अंबाला कार ब्लास्ट केस में पाकिस्तानी डॉन Shahzad Bhatti का नाम, सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर खुद को बताया बेगुनाह
हरियाणा के अंबाला जिले में हुई रहस्यमयी कार ब्लास्ट की घटना अब केवल एक स्थानीय पुलिस मामला नहीं रही, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क, सोशल मीडिया प्रचार और आतंकी एंगल से जुड़ती जा रही है।
Ambala car blast case में पाकिस्तानी डॉन Shahzad Bhatti का नाम सामने आने के बाद इस मामले ने एक नया और गंभीर मोड़ ले लिया है।
घटना के कुछ ही दिनों बाद भट्टी की इंस्टाग्राम आईडी से एक वीडियो जारी किया गया, जिसमें वह खुद को बेगुनाह बताते हुए हरियाणा पुलिस पर आरोप लगा रहा है कि उसे झूठे तरीके से इस केस में घसीटा जा रहा है।
बलदेव नगर थाना ब्लास्ट से जुड़ी पूरी पृष्ठभूमि
10 जनवरी को अंबाला के बलदेव नगर थाना क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई, जब एक व्यक्ति ने थाना परिसर के पास अपनी मारुति-800 कार (DL 3CAZ 6681) खड़ी कर दी और फिर उसमें आग लगा दी।
कुछ ही पलों में कार से दो तेज धमाके हुए, जिनकी आवाज कई सौ मीटर दूर तक सुनी गई।
इस पूरी घटना का वीडियो थाना परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हुआ। मौके पर तुरंत हरियाणा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी पहुंच गए।
घटनास्थल पर पहुंचे अधिकारियों में
एसपी अंबाला अजीत सिंह शेखावत,
एसपी उत्तम,
एसटीएफ डीएसपी अमन कुमार,
फोरेंसिक टीम,
बम स्क्वॉड और सीआईडी की टीमें शामिल थीं।
पुलिस के अनुसार कार ब्लास्ट कैसे हुआ
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एक व्यक्ति पहले कार को थाना परिसर में खड़ा करता है, फिर कुछ देर बाद वापस आकर गाड़ी का वीडियो बनाता है और अचानक उसमें आग लगा देता है। इसके बाद वह वहां से फरार हो जाता है।
कुछ ही सेकंड में आग के कारण कार में रखे सिलेंडर या अन्य ज्वलनशील पदार्थ के फटने से धमाके हुए। इसी आधार पर मामले को सामान्य आगजनी से अलग मानते हुए आतंकी और साजिश वाले एंगल से जांच शुरू की गई।
खालिस्तान एंगल और सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी का दावा
Ambala car blast case में जब जांच आगे बढ़ी तो सोशल मीडिया पर कुछ अकाउंट्स से पोस्ट सामने आए, जिनमें खालिस्तान लिबरेशन आर्मी नाम के एक संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया।
इन पोस्टों में धमाके से जुड़ी तस्वीरें, वीडियो और कथित सबूत भी साझा किए गए। इन्हीं स्क्रीनशॉट्स को बाद में पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी ने अपने वीडियो में दिखाया।
पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी का वायरल वीडियो
कुछ दिनों बाद इंस्टाग्राम पर एक वीडियो सामने आया, जिसमें एक व्यक्ति पंजाबी भाषा में बोलते हुए अंबाला ब्लास्ट की पूरी कहानी सुना रहा है।
वीडियो पर शहजाद भट्टी की फोटो लगी है और दावा किया जा रहा है कि आवाज उसी की है।
वीडियो में
बलदेव नगर थाना के फोटो,
ब्लास्ट वाली कार,
सिलेंडर
और खालिस्तान समर्थक पोस्टों के स्क्रीनशॉट दिखाए गए हैं।
“मेरा नाम जबरन एफआईआर में डाला जा रहा है”
वीडियो में भट्टी दावा करता है कि इस घटना से उसका कोई लेना-देना नहीं है। उसका कहना है कि अंबाला पुलिस ने दो लोगों को पकड़ा और उनसे मारपीट कर जबरन उसका नाम बुलवाया।
वह कहता है कि उसकी साजिश के तहत एफआईआर में एंट्री करवाई जा रही है, जबकि सोशल मीडिया पर खुद हमले की जिम्मेदारी लेने वाले संगठन के सबूत मौजूद हैं।
“अगर धमाका नहीं हुआ तो मेरा नाम क्यों?”
भट्टी वीडियो में यह भी कहता है कि पुलिस ने शुरुआत में कहा था कि कोई धमाका नहीं हुआ।
अगर ऐसा था, तो फिर इतने बड़े केस में उसका नाम क्यों जोड़ा जा रहा है?
वह मीडिया से अपील करता है कि बलदेव नगर थाना जाकर वहां हुए नुकसान की जांच करे और सच्चाई सामने लाए।
हरियाणा पुलिस की चुप्पी और जांच
इस मामले में हरियाणा पुलिस आधिकारिक रूप से यह कह रही है कि जांच चल रही है और किसी भी सोशल मीडिया वीडियो को सबूत के तौर पर बिना पुष्टि स्वीकार नहीं किया जा सकता।
Ambala car blast case अब राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में है, क्योंकि इसमें आतंकी नेटवर्क, विदेशी लिंक और खालिस्तान एंगल की आशंका जुड़ चुकी है।
सोशल मीडिया बनाम कानून
इस पूरे प्रकरण ने यह भी दिखा दिया है कि आज के दौर में अपराधी और संदिग्ध लोग सोशल मीडिया को अपना हथियार बना रहे हैं।
वीडियो जारी कर खुद को निर्दोष बताना, पुलिस पर दबाव बनाना और भ्रम फैलाना अब अपराध की रणनीति बनती जा रही है।

