कोतवाली में दी गई गाय दबंगों के लिए बनी वरदान, पीड़ित से कार्यवाई के नाम पर दरोगा ने लिए पैसे- कार्रवाई नहीं
मुजफ्फरनगर के बुढाना कस्बे में 15 नवंबर को बुढ़ाना पुल पर हुए झगड़े में पुलिस की एकतरफा कार्यवाई अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा कर रही है
दरअसल दबंगों ने पीड़ित परिवार की जमीन पर जाकर धारदार हथियारों से पीड़ित परिवार के बच्चों को बुरी तरह पीटा था, इतना ही नहीं 10 दिन हॉस्पिटल में अपनी जिंदगी और मौत से जंग लड़ कर पीड़ित अपने घर आ गये
बुढाना कस्बे में 15 नवंबर को बुढ़ाना पुल पर हुए झगड़े में पुलिस की एकतरफा कार्यवाई. अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान.सब इंस्पेक्टर ने दबंगों पर लगी 307 सहित बड़ी धाराएं हटा दी और इस मामले पर मेडिकल बेस पर कोई भी धारा दरोगा जी ने नहीं लगाई pic.twitter.com/XAx1HL4lzY
— News & Features Network-Regional News (@mzn_news) December 25, 2020
लेकिन दबंगों द्वारा बुरी तरह हमले के बाद घायल हुए पीड़ित परिवार को पुलिस ने हॉस्पिटल में भर्ती कराया लेकिन इसके बाद पुलिस ने दबंगों के लिए जो गाय वरदान थी उसको देखते हुए पीड़ित पर मुकदमा दर्ज कर दिया, तत्कालीन झगड़े के जांचकर्ता अधिकारी सब इस्पेक्टर जगपाल सिंह ने झगड़े में पीड़ित से कार्यवाई के नाम पर पैसे लिए
लेकिन कार्यवाई नहीं की बाद में मेडिकल बेस पर जांचकर्ता ने धारा भी नहीं बढ़ाई, अब पीड़ित अधिकारियों से इंसाफ की आस रख रहा है पीड़ित, लेकिन इसी बीच जांचकर्ता अधिकारी ने अपने से जांच दूसरे सब इस्पेक्टर पर ट्रांसफर करा दी और अपना पल्ला झाड़ पर एक तरफा खड़े हो गए
बहरहाल इस पूरे मामले पर तत्कालीन जांचकर्ता पिछले कई दिनों से पीड़ित परिवार पर दबंगों से फैसले का दबाव बना रहे हैं, पुलिस पीड़ित पक्ष की कार्रवाई करती तो काश आज पुलिस की इस मामले में किरकिरी ना होती
सूबे के मुख्यमंत्री एक तरफ तो पुलिस विभाग को सुधारने के लिए लगातार कार्रवाई कर रहे हैं लेकिन वह कुछ भ्रष्ट अधिकारी सूबे की सरकार से लेकर अधिकारियों का नाम खराब कर रहे हैं
तत्कालीन जांचकर्ता सब इंस्पेक्टर ने दबंगों पर लगी 307 सहित बड़ी धाराएं हटा दी और इस मामले पर मेडिकल बेस पर कोई भी धारा दरोगा जी ने नहीं लगाई, इतना ही दबंग 2 लोगो ने कोर्ट से अपनी जमानत भी करा ली।
खबर सूत्रो से प्राप्त जानकारी पर आधारित, सटीक पुष्टी नहीं

