भोलेनाथ

संपादकीय विशेष

बारिश में डूबा शिव चौक Muzaffarnagar, फिर भी नहीं थमी डाक कांवड़ की रफ्तार! घुटनों तक पानी के बीच गूंजे हर-हर महादेव के जयकारे

Muzaffarnagar के शिव चौक पर सावन के दूसरे सोमवार को भारी बारिश और जलभराव के बीच भी कांवड़ यात्रा का उत्साह कम नहीं हुआ। घुटनों तक पानी के बीच पैदल शिवभक्त और कांवड़िए हर-हर महादेव तथा बम-बम भोले के जयकारों के साथ आगे बढ़ते रहे। कांवड़ मेले के अंतिम चरण में डाक कांवड़ का दबाव भी तेजी से बढ़ा और मोटरसाइकिलों पर सवार कांवड़िए शिव चौक की परिक्रमा करते हुए अपने गंतव्य के शिवालयों की ओर रवाना हुए। चौक पर सामान्य श्रद्धालुओं की लंबी कतारें भी लगी रहीं। भारी भीड़ और खराब मौसम के बीच पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारी यातायात और सुरक्षा व्यवस्था संभालते नजर आए। बारिश ने रास्तों को मुश्किल जरूर बनाया, लेकिन शिवभक्तों की आस्था और यात्रा की रफ्तार दिनभर बनी रही।

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Muzaffarnagar और आसपास से प्रमुख खबरें

कंधों पर बहंगी, पलड़ों में बैठे नन्हे शिवभक्त: Muzaffarnagar के शिव चौक पर पिता की अनोखी कांवड़ बनी आस्था और संस्कारों की मिसाल

Muzaffarnagar के शिव चौक पर दिल्ली निवासी सतीश द्वारा अपने दोनों छोटे बच्चों को बहंगी के पलड़ों में बैठाकर हरिद्वार से पैदल गंगाजल लाने का दृश्य श्रद्धा, पारिवारिक समर्पण और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया। सतीश का कहना है कि उनका उद्देश्य बच्चों को बचपन से ही सनातन संस्कृति, अच्छे संस्कार और धार्मिक परंपराओं से जोड़ना है। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं ने इस अनूठे दृश्य का स्वागत करते हुए परिवार की आस्था और भगवान शिव के प्रति समर्पण को नमन किया।

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Muzaffarnagar में आस्था के अद्भुत रंग: नोटों से सजी कांवड़ बनी आकर्षण का केंद्र, 411 दिन की कठिन तपस्या पर निकले 65 वर्षीय शिवभक्त ने किया भावुक

Muzaffarnagar में दिखाई दे रहे ऐसे प्रेरणादायक दृश्य भारतीय आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं की जीवंत पहचान बन रहे हैं। नोटों से सजी कांवड़ के माध्यम से मंदिर और भंडारे के लिए समर्पण की भावना हो या 65 वर्षीय हरपाल नाथ की 411 दिनों की कठिन आध्यात्मिक यात्रा, दोनों ही उदाहरण श्रद्धा, सेवा, त्याग और अटूट विश्वास का संदेश देते हैं। ऐसे प्रेरक प्रसंग कांवड़ यात्रा को केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता, सेवा और मानवीय मूल्यों का भी महापर्व बनाते हैं।

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Muzaffarnagar में आकर्षण का केंद्र बनी ‘जिम वाली कांवड़’: दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल अमित उर्फ मिट्ठू मंदेरिया का अनोखा संदेश— ‘शरीर को मंदिर बनाओ, नशे का घर नहीं’

Muzaffarnagar पहुंची ‘जिम वाली कांवड़’ ने यह संदेश दिया कि भगवान शिव की भक्ति के साथ स्वस्थ जीवनशैली, अनुशासन और नशामुक्त समाज का संकल्प भी उतना ही महत्वपूर्ण है। दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल अमित उर्फ मिट्ठू मंदेरिया और उनके साथियों की यह अनूठी पहल श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनी, वहीं युवाओं को नियमित व्यायाम, शारीरिक क्षमता और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित करती नजर आई।

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सावन 2026: Muzaffarnagar की शिव मूर्ति बनी आस्था का नया आकर्षण, 70 बहुरंगी फसाड लाइटों से जगमगाया मंदिर; 30 लाख की लागत से बना भव्य सेल्फी प्वाइंट

Muzaffarnagar में पहली बार शिव मूर्ति मंदिर को लगभग 70 बहुरंगी फसाड लाइटों से सजाकर भव्य स्वरूप दिया गया है। करीब 30 लाख रुपये की लागत से हुए इस सौंदर्यीकरण और नए सेल्फी प्वाइंट ने कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के आकर्षण को कई गुना बढ़ा दिया है। रात्रि में जगमगाती शिव मूर्ति अब आस्था, सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक सौंदर्य का अनूठा प्रतीक बनकर उभर रही है।

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