राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर का आयोजन
मुजफ्फरनगर। श्रीराम कॉलेज की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के द्वितीय एक-दिवसीय शिविर का आयोजन विकास खण्ड कूकडा परिसर में किया गया। शिविर का शुभारम्भ लक्ष्यगीत के माध्यम से किया गया। इस अवसर पर खण्ड विकास अधिकारी जय सिंह उपस्थित रहे। शिविर में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवक एवं सेविकाओं ने श्रमदान करते हुए विकास खण्ड प्रांगण के विभिन्न खण्डो एवं रास्तों की साफ-सफाई की गई तथा अव्यवस्थित क्यारियों को सही करते हुये पेड-पौधों की सिचाई की गई। अत्यधिक सर्दी होने के बावजूद भी स्वयं सेवक एवं सेविकाओं का उत्साह दर्शनीय रहा। श्रमदान के उपरान्त विश्व कैंसर दिवस के उपलक्ष्य में कैंसर की बीमारी एवं बचाव को लेकर गोष्ठी का आयोजन भी किया गया। गोष्ठी में मुख्य अतिथि खण्ड विकास अधिकारी सदर जय सिंह ने स्वयं सेवकों के श्रमदान की प्रशंसा करते हुए कैंसर से बचने के कुछ उपाय तथा सावधानियॉं बताई। इनके द्वारा कैंसर का सबसे प्रमुख कारण पॉलिथीन के बढते उपयोग को बताया और पॉलिथीन का कम से कम उपयोग करने की सलाह दी। इसके पश्चात श्रीराम कॉलेज के बायोसाइंस विभागाध्यक्ष डा0 अश्वनी कुमार ने विभिन्न प्रकार के कैंसर के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि कैंसर पीडितो के आकडों में बढोतरी का कारण प्रदुषण की बढती प्रतिशतता, कृषि में रसायनों का अंधाधुंध प्रयोग तथा प्लास्टिक डिस्पोजल में पेय पदार्थो का उपयोग है। कैंसर से मुक्त होने के लिये रसायन मुक्त हरी सब्जियॉं, विटामिन सी वाले फल, चकुन्दर तथा तुलसी जैसे औषधीय पौधों का सेवन जीवन के लिये अत्यधिक महत्वपूर्ण है, साथ ही कैंसर नियंत्रित करने के लिये योग एवं व्यायाम को भी महत्वपूर्ण अंग बताया। इसके पश्चात बायोटैक्नोलॉजी प्रवक्ता डा0 सौरभ जैन ने स्वयं सेवकों को बताया कि श्रमदान के साथ-साथ राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर में वर्ल्ड कैंसर डे मनाने का लक्ष्य यह है कि हम कैंसर के संबंध में गलत धारणाओं को खत्म कर सही जानकारी को अधिक से अधिक मात्रा में लोगो तक पहुचा सके। शिविर के अंत में राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी अंकित कुमार ने वर्ल्ड कैंसर डे की इस वर्ष की थीम श्प् ंउ ंदक प् ूपससश् पर अभियान चलाने का संकल्प राष्ट्रीय सेवक एवं सेविकाओं को दिलवाया तथा सफाई का महत्व बताते हुए कहा कि हमे अपने दैनिक जीवन में सफाई के प्रति सचेत रहना चाहिए। बिना सफाई के आज हम विभिन्न प्रकार की बीमारियों से ग्रस्त है जबकि इसका प्राथमिक उपचार साफ-सफाई से ही होता हैं। शिविर के दौरान सहायक विकास अधिकारी अमरीश कुमार, सहायक विकास अधिकारी (कृषि रक्षा) सत्यवीर सिंह, अंकित कुमार, डा0 सौरभ जैन, आशीष कुमार, शिवा, हिमांशु, संदीप पाल, विनीत, रोहित कुमार, नमन शर्मा और शबा आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
