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Donald Trump की सरकार के लिए संकट: 9 लाख कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की धमकी, अमेरिका में शटडाउन की शुरुआत

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के लिए यह समय बेहद मुश्किलों से भरा हुआ है। उनकी सरकार के लिए फंडिंग से जुड़ा बिल सीनेट से पास नहीं हो सका, और अब अमेरिका में 9 लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। मंगलवार रात को बिल पर वोटिंग हुई, जिसमें बिल के पक्ष में 55 और विरोध में 45 वोट पड़े, लेकिन इसे पास करने के लिए कम से कम 60 वोट की आवश्यकता थी। ऐसे में ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी को विपक्षी डेमोक्रेट्स का समर्थन नहीं मिला, जिससे यह बिल पास नहीं हो सका।

इस नाकामी के बाद, अब अमेरिकी प्रशासन में शटडाउन की स्थिति बन गई है। भारतीय समयानुसार आज सुबह 9:30 बजे से यह शटडाउन शुरू हो जाएगा, जिसका सीधा असर सरकारी कार्यों पर पड़ेगा। सरकारी कामकाज ठप हो जाएगा, और 9 लाख कर्मचारियों को जबरन छुट्टी पर भेजे जाने का खतरा बढ़ जाएगा। राष्ट्रपति ट्रंप ने खुलेआम धमकी दी है कि वे इन कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के लिए मजबूर कर सकते हैं।

शटडाउन का कारण:

सीनेट में फंडिंग बिल पर हुई वोटिंग के दौरान रिपब्लिकन और डेमोक्रेट सांसदों के बीच तीखी बहस हुई। ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के एक सांसद ने इस बिल के खिलाफ वोट किया, वहीं दो डेमोक्रेट सांसदों ने इसके समर्थन में वोट किया। सीनेट में कुल 100 सांसद होते हैं, जिनमें से 53 रिपब्लिकन, 47 डेमोक्रेट और 2 निर्दलीय सांसद हैं। ऐसे में 60 वोटों की आवश्यकता थी, लेकिन यह आंकड़ा पूरा नहीं हो सका।

इससे पहले, डेमोक्रेटिक पार्टी ने हेल्थकेयर प्रावधानों वाले अपने फंडिंग बिल को पेश किया था, लेकिन वह भी पास नहीं हो सका। बिल के समर्थन में 47 और विरोध में 53 वोट पड़े थे। इस तरह, दोनों दलों के बीच मतभेदों के कारण फंडिंग बिल पास नहीं हो पाया।

हेल्थकेयर प्रोग्राम को लेकर विवाद:

इस विवाद का मुख्य कारण ओबामा हेल्थकेयर सब्सिडी प्रोग्राम था, जिसको लेकर डेमोक्रेट्स और रिपब्लिकन के बीच गहरी खाई थी। डेमोक्रेट्स चाहते थे कि हेल्थकेयर सब्सिडी बढ़ाई जाए, लेकिन रिपब्लिकन को डर था कि ऐसा करने से सरकारी खर्चों में इजाफा होगा, जिससे अन्य सरकारी कार्यों पर असर पड़ेगा। इन मतभेदों की वजह से कोई समझौता नहीं हो सका, और अंततः फंडिंग बिल पास नहीं हो पाया।

राष्ट्रपति ट्रंप और डेमोक्रेटिक नेताओं ने व्हाइट हाउस में इस मुद्दे पर बैठक की थी, लेकिन वह बैठक भी किसी नतीजे तक नहीं पहुंची। ट्रंप की कोशिशों के बावजूद, विपक्षी डेमोक्रेट्स ने बिल का विरोध किया और शटडाउन की स्थिति से बचने के लिए किसी समझौते पर नहीं पहुंचे।

शटडाउन से प्रभावित होने वाले सरकारी कामकाज:

अमेरिका का वित्तीय वर्ष 1 अक्टूबर से शुरू होता है। यदि इस तारीख तक नया बजट पास नहीं होता है, तो सरकार के कामकाज में रुकावट आ जाती है। यह एक बड़ी समस्या बन गई है, क्योंकि अगर फंडिंग बिल पास नहीं होता, तो सरकारी खर्चों पर पाबंदी लग जाएगी। इससे सरकारी कर्मचारियों की सैलरी से लेकर कई अन्य खर्चों में कटौती हो सकती है।

शटडाउन का असर अमेरिका की सरकार के विभिन्न विभागों पर पड़ेगा, हालांकि इमरजेंसी सेवाएं जैसे मेडिकल सेवाएं, सीमा सुरक्षा और हवाई सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी। लेकिन बाकी सरकारी सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।

अमेरिका में शटडाउन का इतिहास:

अमेरिका में पिछले 50 वर्षों में 20 बार शटडाउन हो चुका है, जिनमें से ट्रंप के पिछले कार्यकाल में 3 बार शटडाउन हुआ था। 2019 का शटडाउन सबसे लंबा था, जो 35 दिन तक चला था, और इस दौरान अमेरिकी अर्थव्यवस्था को 25 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था।

शटडाउन के दौरान कुछ चर्चित घटनाएं:

2013 में, अमेरिका के साथ 8,891 किमी लंबी कनाडा सीमा की देखभाल करने वाला केवल एक व्यक्ति था। उस व्यक्ति पर ही पूरे बॉर्डर इलाके की साफ-सफाई की जिम्मेदारी थी, और बाकी सभी कर्मचारियों को छुट्टी पर भेज दिया गया था। 2013 के शटडाउन के दौरान, अमेरिकी सैनिकों के कब्रिस्तानों की देखभाल भी रुक गई थी, क्योंकि सरकार के पास पैसे नहीं थे। इस शटडाउन के दौरान, अमेरिका के सवा लाख सैनिकों के कब्रिस्तान बंद कर दिए गए थे।

2018 के शटडाउन में एयरपोर्ट पर काम करने वाले कई कर्मचारी वेतन न मिलने के कारण काम पर नहीं आए, जिसके कारण कई उड़ानें रद्द हो गईं। इस शटडाउन के दौरान FBI के डायरेक्टर ने चेतावनी दी थी कि उनके पास पैसे खत्म हो चुके हैं, जिससे उनके काम में दिक्कतें आ रही थीं।

शटडाउन के असर:

शटडाउन का असर ना केवल सरकारी कर्मचारियों पर पड़ता है, बल्कि यह आम नागरिकों को भी प्रभावित करता है। सरकारी सेवाओं में रुकावटें, कर्मचारियों की छुट्टी, और अन्य प्रशासनिक कार्यों में देरी होती है। हालांकि, इमरजेंसी सेवाएं जैसे मेडिकल सेवाएं और सीमा सुरक्षा पर कोई असर नहीं होता, लेकिन अन्य सरकारी सेवाएं प्रभावित होती हैं।

अमेरिकी सरकार के लिए यह समय बहुत चुनौतीपूर्ण है। ट्रंप के लिए यह एक बड़ा संकट साबित हो सकता है, क्योंकि उन्हें फंडिंग बिल पास कराने के लिए डेमोक्रेट्स का समर्थन हासिल नहीं हो सका। अब यह देखना होगा कि राष्ट्रपति ट्रंप और डेमोक्रेटिक नेता आगे क्या कदम उठाते हैं, ताकि शटडाउन की स्थिति से बचा जा सके।

अमेरिका में शटडाउन की स्थिति ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि Donald Trump सरकार के फैसले न केवल प्रशासनिक प्रक्रिया पर, बल्कि आम नागरिकों की जिंदगी पर भी गहरा असर डालते हैं। इस संकट से बाहर निकलने के लिए अब Donald Trump और डेमोक्रेट्स के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता जरूरी होगा।

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