Muzaffarnagar में डॉक्टरों की बड़ी चेतावनी: जन्म के बाद सिर्फ 5 मिनट की जांच बचा सकती है बच्चे को आजीवन मानसिक दिव्यांगता से
Muzaffarnagar जिला महिला चिकित्सालय में आयोजित यह सेमिनार केवल एक चिकित्सा कार्यक्रम नहीं बल्कि हजारों नवजात बच्चों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। डॉक्टरों की चेतावनी और जागरूकता संदेश ने यह साफ कर दिया कि जन्म के बाद की कुछ मिनटों की सतर्कता बच्चे को आजीवन मानसिक और शारीरिक दिव्यांगता से बचा सकती है। अब जरूरत है कि हर अभिभावक इस जरूरी जांच को लेकर गंभीरता दिखाए और नवजात स्क्रीनिंग को अपनी प्राथमिकता बनाए।
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