Ratanpuri Firecracker Factory Fire: बिना लाइसेंस चल रहे पटाखा गोदाम में भीषण आग, दो नाबालिग झुलसे—Muzaffarnagar डीएम व एसएसपी मौके पर पहुंचे
News-Desk
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Ratanpuri firecracker factory fire, अवैध पटाखा फैक्ट्री, एसएसपी संजय वर्मा, डीएम उमेश मिश्रा, नाबालिग झुलसे, पटाखा गोदाम हादसा, मुजफ्फरनगर हादसा, मोहम्मदपुर माफी आगMuzaffarnagar जनपद के रतनपुरी थाना क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर माफी में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक पटाखा गोदाम में अचानक भीषण आग लग गई। इस हादसे में वहां काम कर रहे दो नाबालिग गंभीर रूप से झुलस गए, जिन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और पुलिस महकमे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए और हालात का जायजा लिया।
स्थानीय लोगों के अनुसार आग तेजी से फैली, जिससे कुछ समय के लिए पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। दमकल और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से आग पर काबू पाया जा सका।
घेर में संचालित हो रहा था पटाखा निर्माण कार्य
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गांव निवासी उमरेज पुत्र कसमुद्दीन के घेर में पटाखा निर्माण से जुड़ा गोदाम संचालित किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि यहां लंबे समय से पटाखों का निर्माण और भंडारण किया जा रहा था।
घटना के दिन अचानक आग लगने से परिसर में रखे ज्वलनशील सामग्री ने तेजी से आग को फैलने का मौका दिया, जिससे स्थिति कुछ समय के लिए बेहद गंभीर हो गई।
घटना में दो नाबालिग गंभीर रूप से झुलसे
आग लगने के समय गोदाम के भीतर काम कर रहे दो किशोर इसकी चपेट में आ गए। घायल बच्चों की पहचान कासिम पुत्र कादिर (उम्र लगभग 15 वर्ष) और हुजैफा पुत्र आजम (उम्र लगभग 15 वर्ष) के रूप में हुई है।
दोनों को गंभीर अवस्था में तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों की निगरानी में उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
दमकल और पुलिस की तत्परता से आग पर पाया गया नियंत्रण
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और रतनपुरी थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। संयुक्त प्रयासों से आग को फैलने से रोकते हुए समय रहते नियंत्रित कर लिया गया।
यदि आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जाता तो आसपास के अन्य मकानों और खेतों तक नुकसान पहुंचने की आशंका थी।
बिना लाइसेंस चल रहा था गोदाम, संचालक मौके से फरार
प्राथमिक जांच में यह तथ्य सामने आया है कि संबंधित पटाखा गोदाम के संचालन के लिए कोई वैध लाइसेंस प्राप्त नहीं किया गया था। घटना के बाद गोदाम संचालक मौके से फरार बताया जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह गोदाम लोनी, जनपद Ghaziabad के कुछ व्यक्तियों द्वारा किराये पर लिया गया था और यहां पटाखा निर्माण का कार्य किया जा रहा था। इस जानकारी के बाद जांच का दायरा और व्यापक कर दिया गया है।
क्षेत्राधिकारी और पुलिस टीम ने मौके पर किया निरीक्षण
घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी फुगाना/बुढ़ाना यतेन्द्र सिंह नागर पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से भी जानकारी जुटाई और गोदाम की स्थिति का जायजा लिया।
जांच के दौरान सुरक्षा मानकों और लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों की अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया जा रहा है।
डीएम उमेश मिश्रा और एसएसपी संजय वर्मा ने लिया घटनास्थल का जायजा
हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी Umesh Mishra और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Sanjay Verma भी मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया कि मामले की विस्तृत जांच कर जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अवैध पटाखा निर्माण पर प्रशासन सख्त, जांच तेज
इस घटना के बाद प्रशासन ने अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में संचालित ऐसे सभी इकाइयों की जांच की जाएगी और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
स्थानीय पुलिस ने मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है और किराये पर गोदाम लेने वाले व्यक्तियों की पहचान भी की जा रही है।
ग्रामीणों में दहशत, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे के बाद गांव मोहम्मदपुर माफी और आसपास के क्षेत्रों में लोगों के बीच चिंता का माहौल देखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि रिहायशी क्षेत्र के बीच पटाखा निर्माण जैसी गतिविधियां गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं।
लोगों ने प्रशासन से ऐसे अवैध गोदामों की नियमित जांच और निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की है।
प्रशासन ने दिए जांच के निर्देश, आगे की कार्रवाई जारी
घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है। गोदाम के संचालन से जुड़े व्यक्तियों की भूमिका, सुरक्षा मानकों की स्थिति और लाइसेंस संबंधी पहलुओं की विस्तार से पड़ताल की जा रही है।
जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित किए जाने की बात कही गई है।

