राष्ट्रपति Vladimir Putin की मौजूदगी में Russia ने शुरू किया अपना परमाणु युद्धाभ्यास
Russia और Ukraine मुद्दे पर जारी विवाद के मद्देनजर अमेरिका और पश्चिमी देशों में चिंता और डर का माहौल है. वहीं नाटो (Nato) और जी7 (G7) जैसे संगठन रूस से लगातार अपनी सेना Ukraine की सीमा से पीछे लेने की अपील कर रहे हैं.
रूस और अमेरिका (USA) के बीच बात इस हद तक बढ़ चुकी है कि नौबत परमाणु युद्ध तक पहुंच गयी है. अमेरिका ने परमाणु हमला करने में सक्षम बी-52 बॉम्बर्स जेट को यूरोप में तैनात कर दिया है, अपने सबसे आधुनिक स्टेल्थ फाइटर जेट F-35 को भी भेज दिया है. वहीं दूसरी तरफ शनिवार को रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin की मौजूदगी में रूस ने अब तक की सबसे बड़ी न्यूक्लियर मिसाइल ड्रिल (Nuclear Missile Drill) का अभ्यास शुरू कर दिया है.
The launch of the Yars intercontinental ballistic missile as part of a planned exercise of the strategic deterrence forces conducted under the leadership of the Supreme Commander-in-Chief of the Armed Forces of the Russian Federation V.Putin#DefenceMinistry #ArmyRussia #Yars pic.twitter.com/7I3Y9f1WW7
— Минобороны России (@mod_russia) February 19, 2022
हालांकि इस जंग को रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अहम बैठक भी हुई, लेकिन यहां भी रूस और उसके विरोधी देशों के बीच गरमा गरमी साफ दिखी. दूसरी तरफ रूस को रोकने के लिए यूरोप के कई देशों ने भी अपने-अपने फाइटर जेट्स की तैनाती कर दी है, तो रूस भी पीछे नहीं रहा है.
#WATCH #Russia ने शनिवार को परमाणु-सक्षम मिसाइलों का परीक्षण किया।राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सैन्य अभ्यास का निरीक्षण किया और जैसा कि #USA ने फिर से चेतावनी दी कि उनका मानना है कि मास्को दिनों के भीतर #Ukraine पर आक्रमण करने की योजना बना रहा है pic.twitter.com/d3ro4OZixV
— News & Features Network (@mzn_news) February 19, 2022
नेवी ने एक तरह से यूक्रेन पर अटैक का ट्रायल शुरु कर दिया है. रूसी राष्ट्रपति पुतिन पहले भी अमेरिका को अपने परमाणु हथियारों की याद दिला चुके हैं. पुतिन ने समाचार एजेंसियों से बात करते हुये कहा था कि हमें पता है कि नाटो की संयुक्त ताकत के सामने रूस का मुकाबला नहीं है. हम ये समझते हैं लेकिन हमें ये भी पता है कि रूस दुनिया की अग्रणी न्यूक्लियर ताकतों में से एक है.
पुतिन ने कहा कि कई दूसरे देशों से आधुनिक न्यूक्लियर फोर्स के मामले में रूस बहुत ज्यादा बेहतर है ऐसे में कोई भी विजेता नहीं होगा. यानी इशारों ही इशारों में पुतिन बता चुके हैं कि अगर जरूरत पड़ी तो वो अपने परमाणु बम का इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटेंगे.

