कासगंज जिले में दर्दनाक हादसा: निर्माणाधीन मकान का लेंटर गिर गया
हादसे में दो मजदूर और मकान मालिक का बेटा मलबे के नीचे दब गए। दुर्घटना के बाद कोहराम मच गया। उन्हें मलबे के नीचे से निकल गया, तब तक तीनों की मौत हो चुकी थी।
मामला कासगंज जिले के कोतवाली सदर क्षेत्र के नदरई गेट इलाके का है। आज यहां उस समय हड़कामो मच गया जब एक मकान निर्माण कार्य के दौरान धराशाई हो गया। जिस वक्त ये हादसा हुआ, मजदूर काम पर थे।
हादसे में मकान का लेंटर गिरने से मजदूरों सहित मकान मालिक के बेटे की दब कर दर्दनाक की मौत हो गई। जबकि आधा दर्जन से अधिक लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है । दमकल विभाग और जिला प्रशासन की टीम का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
मलबे के नीचे से 2 मजदूरों सहित मकान मालिक के बेटे का शव निकाला गया है। घायल मजदूरों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कासगंज में निर्माणाधीन निजी इमारत गिरने से हुए हादसे का तत्काल संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर पहुंच कर राहत बचाव कार्य पूर्ण कराने और पीड़ितों की यथासंभव सहायता करने के निर्देश दिए हैं।
बताया जा रहा है कि अचानक शटरिंग में कुछ कमी आने के कारण मिस्त्री उसे ठीक कर रहे थे। शटरिंग के लिए बनाई गई पाड़ की ईंट खिसकने से लेंटर का पूरा मालवा नीचे काम कर रहे मजदूरों के ऊपर गिर गया। जिसकी चपेट में आकर कई मजदूर मलबे के नीचे दब गए।
लेंटर गिरने से जोरदार आवाज सुनकर वहां भीड़ जमा हो गई। जेसीबी और हाइड्रा मशीन से भवन को तोड़कर मलबा हटाने का काम शुरू किया गया। इसके बाद मलबे में दबे लोगों को निकाला जा सका। जिला प्रशासन की टीम का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
अब तक राकेश पुत्र कुंवरपाल, निवासी गली नंबर 2 दुर्गा कॉलोनी कासगंज, कुलदीप कुमार विडला पुत्र सत्यप्रकाश, गली छपत्ती कासगंज,धीरज कश्यप पुत्र राधेश्याम कश्यप, निवासी गंगेश्वर कॉलोनी कासगंज के शव निकाले जा चुके हैं।
