22 अक्टूबर 1998 की शाम को संतराज की हुई थी हत्या, पूर्व विधायक Abhay Narayan समेत परिवार के चार सदस्यों को उम्रकैद
एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट के न्यायाधीश ओम प्रकाश वर्मा तृतीय ने पूर्व विधायक व बीजेपी नेता Abhay Narayan पटेल सहित चार आरोपितों को आजीवन कारावास और 20-20 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। सजा का एलान होने के बाद पूर्व विधायक को कड़ी सुरक्षा के बीच जेल भेज दिया गया.
अभियोजन पक्ष के अनुसार रामनयन सिंह पुत्र रामबहोर सिंह निवासी उर्दिहा नई बस्ती कोलवा थाना रौनापार के भाई संतराज को कोटे की दुकान आवंटित हुई थी. इससे पहले यह दुकान अभय नारायण पटेल को आवंटित थी. इस बात से गांव के अभय नारायण रंजिश रखते थे.
22 अक्टूबर 1998 की शाम करीब 7 बजे जब संतराज चांदपट्टी से घर लौट रहे थे तो रास्ते में Abhay Narayan, लाल बिहारी सिंह, लाल बहादुर सिंह और हरेंद्र पुत्र लालू ने संतराज को रोक लिया और गोली मार दी. जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद अभय नारायण का नाम निकालते हुए तीन आरोपियों के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रेषित कर दिया.
दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी अभय नारायण पटेल, लाल बहादुर, लाल बिहारी तथा हरेंद्र को आजीवन कारावास और प्रत्येक को बीस हजार रूपए अर्थदंड की सजा सुनाई.

