त्रिपुंड और तिलक: किस दिन किस का तिलक लगाये?
चंदन का तिलक लगाने से पापों का नाश होता है, व्यक्ति संकटों से बचता है, उस पर लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहती है, ज्ञानतंतु संयमित व सक्रिय रहते हैं।
Read more...चंदन का तिलक लगाने से पापों का नाश होता है, व्यक्ति संकटों से बचता है, उस पर लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहती है, ज्ञानतंतु संयमित व सक्रिय रहते हैं।
Read more...ध और दूध से बने उत्पादों के लिए सबसे उपयुक्त है मिट्टी के बर्तन। मिट्टी के बर्तन में खाना बनाने से पूरे 100 प्रतिशत पोषक तत्व मिलते हैं। और यदि मिट्टी के बर्तन में खाना खाया जाए तो उसका अलग से स्वाद भी आता है
Read more...रात्रि के समय जन्म हो, तो उपग्रह स्पष्ट करने के लिए प्रक्रिया मे अंतर है। रात्रि मे वारेश से पांचवे खंड से गणना प्रारम्भ करेगे। जैसे रात्रिमान 28 घटी है।
Read more...जैसा की आपको बता दिया है की वास्तु के अनुसार ईशान कोण को बहुत शुभ माना जाता है, इसलिए ईशान कोण पर कभी भी बिजली के उपकरणों को नहीं रखना चाहिए, क्योंकि इससे पिता-पुत्रं में अनबन बनी रहती है।
Read more...मान्यता है कि छठ माता सूर्य देवता की बहन हैं। सूर्य देव की उपासना करने से छठ माई प्रसन्न होती हैं और मन की सभी इच्छाएं पूरी करती हैं। छठ की शुरुआत नहाय खाय से होती है
Read more...दीपावली की रात को काली-हल्दी घर लेकर आएं और काली हल्दी को चांदी के सिक्के के साथ पीले वस्त्र में बांधकर अपनी तिजोरी में रखने से धनलाभ होता है।
Read more...इसके उलट, पीपल को काटने वाले के घर की सुख-समृद्धि नष्ट होने की आशंका रहती है. इससे लोग पीपल को काटने से बचते हैं.
Read more...दिवाली हिन्दू धर्म का मुख्य पर्व है। रोशनी का पर्व दिवाली कार्तिक अमावस्या के दिन मनाया जाता है। दिवाली
Read more...दुकान अथवा व्यवसाय की शुरुआत करते समय चांदी की एक कटोरी में धनिया व एक कपूर की टिक्की डालकर उसमें चांदी की लक्ष्मी – गणेश की मूर्ति रख दें ।
Read more...एक ध्यान देने योग्य बात यह है कि इस व्रत को उसी वार को किया जाता है। जिस वार को दिपावली हों। परन्तु इस वर्ष अष्टमी तिथि क्षय होने के कारण इस वर्ष यह पर्व 8 नवम्बर रविवार के दिन मनाया जाएगा।
Read more...KarwaChauth सायं काल में चंद्रमा के दर्शन करने के बाद ही पति द्वारा अन्न एवं जल ग्रहण करें।पति, सास-ससुर सब का आशीर्वाद लेकर व्रत को समाप्त करें।
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