काली नदी के प्रदूषण पर लगेगी लगाम, एसटीपी प्लांट शुरू
मुजफ्फरनगर। प्रदूषण की मार झेल रही काली नदी में अब नगर पालिका से निकलने वाला गंदा पानी नहीं जाएगा। डेढ़ साल से भी ज्यादा समय बंद पड़े एसटीपी प्लांट को चालू कर दिया गया है। अभी इसका एक पंपिंग स्टेशन शुरू हुआ है जबकि दो अन्य भी जल्द ही चालू हो जाएंगे। उनकी मरम्मत का काम चल रहा है।
नगर पालिका क्षेत्र के करीब नौ नाले किसी न किसी माध्यम से काली और हिंडन नदी में जाकर मिलते हैं। चार नाले तो सीधे तौर पर काली पश्चिमी नदी में गिरते हैं। इससे यह नदी प्रदूषित हो गई है। काली नदी पर किदवईनगर में 32.5 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रति दिन) क्षमता का सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बना है, लेकिन यह डेढ़ साल से बंद था।
इस प्लांट के किदवई नगर और श्मशान घाट समेत तीन पंपिंग स्टेशन हैं।
इनका काम नालों के पानी को पंप करके किदवईनगर के चार तालाबों तक ले जाना है, जहां पानी सूखने के बाद गंदगी अलग हो जाती है। शासन से इस एसटीपी के संचालन की जिम्मेदारी एक कंपनी को दी गई है। ईओ विनय कुमार मणि त्रिपाठी ने बताया कि कंपनी ने किदवईनगर के प्लांट का संचालन शुरू कर दिया है। श्मशान घाट पर बने पंपिंग स्टेशन की मशीनें भी ठीक हैं। इसे भी चलाकर देख लिया गया है। मरम्मत कार्य पूर्ण होते ही यहां पर गिर रहे नाले को पंपिंग स्टेशन से जोड़ दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि बहुत जल्द पूरा प्लांट चालू हो जाएगा और शहर का गंदा पानी नदी में नहीं जाएगा।
जाल लगाकर रोकी जा रही गंदगी-श्मशान घाट के पास बने पंपिंग स्टेशन का संचालन अभी नहीं हुआ है। यहां मरम्मत कार्य हो रहा है। यहां पर गिर रहे नाले में आने वाली गंदगी को जाल लगाकर रोका जा रहा है। नाले का पानी अभी सीधे नदी में ही गिर रहा है।
गंदे पानी में घुसकर नदी पार कर रहे लोग-काली नदी शहर के पीछे से तो साफ-सुथरी है लेकिन नगर के पास आते ही इसमें गंदे नाले गिरने शुरू हो जाते हैं। नालों के पानी से नदी प्रदूषित हो रही है। श्मशान घाट के पास रहने वाले लोगों के खेत नदी के पार हैं।
इन्हें गंदे पानी से होकर ही खेतों पर जाना पड़ता है। लग चुका है 62 लाख का जुर्माना-काली नदी को प्रदूषित करने के मामले में नगर पालिका पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड 62 लाख रुपये का जुर्माना लगा चुका है।
शहर से प्रतिदिन करीब सौ एमएलडी प्रतिदिन निकलता है। इसके सामने एसटीपी की क्षमता काफी कम है। इसलिए एसटीपी की क्षमता को बढ़ाकर 65 एमएलडी करने की योजना है।काली नदी के किनारे एसटीपी को शुरू करा दिया गया है। इससे नालों का पानी नदी में नहीं जाएगा। – अतुल कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट।
