Sambhal में ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जा: तहसीलदार कोर्ट का बड़ा आदेश, जामा मस्जिद के इमाम और भाई पर करीब 7 करोड़ का जुर्माना
News-Desk
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Court Order News, Gram Samaj Land, Illegal Encroachment Case, sambhal, Sambhal News, UP Administration News, uttar pradesh newsSambhal Gram Samaj Land Case में तहसीलदार अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए ग्राम समाज की जमीन पर किए गए अवैध कब्जे को हटाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही अदालत ने शाही जामा मस्जिद के इमाम आफताब हुसैन वारसी और उनके भाई मेहताब हुसैन वारसी पर करीब 6 करोड़ 94 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि जिस जमीन पर मस्जिद, मजार और मकान का निर्माण किया गया है, वह ग्राम समाज की संपत्ति है और उस पर किया गया निर्माण पूरी तरह अवैध है। प्रशासन को भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित समय सीमा में कब्जा खाली न होने पर आगे की कार्रवाई की जाए।
सैफखां सराय गांव की जमीन का मामला
यह मामला संभल जिले के चंदौसी रोड स्थित सैफखां सराय ग्राम पंचायत क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। यहां गाटा संख्या 452 की करीब दो बीघा ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जा किए जाने की शिकायत सामने आई थी।
राजस्व अभिलेखों के अनुसार यह जमीन चकबंदी के समय वृक्षारोपण के लिए आरक्षित की गई थी। इसके बावजूद इस जमीन पर पक्के मकान, मस्जिद और दरगाह का निर्माण कर लिया गया था।
प्रशासन के अनुसार यह निर्माण बिना किसी वैध अनुमति के किया गया था।
1972 में ही निरस्त हो चुके थे पट्टे
तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि इस जमीन से जुड़ा विवाद काफी पुराना है। वर्ष 1972 में तत्कालीन तहसीलदार द्वारा इस गाटा पर दिए गए सभी पट्टों को निरस्त कर दिया गया था।
उस समय यह आदेश दिया गया था कि यह जमीन पुनः ग्राम समाज की संपत्ति मानी जाएगी और किसी भी व्यक्ति को इस पर कब्जा करने की अनुमति नहीं होगी।
इसके बावजूद आरोप है कि जामा मस्जिद के इमाम आफताब हुसैन वारसी और उनके भाई मेहताब हुसैन वारसी ने इस जमीन पर कब्जा बनाए रखा।
मस्जिद, दरगाह और मकान का निर्माण
जांच में सामने आया कि जमीन पर कब्जा बनाए रखने के बाद वहां पक्का मकान, मस्जिद और दरगाह का निर्माण कर लिया गया था।
राजस्व विभाग की रिपोर्ट के अनुसार यह निर्माण धीरे-धीरे किया गया और समय के साथ यह पूरा परिसर बन गया।
प्रशासन को जब इस मामले की जानकारी मिली तो राजस्व अधिकारियों ने इसकी जांच शुरू की और रिपोर्ट तैयार की।
लेखपाल की रिपोर्ट के बाद शुरू हुई कार्रवाई
Sambhal Gram Samaj Land Case में लेखपाल द्वारा दी गई रिपोर्ट और राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर मामला तहसीलदार अदालत में पहुंचा।
लंबे समय तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने मामले के सभी दस्तावेजों और तथ्यों की जांच की। इसके बाद कोर्ट ने सोमवार को अपना फैसला सुनाया।
अदालत ने अवैध घोषित किया निर्माण
तहसीलदार अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा कि ग्राम समाज की जमीन पर किया गया पूरा निर्माण अवैध है।
कोर्ट ने जमीन से अवैध कब्जा हटाने का निर्देश देते हुए प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा है।
इसके साथ ही आरोपियों पर 6 करोड़ 94 लाख रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया गया है।
जमीन खाली न करने पर होगी कार्रवाई
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय के भीतर जमीन खाली नहीं की गई या आदेश के खिलाफ अपील दाखिल नहीं की गई, तो प्रशासन जबरन बेदखली की कार्रवाई करेगा।
इसके अलावा लगाए गए जुर्माने की वसूली भी प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत की जाएगी।
प्रशासन की निगरानी में आगे की कार्रवाई
राजस्व विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अदालत के आदेश का पालन सुनिश्चित किया जाएगा। यदि आरोपी स्वयं जमीन खाली नहीं करते हैं तो प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंचकर कब्जा हटाने की कार्रवाई कर सकती है।
इस मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर भी निगरानी रखी जा रही है।

