Vijay Mallya के खिलाफ अवमानना मामले में Supreme court करेगा 18 को सुनवाई
Vijay Mallya के खिलाफ अवमानना के मामले की सुनवाई के लिए supreme court ने अपने फैसले में कहा कि वो 18 दिसंबर को इस मामले को देखेगा। अगर माल्या खुद पेश नहीं होते हैं तो उनके वकील उद्योगपति की तरफ से जवाब देंगे। कोर्ट ने एक अधिवक्ता को एमीकस क्यूरी बनाने का ऐलान करते हुए कहा कि वह इस मामले में इंतजार नहीं कर सकती।
मामला माल्या के अपने बच्चों को ट्रांसफर किए गए 4 करोड़ अमेरिकी डॉलर से जुड़ा है। माल्या ने ब्रिटिश कंपनी डिएगो से मिले चार करोड़ डॉलर अपने बच्चों को दिए थे। भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह की ने अपनी याचिका में कहा था कि माल्या का यह कृत्य विभिन्न न्यायिक आदेशों का घोर उल्लंघन है।
Vijay Mallya ने याचिका दायर कर सुप्रीम कोर्ट के मई 2017 के उस आदेश पर पुनर्विचार करने की मांग की थी, जिसमें उसे आदेश का उल्लंघन कर अपने बच्चों के खातों में चार करोड़ डॉलर ट्रांसफर के लिए अदालत की अवमानना का दोषी ठहराया गया था।
Vijay Mallya की पुनर्विचार याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया था। 2017 में अदालत की अवमानना मामले में दायर माल्या की इस याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि इसमें कोई मैरिट नही हैं, जिस पर विचार किया जाए। उस दौरान अदालत ने अपनी रजिस्ट्री से पूछा था कि माल्या की पुनर्विचार याचिका पिछले 3 साल से संबंधित न्यायालय के समक्ष सूचीबद्ध क्यों नहीं की गई। रजिस्ट्री को उन अधिकारियों के नाम समेत सभी जानकारियां देने का निर्देश दिया गया था जिनके पास 3 वर्षों के दौरान पुनर्विचार याचिका की फाइल थी।
बैंक का 9 हजार करोड़ रुपये का कर्ज नहीं चुकाने का आरोपी Vijay Mallya अभी ब्रिटेन में रह रहा है। केंद्र की तरफ से आज सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि माल्या की प्रत्यर्पण प्रक्रिया अंतिम दौर में है। वह खुद भी ब्रिटेन की कोर्टों में अपील करते-करते आजिज आ चुका है।
