कार के बोनट में चार फुट का अजगर: वन्यजीव संरक्षण संस्था ने बाहर निकाला
कार के बोनट में चार फुट का अजगर सांप घुस गया। कार स्टार्ट करने पर वह फड़फड़ाने लगा, तो इसकी जानकारी हुई। बोनट खोलने पर अजगर देख लोगों के होश उड़ गए।
वाइल्ड लाइफ के प्रभारी श्रेष्ठ पचौरी ने बताया कि गुरुवार की सुबह असोपा हॉस्पिटल के पास एलआईसी बिल्डिंग की कॉलोनी में खड़ी कार में एक अजगर घुस गया। सुबह कार स्टार्ट करने के दौरान इसका पता चला। सूचना पर टीम ने कार की बोनट में फंसे चार फुट के अजगर को निकाला और उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया।
गैलाना रोड स्थित एलआईसी कॉलोनी निवासी परिवार के लिए गुरुवार की सुबह काफी डरावनी रही, जब उन्होंने अपनी कार के बोनट में एक अजगर को देखा।अजगर उनकी गाड़ी के बोनट लॉक की संकीर्ण जगह में फंस गया था और वहां से निकल पाने में असमर्थ था।
परिवार ने एनजीओ से संपर्क कर उनसे सहायता मांगी। वन्यजीव संरक्षण संस्था से दो-सदस्यीय टीम स्थान पर पहुंची और करीब आधे घंटे तक चले बचाव अभियान के बाद उन्होंने सांप को सावधानी से बाहर निकाला।
वाइल्डलाइफ एसओएस को कॉल करने वाले कार मालिक गुरमीत सिंह सोढ़ी ने बताया कि कार के इतने संकरे स्थान पर अजगर को देखकर घबरा गए थे। संस्था ने अजगर को सुरक्षित निकाल लिया।
वाइल्डलाइफ एसओएस के सीईओ और सह-संस्थापक कार्तिक सत्यनारायण ने कहा, वाइल्डलाइफ एसओएस रैपिड रिस्पांस यूनिट वक्त रहते मुसीबत में फंसे जानवरों और लोगों की मदद कर रहा है। हमारा लक्ष्य सांपों के बारे में फैली गलत धारणाओं को खत्म करना है जिससे ऐसी स्थिति में लोग घबराएं नहीं और उन्हें मारे नहीं बल्कि उनके प्रति संवेदनशीलता दिखाएं।
वाइल्डलाइफ एसओएस के डायरेक्टर कंजरवेशन प्रोजेक्ट्स, बैजूराज एम.वी का कहना है कि तापमान में गिरावट के साथ ये सांप शहरी स्थानों में आश्रय लेने के लिए मजबूर हैं। रेस्क्यू टीम चौबीसों घंटे जनता की सेवा के लिए तत्पर है।
इंडियन रॉक पायथन एक गैर विषैली सांप की प्रजाति है। यह आमतौर पर भारत, पाकिस्तान, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और श्रीलंका के जंगलों में पाए जाते हैं। इस प्रजाति को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची I के तहत संरक्षित किया गया है।
