Canada से संगरूर तक खून की साजिश: परमानेंट सिटिजनशिप के लालच में युवती की हत्या, आरोपी की धमकियों और गिरफ्तारी से खुला पूरा राज
Punjab girl murdered in Canada की यह कहानी केवल एक हत्या की नहीं, बल्कि सपनों, लालच, धमकियों और अंतरराष्ट्रीय कानून के बीच फंसे एक परिवार के संघर्ष की है। पंजाब के संगरूर जिले से बेहतर भविष्य की तलाश में कनाडा गई एक युवती की हत्या और फिर उसके परिवार को भारत में दी गई धमकियों ने पूरे इलाके को दहला दिया है। इस सनसनीखेज मामले में अब आरोपी की गिरफ्तारी के बाद परत-दर-परत पूरी साजिश सामने आ रही है।
🔴 बेहतर जिंदगी का सपना और कनाडा की उड़ान
संगरूर जिले की रहने वाली अमनप्रीत ने अपने परिवार को एक सुरक्षित और सम्मानजनक भविष्य देने के मकसद से कनाडा का रुख किया था। मेहनत और संघर्ष के बाद वह वहां परमानेंट सिटिजन बन गई थी। परिवार को उम्मीद थी कि अब उसकी जिंदगी स्थिरता की ओर बढ़ रही है।
लेकिन यही परमानेंट रेजिडेंसी एक ऐसे युवक की नजरों में आ गई, जो उत्तर प्रदेश का रहने वाला था और अमनप्रीत का परिचित था। उसका मकसद साफ था—जबरन शादी कर कनाडा की नागरिकता हासिल करना।
🔴 जबरन शादी का दबाव और इगो की चोट
परिवार और पुलिस के मुताबिक, आरोपी युवक अमनप्रीत पर शादी का दबाव बना रहा था। उसका मानना था कि अगर यह रिश्ता हो जाता है, तो उसे भी कनाडा में स्थायी रूप से रहने का मौका मिल जाएगा।
अमनप्रीत ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। यही इनकार आरोपी के लिए “इगो हर्ट” बन गया। इसके बाद उसने कथित तौर पर पूरी योजना बनाकर युवती की हत्या करने का फैसला कर लिया।
🔴 नियाग्रा नदी के पास मिली खून से सनी लाश
अमनप्रीत के लापता होने के बाद परिवार परेशान हो गया। पिता के कहने पर उसकी बहन गुरसिमरन ने उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान नियाग्रा पुलिस को एक फोन कॉल मिला।
सूचना दी गई कि ओंटारियो के लिंकन इलाके में नियाग्रा नदी के पास एक सुनसान पार्क में एक भारतीय लड़की की खून से लथपथ लाश पड़ी है। पुलिस मौके पर पहुंची तो दृश्य भयावह था।
अमनप्रीत के शरीर पर चाकू के कई गहरे निशान थे। उसकी गर्दन पर किया गया वार इतना गहरा था कि चाकू आर-पार निकल गया था। डॉक्टरों के मुताबिक, इसी वार से उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
🔴 पहचान और परिवार पर टूटा पहाड़
पुलिस ने शव की पहचान के लिए तस्वीरें सर्कुलेट कीं। जब पुष्टि हुई कि मृतका अमनप्रीत है, तो संगरूर में उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
परिवार ने उम्मीद की कि कनाडा की पुलिस जल्द आरोपी को पकड़ लेगी और न्याय मिलेगा। लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई।
🔴 हत्या के बाद भारत भागा आरोपी
हत्या को अंजाम देने के बाद आरोपी कनाडा से फरार होकर भारत आ गया। उसने सोचा कि इस तरह वह जांच एजेंसियों से बच जाएगा।
लेकिन जैसे ही उसका नाम उजागर हुआ और वह हत्या के केस में फंसा, उसने उल्टा रास्ता अपनाया—परिवार को डराने और केस से पीछे हटाने की कोशिश।
🔴 सोशल मीडिया से शुरू हुई धमकियां
आरोपी ने व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम के जरिए अमनप्रीत की बहन गुरसिमरन और परिवार को धमकी भरे संदेश भेजने शुरू कर दिए। कभी केस वापस लेने की चेतावनी, तो कभी अश्लील टिप्पणियों के जरिए डराने की कोशिश की गई।
पुलिस के मुताबिक, उसने फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाकर परिवार की तस्वीरें फैलाने और बदनाम करने की भी कोशिश की।
🔴 हथियार लेकर घर तक पहुंचा आरोपी
धमकियों से भी जब परिवार पीछे नहीं हटा, तो आरोपी ने एक और खतरनाक कदम उठाया। अक्टूबर 2025 के अंत में वह कथित तौर पर हथियार लेकर संगरूर में अमनप्रीत के पिता इंद्रजीत के घर तक पहुंच गया।
उसने परिवार को कनाडा में चल रहे हत्या के मामले को रोकने की धमकी दी। इस घटना के बाद परिवार ने अपने घर के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगवाए।
🔴 CCTV में कैद हुआ सच
30 नवंबर 2025 और फिर 10 जनवरी 2026 को आरोपी की गतिविधियां सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गईं। फुटेज में वह घर के आसपास घूमता और निगरानी करता नजर आया।
इन सबूतों के बाद परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।
🔴 संगरूर पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
संगरूर के एसएसपी सरताज चहल ने बताया कि इंद्रजीत की शिकायत के आधार पर 14 जनवरी को साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
अगले ही दिन, 15 जनवरी को पुलिस ने उसे संगरूर से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उसके कनाडा में दर्ज हत्या के मामले की भी पुष्टि हुई।
🔴 अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जांच
पंजाब पुलिस ने बताया कि आरोपी कनाडा पुलिस को वांटेड है। इस मामले में दोनों देशों की पुलिस के बीच औपचारिक बातचीत चल रही है।
अगर कनाडा की पुलिस आरोपी को पूछताछ या ट्रायल के लिए मांगती है, तो भारत के कानून और अंतरराष्ट्रीय संधियों के तहत आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
🔴 परिवार का दर्द और न्याय की उम्मीद
अमनप्रीत का परिवार आज भी सदमे में है। उनकी मांग है कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिले, ताकि किसी और बेटी के सपनों को इस तरह कुचला न जाए।
संगरूर और आसपास के इलाकों में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि विदेश में बसे भारतीय युवाओं की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए और ऐसे मामलों में अंतरराष्ट्रीय कानून कितनी तेजी से काम करता है।
🔴 एक हत्या, कई सवाल
यह मामला केवल एक अपराध नहीं, बल्कि उस सोच को भी उजागर करता है, जिसमें परमानेंट सिटिजनशिप और बेहतर जिंदगी के नाम पर रिश्तों को हथियार बना लिया जाता है।
कनाडा से संगरूर तक फैली इस कहानी ने दिखा दिया कि अपराध की परछाई सरहदों तक सीमित नहीं रहती।

