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BRICS Summit 2026: पहलगाम हमले पर रूस-चीन समेत 11 देशों का कड़ा रुख, आतंकियों की फंडिंग और पनाह देने वालों पर कार्रवाई; मोदी-जिनपिंग की 50 मिनट बैठक

BRICS Summit 2026 का सबसे बड़ा संदेश यही है कि अलग-अलग रणनीतिक हितों और आपसी मतभेदों के बावजूद सदस्य देश कुछ मुद्दों पर साझा रुख बनाने की कोशिश कर रहे हैं। पहलगाम आतंकी हमले की निंदा, आतंक की फंडिंग और पनाह देने वालों के खिलाफ कार्रवाई, मोदी-जिनपिंग की बातचीत और ग्लोबल साउथ को वैश्विक नियम-निर्माण में बड़ी भूमिका देने की पहल—इन सभी घटनाक्रमों ने नई दिल्ली सम्मेलन को भारत की कूटनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण बना दिया है।

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BRICS समिट से पहले भारत-बांग्लादेश में बढ़ा सस्पेंस! Tarique Rahman आएंगे या नहीं? शेख हसीना पर अटका पूरा मामला

Tarique Rahman की दिल्ली यात्रा को लेकर स्थिति साफ होने के साथ यह भी पता चलेगा कि दोनों पड़ोसी देश टकराव की राजनीति से आगे बढ़कर बातचीत का रास्ता कितना खोल पाते हैं। फिलहाल BRICS Summit 2026 के मंच पर बांग्लादेश की संभावित मौजूदगी से ज्यादा चर्चा उस कूटनीतिक पेंच की है, जिसका एक सिरा दिल्ली में है और दूसरा ढाका में—और बीच में सबसे बड़ा सवाल शेख हसीना का है।

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G20 से दूरी, BRICS से दोस्ती! ट्रंप के रवैये पर साउथ अफ्रीका का पलटवार, भारत के समर्थन का किया खुला ऐलान

BRICS जहां एक ओर अमेरिका और कुछ देशों के बीच मतभेदों की खबरें सामने आ रही हैं, वहीं दूसरी ओर भारत के नेतृत्व में BRICS जैसे मंच विकासशील देशों के लिए नए अवसर पैदा कर रहे हैं। वर्ष के अंत में भारत में होने वाला BRICS शिखर सम्मेलन इस बात की बड़ी परीक्षा होगा कि बदलती वैश्विक राजनीति में कौन-से देश और कौन-से मंच भविष्य की दिशा तय करने में अधिक प्रभावशाली साबित होते हैं।

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BRICS समिट: कूटनीतिक संवाद और वैश्विक सहयोग का नया अध्याय

BRICS (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) समूह का समिट केवल आर्थिक या राजनीतिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित नहीं करता, बल्कि यह वैश्विक सहयोग और कूटनीति के नये आयाम भी प्रस्तुत करता है। इस बार समिट में हुए चर्चाओं में यूक्रेन-रूस संघर्ष और इजरायल-हिजबुल्‍लाह के बीच चल रही जंग पर गहन विचार-विमर्श किया गया। ये ऐसे मुद्दे हैं जो विश्व के कई देशों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।

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पीएम मोदी की रूस यात्रा: BRICS शिखर सम्मेलन में नई संभावनाओं के द्वार

BRICS  का गठन 2010 में हुआ था, जब दक्षिण अफ्रीका को पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल किया गया था। तब से, BRICS (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका) ने दुनिया की 41 प्रतिशत आबादी, 24 प्रतिशत वैश्विक GDP और 16 प्रतिशत से अधिक वैश्विक व्यापार में हिस्सेदारी बना ली है। यह समूह वैश्विक आर्थिक वृद्धि के लिए एक महत्वपूर्ण प्लेटफार्म प्रदान करता है, जो विकासशील देशों की आवाज़ को सुनता है।

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