राज्य कर्मचारियों ने समस्याओं के निस्तारण की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन
मुजफ्फरनगर। राज्य कर्मचारियों ने समस्याओं के निस्तारण की मांग को लेकर सरकार का ध्यान आर्कषण करने हेतु कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर ज्ञापन दिया।
जनपद मुजफ्फरनगर के कचहरी प्रांगण स्थित डीएम कार्यालय पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद उत्तर प्रदेश एवं इण्डियन पब्लिक सर्विस एम्प्लॉयी ( इप्सेफ ) के आह्वान पर आज जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे के माध्यम से प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन प्रस्तुत किया गया ।
जिलाध्यक्ष संजीव कुमार लाम्बा ने बताया कि कर्मचारियों एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों को महंगाई भत्ता ( डी.ए. ) की तीन किश्तो को रोके जाने एवं पुरानी पेंशन वहाली दिवगत कोरोना योद्धाओं के परिवार को ५० लाख भुगतान , ५०-५५ वर्ष या ३० वर्ष की सेवा पर स्क्रीनिंग के माध्यम से जबरन सेवानिवृत्ति रिक्त पदों पर भर्ती तथा आउटसोर्सिग ध् संविदा कर्मचारियों को नियमित नियुक्ति मे वरीयता ,निजिकरण पर रोक , बोनस का भुगतान व परिषद के मांग पत्र आदि मांगों को लेकर आज एक ज्ञापन माननीय जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे के माध्यम से प्रधानमंत्री भारत सरकार एवं मुख्यमंत्री यूपी सरकार को प्रेषित कर एडीएम फाइनेंस आलोक कुमार को ज्ञापन दिया गया
ज्ञापन देने वालों मे जिले के कर्मचारियों ने भाग लिया । जिनको मुख्य रूप से स्वास्थ्य विभाग , रोडवेज, सिंचाई विभाग , वाणिज्य कर विभाग, वन विभाग, गन्ना विभाग, फार्मासिस्ट पशु चिकित्सा आदि ने भाग लिया ।
जिसमें प्रमुख रूप से सुधीर कुमार, बजवीर सिंह, केसी राय, शौराज सिंह, शंकुन्तला सिंघल, मदन लाल . सुनीलकुमार, मनोज कुमार गौतम, नवनीत कुमार, अनिल कुमार सूर्या आदि ने भाग लिया ।
केसी राय ने बताया सरकार वेतन भत्तो मे कटौती करके मानसिक एंव आर्थिक रूप से हानि पहुचाने का कार्य कर रही है ।
इससे समस्त कर्मचारी उद्वलित है। इसलिए सरकार की नितियों के विरोध मे इस कार्यकम्र द्वारा अपनी आवाज
को सरकार तक पहुचाने का काम किया है।
उन्होंने आश जताई कि सरकार इस सांकेतिक प्रदर्शन को सज्ञान में लेकर अपनी कर्मचारी विरोधी नीतियों को जल्द से जल्द वापस लेने का काम करेगी ।
यदि सरकार इस पर भी नही मानती है तो प्रान्तीय नेतृत्व के निर्देशानुसार कर्मचारी आगमी आन्दोलन की व्यापक रूप रेखा के पश्चात विरोध प्रदर्शित करेगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी केन्द्र एवं राज्य सरकार की होगी ज्ञापन देने वालां में बडी संख्या में राज्य कर्मचारी मौजूद रहे।
