रतुल पुरी 354 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले के आरोप में गिरफ्तार
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के भांजे रतुल पुरी को 354 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले के आरोप में मंगलवार सुबह गिरफ्तार किया गया है। पुरी मोजरबेयर के पूर्व कार्यकारी निदेशक भी रह चुके हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रतुल पुरी और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।मुकदमा सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की तरफ से दायर 354 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले मामले में दर्ज किया गया था। जिसके बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने 14 अगस्त को पुरी को 20 अगस्त तक गिरफ्तारी से अंतरिम संरक्षण प्रदान किया था।
Moser Baer statement: The arrest by Enforcement Directorate is unfortunate. Moser Baer had operated in accordance with all legal compliances and this case now, when Moser Baer is in National Company Law Tribunal (NCLT), is motivated. https://t.co/nISXXkFZD2
— ANI (@ANI) August 20, 2019
रतुल पुरी की गिरफ्तारी के खिलाफ उनके वकील दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचे हैं। आज कोर्ट में इस मामले की सुनवाई होगी। सूत्रों का कहना है कि ईडी के पास 4 हजार करोड़ रुपये के एनपीए केस से जुड़ी काफी महत्वपूर्ण जानकारी है। साथ ही ईडी को पुरी के दुबई कनेक्शन की भी जानकारी मिली है। जिसमें पता चला है कि करीब 100 मिलियन डॉलर की रकम गलत तरीके से दुबई में निवेश की गई थी। आज ईडी की टीम हाईकोर्ट में दलील रखेगी। जिससे रतुल पुरी समेत अन्य आरोपियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

बता दें रतुल पुरी 3,600 करोड़ रुपये के अगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर घोटाले की जांच के दायरे में भी हैं। लेकिन अब ईडी ने उन्हें बैंक घोटाला मामले में गिरफ्तार किया है। इससे पहले ईडी ने अदालत में ये बात भी कही थी रतुल पुरी अगस्ता वेस्टलैंड के मामले में जांच से बच रहे हैं। हालांकि पुरी ने अपने खिलाफ गैर जमानती वारंट रद्द करने के लिए कोर्ट में याचिका भी दायर की थी।
जांच एजेंसी ने पुरी की इस याचिका का विरोध कर कहा है कि उसने कई बार पुरी को बुलाया था लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए। पुरी के वकील विजय अग्रवाल ने दावा किया है कि पुरी जांच में सहयोग करना चाहते हैं लेकिन एजेंसी उनके प्रति निष्पक्ष नहीं रही है।
अग्रवाल ने बाताया, “वो ईडी के साथ जांच में शामिल होना चाहते हैं लेकिन ईडी ने उन्हें ईमेल भेज दोपहर एक बजे बुलाया, जो कि ठीक नहीं है। कोई व्यक्ति इतने कम समय के नोटिस में जांच में कैसे शामिल हो सकता है। फिलहाल अदालत ने पुरी की याचिका पर अपना आदेश 21 अगस्त कर के लिए सुरक्षित रख लिया है।”
अधिकारियों ने रविवार को बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी ने पुरी के अलावा कंपनी एवं चार अन्य निदेशकों के खिलाफ इस संबंध में मामला दर्ज किया है। उन्होंने बताया कि एजेंसी ने कंपनी के कार्यालयों एवं आरोपी निदेशकों के आवास सहित छह स्थानों पर छापे मारे गए। जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है उनमें कंपनी मोजरबेयर, प्रबंध निदेशक दीपक पुरी, निदेशकों – नीता पुरी, संजय जैन और विनीत शर्मा शामिल हैं।
Delhi: CBI conducted searches today at 6 places including office of Moser Baer India Ltd in Okhla & at residential premises of present & former Directors of the company. A case was registered yesterday against them on allegations of cheating & defrauding banks. pic.twitter.com/3gWFdzZZFd
— ANI (@ANI) August 18, 2019
