हमेशा शांति की कोशिश की”, लेकिन अब पाकिस्तान की सशस्त्र सेनाएं “किसी भी आक्रामकता का मजबूती से जवाब देंगी।”
सरकार के अनुसार, यह कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई है।
#WATCH | Pakistan–Afghanistan संघर्ष
अफ़ग़ान तालिबान कमांडर हामिद ख़ोरासानी ने कुछ घंटे पहले स्टेट टीवी पर कहा था —
“Pakistan के पास nuclear weapons और ballistic missiles हैं, लेकिन Taliban के पास suicide bombers की battalions हैं।”अब खबर है कि हामिद ख़ोरासानी लड़ाई में शामिल… pic.twitter.com/9FT7jVOmHL
— News & Features Network | World & Local News (@newsnetmzn) February 27, 2026
🔴 किन इलाकों को बनाया गया निशाना?
पाकिस्तानी पक्ष का दावा है कि अफगानिस्तान में तीन प्रमुख क्षेत्रों—काबुल, पक्तिया और कंधार—में एयरस्ट्राइक की गई हैं।
तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने भी इन्हीं स्थानों का उल्लेख करते हुए कहा कि पाकिस्तान के हवाई हमलों का “सैन्य तरीके से जवाब” दिया जा रहा है।
इसके साथ ही पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय ने कहा कि खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के चितराल, खैबर, मोहम्मद, कुर्रम और बाजौर जिलों में अफगान तालिबान से जुड़े ठिकानों को भी निशाना बनाया गया है।
🔴 अफगानिस्तान का दावा: 8 चौकियों पर कब्जा
अफगान मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तालिबान बलों ने जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना की आठ चौकियों पर कब्जा कर लिया है। संघर्ष नंगरहार, नूरिस्तान, कुनार, खोस्त, पक्तिया और पक्तिका जैसे सीमावर्ती इलाकों में जारी है।
डूरंड लाइन के पास गोश्ता (नंगरहार) और कुनार प्रांत में हालात तनावपूर्ण बताए जा रहे हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
🔴 हताहतों के दावे और विवाद
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता का कहना है कि 133 अफगान तालिबान लड़ाके मारे गए और 200 से अधिक घायल हुए हैं। अफगान पक्ष ने इन आंकड़ों की पुष्टि नहीं की है।
स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है और दोनों देशों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
🔴 अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया तेज
ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर अब्दुल्लाहियन अराघची ने दोनों देशों से बातचीत और अच्छे पड़ोसी संबंधों के जरिए विवाद सुलझाने की अपील की है।
रूस के विदेश मंत्रालय ने भी सीमा पार हमले रोकने और कूटनीतिक समाधान अपनाने का आह्वान किया है। रूसी समाचार एजेंसी RIA के अनुसार, मॉस्को ने मध्यस्थता की पेशकश भी की है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भी दोनों देशों से “राजनयिक माध्यमों से मतभेद सुलझाने” की अपील की है।
🔴 ख्वाजा आसिफ का ‘ओपन वॉर’ बयान
ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि पाकिस्तान ने हालात स्थिर रखने के लिए प्रत्यक्ष और मित्र देशों के माध्यम से हर संभव प्रयास किया।
उन्होंने तालिबान पर देश के भीतर आतंकवाद और अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाया और कहा, “हमारा सब्र अब खत्म हो चुका है। अब यह खुला युद्ध है और निर्णायक कार्रवाई होगी।”
🔴 करजई का जवाब: ‘अफगान एकजुट होकर जवाब देंगे’
अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने कहा कि अफगान जनता अपने देश की रक्षा पूरी एकजुटता से करेगी और किसी भी आक्रमण का साहसपूर्वक जवाब देगी।
उन्होंने पाकिस्तान से अपनी नीतियों में बदलाव और “अच्छे पड़ोसी संबंध” अपनाने की अपील की।
🔴 TTP और हवाई हमलों की पृष्ठभूमि
हालिया तनाव की जड़ में पाकिस्तान का दावा है कि उसने अफगानिस्तान के भीतर पाकिस्तानी तालिबान (TTP) और इस्लामिक स्टेट से जुड़े ठिकानों पर हवाई हमले किए थे।
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने कहा था कि यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई और जरूरत पड़ने पर आगे भी ऐसे ऑपरेशन होंगे।
🔴 शरणार्थी और मानवीय संकट की आशंका
टॉरखम बॉर्डर के पास अफगान शरणार्थियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान से लौट रहे शरणार्थियों के शिविर खाली कराए गए हैं।
यदि संघर्ष लंबा खिंचता है, तो दोनों देशों में मानवीय संकट गहराने की आशंका है।

