मैदानी से लेकर पहाड़ी इलाकों तक मौसम के मिजाज बिगड़े, किन्नौर के पास पहाड़ का एक हिस्सा दरक गया
उत्तराखंड के उत्तरकाशी और हिमाचल प्रदेश के किन्नौर के पास पहाड़ का एक हिस्सा दरक गया है, जिसके कारण मलबा सड़क पर आ गया है, वहीं रोड पूरी तरह से बंद हो गई है। मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान में भारी बारिश का अनुमान जताया है। दिल्ली पर बाढ़ का खतरा भी मंडरा रहा है, हथिनी बैराज से पानी छोड़ने के बाद यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।
दिल्ली डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के अनुसार युमना का जलस्तर खतरे के निशान को पार करते हुए 205.33 मीटर पर पहुंच गया है। जिसके बाद यमुना के किनारे निचले इलाकों पर बाढ़ का संकट गहरा गया है। वहीं हिमाचल में भूस्खलन के मामले बढ़ते जा रहे हैं। कई जगहों पर बादल फटने से भी हालात बिगड़ गए हैं।
उदयपुर घाटी में कुछ जगह क़रीब 100 पर्यटक फंसे हुए हैं। मेरी कुछ पर्यटकों से फोन पर बात हुई, अगर मौसम ने साथ दिया तो हम उन्हें रेस्क्यू करने के लिए हेलिकॉप्टर का इस्तेमाल करेंगे.सुबह मौसम ठीक रहा तो मैं लाहौल-स्पीति का जायज़ा करूंगा: @jairamthakurbjp #HimachalPradesh pic.twitter.com/OdVzAzP1M5
— News & Features Network (@mzn_news) July 29, 2021
जम्मू कश्मीर और लद्दाख में बादल फटने के कारण स्थानीय लोगों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में बारिश के कारण बादल फटने और भूस्खलन से 204 पर्यटक फंस गए हैं। सिरमौर और मंडी जिले से भी भूस्खलन की जानकारियां सामने आ रही हैं।
इधर पश्चिम बंगाल के भी कई इलाकों में कल रात से लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। पश्चिम बंगाल के कलिमपोंग मे राष्ट्रीय राजमार्ग-10 भूस्खलन के बाद बाधित हो गया।
उत्तर प्रदेश के आगरा में यमुना और चंबल नदी के जलस्तर पर प्रशासन निगरानी रख रहा है। आगरा के जिलाधिकारी के अनुसार अगले 4-5 दिन में चंबल नदी में जलस्तर बढ़ने की सूचना है, यहां एसडीएम और तहसीलदार को अलर्ट कर दिया गया है।
