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“शिक्षण अधिगम और मूल्यांकन“ पर गोष्ठी-डॉ0 अश्फाक अली ने विस्तृत वक्तव्य प्रस्तुत किया

11 Min |मुजफ्फरनगर। श्रीराम कॉलेज में शिक्षकों के शिक्षण कौशल को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिये चल रहीं 15 दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट कार्यशाला के दसवें दिन श्रीराम कॉलेज ऑफ मैनेजमेन्ट के प्रबन्धन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ0 अश्फाक अली ने राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद  के महत्वपूर्ण बिन्दू “शिक्षण अधिगम और मूल्यांकन“ पर विस्तृत वक्तव्य प्रस्तुत किया। आज के कार्यक्रम में डॉ0 प्रगति सक्सैना, डीन मैनेजमेन्ट स्टडीज, हाइरैन्क बिजनेस स्कूल, नोएडा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं।

इस अवसर पर पावर पवाइंट प्रजेन्टेशन प्रस्तुत करते हुए डॉ0 अश्फाक अली ने बताया कि शिक्षक संस्था का आकलन और मूल्यांकन का उद्देश्य संस्था के शिक्षको की अभिव्यक्ति, क्षमता, अनुभूति, आदि का मापन करना है। आकलन एक संक्षिप्त प्रक्रिया है और मूल्यांकन एक व्यापक प्रक्रिया है।

मूल्यांकन किसी भी शैक्षिक कार्यक्रम में किसी भी पक्ष और विपक्ष में विषय से संबंधित सूचना एकत्र करना उसका विश्लेषण तथा व्याख्या करना है। सतत एवं व्यापक मूल्यांकन में निर्धारित शैक्षिक उद्देश्यों की प्राप्ति किस सीमा तक हो रही है, कक्षा में प्रदान किए गए अधिगम अनुभव कितने प्रभावशाली रहे हैं, व्यवहार परिवर्तन की प्रक्रिया कितने अच्छे ढंग से पूर्ण हो रही है आदि तथ्य सम्मिलित होने चाहिए। उन्होने आगे कहा कि प्रत्येक संस्था में दो प्रकार के विद्यार्थी होते है एक तीव्र गति से सीखने वाले तथा दूसरे धीमी गति से सीखने वाले।

ऐसे में शिक्षण संस्थाओं को दोनो प्रकार के विद्यार्थियों में समन्वय स्थापित करना चाहिए तथा व्याख्यान देते समय भी इस तथ्य को ध्यान में रखना चाहिए। मुख्य अतिथि डॉ0 प्रगति सक्सैना ने कहा कि राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद का उद्देश्य भारत में स्वःमूल्यांकन एवं बाहरी गुणवत्ता मूल्यांकन के सामंजस्य के जरिए उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और विशिष्टताओं की जांच करना है। कई संस्थानों ने स्वेच्छा से राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद के मूल्यांकन को अपनाया है और अपने प्रत्यायन स्तर को गर्व के साथ प्रदर्शित किया है। कुछ संस्थान ऐसे भी हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद के मूल्यांकन के प्रति आशंकायें व्यक्त की है।

बाहरी गुणवत्ता मूल्यांकन की जटिल प्रक्रिया की गहन समझ के लिए यह उपयोगी होगा कि एक तरफ राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद के मूल्यांकन की सहज मांग के लिए प्रेरक घटकों की विश्लेषणात्मक जांच की जाए, वहीं दूसरी ओर इस तरह के मूल्यांकन को हतोत्साहित करने वाले घटकों को समझ लिया जाए।

इस अवसर पर श्रीराम ग्रुप ऑफ कॉलेजेज़ के चेयरमैन डॉ0 एस0सी0 कुलश्रेष्ठ ने कहा कि मनुष्य के सीखनें की प्रक्रिया पूरे जीवन जारी रहती हैं। शिक्षण कौशल को विकसित करनें के लिए इस प्रकार की कार्यशाला हमारे कॉलेज में हर वर्ष आयोजित की जाती हैं।

कार्यशाला को आयोजित करानें का उद्देश्य कॉलेज के प्रवक्ताओं एंव शिक्षकों के शिक्षण कौशल को विकसित करना हैं। इस अवसर पर श्रीराम कॉलेज के निदेशक  आदित्य गौतम, श्रीराम कॉलेज आफ पोलिटैक्निक के प्राचार्य डा0 अश्वनी कुमार, डीन मैनेजमेन्ट पंकज कुमार, श्रीराम गर्ल्स कॉलेज के निदेशक  मनोज धीमान, डीन कम्प्यूटर एप्लीकेशन निशान्त राठी तथा श्रीराम ग्रुप ऑफ कालिजेज के सभी संकायों के विभागाध्यक्ष एवं शिक्षकगण आदि उपस्थित रहें।

 

News-Desk

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