Donald Trump का दूसरा कार्यकाल या परिवार का बिजनेस मॉडल? सत्ता के साथ बढ़ता ट्रम्प साम्राज्य, क्रिप्टो से एआई तक कमाई का जाल
Donald Trump को लेकर अमेरिका में राजनीतिक और नैतिक बहस तेज होती जा रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का दूसरा कार्यकाल अब केवल नीतियों और कूटनीति तक सीमित नहीं दिखता, बल्कि ट्रम्प परिवार के वैश्विक कारोबार के अभूतपूर्व विस्तार से गहराई से जुड़ा नजर आ रहा है। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, जिन-जिन देशों के साथ ट्रम्प प्रशासन ने बड़े रणनीतिक सौदे किए, उन्हीं देशों में ट्रम्प परिवार के बिजनेस नेटवर्क ने भी असाधारण तेजी पकड़ी।
🔴 पहले कार्यकाल का वादा, दूसरे में चुप्पी
अपने पहले कार्यकाल में ट्रम्प ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि उनका परिवार नए अंतरराष्ट्रीय कारोबारी सौदों से दूरी बनाए रखेगा। लेकिन दूसरे कार्यकाल में ऐसा कोई वादा न दोहराया गया। इसका नतीजा यह रहा कि सत्ता और व्यापार के बीच की रेखा पहले से ज्यादा धुंधली होती चली गई।
आलोचकों का कहना है कि राष्ट्रपति पद अब “राष्ट्रीय सेवा” से अधिक “पारिवारिक ब्रांड विस्तार” का माध्यम बनता जा रहा है।
🔴 क्रिप्टो पर पलटी ट्रम्प की सोच
कभी क्रिप्टोकरेंसी को धोखाधड़ी और घोटाला कहने वाले डोनाल्ड ट्रम्प अब खुद क्रिप्टो सेक्टर के सबसे बड़े प्रमोटर्स में गिने जा रहे हैं। ट्रम्प परिवार की कंपनी World Liberty Financial ने ट्रम्प मेमकॉइन और WLFI टोकन लॉन्च किए हैं।
इस क्रिप्टो कारोबार में ट्रम्प के साथ उनके करीबी सहयोगी स्टीव विटकॉफ और उनके बेटे भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। सत्ता में बैठकर जिस सेक्टर को पहले कोसा गया था, अब वही सेक्टर परिवार की कमाई का बड़ा जरिया बन चुका है।
🔴 ट्रम्प परिवार के 5 बड़े बिजनेस सेक्टर
1️⃣ क्रिप्टो और डिजिटल एसेट्स
Trump family business second term में क्रिप्टो सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला सेक्टर बनकर उभरा है। मेमकॉइन, स्टेबलकॉइन और टोकन के जरिए अरबों की वैल्यू बनाई गई।
2️⃣ रियल एस्टेट और ट्रम्प ब्रांड
Trump Organization का संचालन डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर और एरिक ट्रम्प करते हैं। होटल, गोल्फ कोर्स और टावरों के लिए ‘ट्रम्प’ नाम का लाइसेंस दिया जाता है। फिलहाल 8 बड़े अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट निर्माणाधीन बताए जा रहे हैं।
3️⃣ एआई और डेटा सेंटर निवेश
एआई और डेटा सेंटर निवेश की निगरानी स्टीव विटकॉफ और डेविड सैक्स करते हैं। इस नेटवर्क से जुड़ी कंपनियों को एनवीडिया चिप्स की डील से अप्रत्यक्ष लाभ मिला, खासकर यूएई की G42 को चिप्स बिक्री के बाद।
4️⃣ डिफेंस और टेक कॉन्ट्रैक्ट्स
डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर से जुड़ी कंपनियों को ड्रोन और रक्षा तकनीक से जुड़े ठेके मिले हैं। पेंटागन से हुए अनुबंधों ने इस क्षेत्र को और मजबूत किया। ट्रम्प मीडिया का TAE Technologies से लगभग ₹49,800 करोड़ के विलय प्रस्ताव ने भी हलचल मचाई।
5️⃣ फाइनेंशियल और निवेश फर्म्स
ट्रम्प के दामाद जैरेड कुशनर की Affinity Partners ने सऊदी अरब और खाड़ी देशों से हजारों करोड़ रुपये जुटाए। यह पैसा रियल एस्टेट, टेक और डेटा सेंटर प्रोजेक्ट्स में लगाया गया।
🔴 विदेशी देशों से जुड़े विवादास्पद फायदे
🇦🇪 यूएई
मई 2025 में ट्रम्प प्रशासन ने यूएई को अमेरिकी एनवीडिया चिप्स बेचने की मंजूरी दी। इसके बाद दुबई समिट में World Liberty Financial से लगभग ₹16,600 करोड़ के स्टेबलकॉइन खरीदे गए, जिससे ट्रम्प परिवार को भारी मुनाफा हुआ।
🇸🇦 सऊदी अरब
सरकारी समर्थन वाले होटल, गोल्फ कोर्स और टावर प्रोजेक्ट्स पर बातचीत हुई। सऊदी समर्थित Dar Global चार बड़े ट्रम्प-ब्रांडेड प्रोजेक्ट आगे बढ़ा रही है।
🇶🇦 कतर
2025 में ट्रम्प-ब्रांडेड रियल एस्टेट प्रोजेक्ट पर काम हुआ। मई 2025 में कतर सरकार ने ट्रम्प को एक लग्जरी बोइंग जेट गिफ्ट किया, जिसने विवाद को और हवा दी।
🇦🇱 अल्बानिया
इवांका ट्रम्प से जुड़े लक्जरी होटल प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली।
🇴🇲 ओमान और 🇲🇻 मालदीव
ट्रम्प-ब्रांडेड रिसॉर्ट और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स से लाइसेंसिंग फीस के जरिए परिवार को लाभ मिला।
🇻🇳 वियतनाम
स्थानीय कानूनों को दरकिनार कर गोल्फ और होटल प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी गई, जिससे ट्रम्प ब्रांड को सीधा फायदा हुआ।
🇰🇷 दक्षिण कोरिया
डेटा सेंटर निवेश में प्रतिस्पर्धा के जरिए एआई इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ा, और ट्रम्प नेटवर्क को अप्रत्यक्ष लाभ मिला।
🔴 आलोचकों का आरोप: राष्ट्रपति कम, कारोबारी ज्यादा
राजनीतिक विश्लेषकों और नैतिक निगरानी समूहों का कहना है कि Trump family business second term में राष्ट्रपति पद का इस्तेमाल राष्ट्रीय हित से ज्यादा निजी और पारिवारिक हितों के लिए होता दिख रहा है। अप्रैल 2025 में सऊदी समर्थित गोल्फ टूर्नामेंट के दौरान ट्रम्प का बयान—
“यह अमीर बनने का शानदार वक्त है, पहले से भी ज्यादा अमीर”—
आज उनके पूरे कारोबारी विस्तार का प्रतीक बन चुका है।
🔴 अमेरिका की राजनीति के लिए बड़ा सवाल
यह पूरा घटनाक्रम अमेरिकी लोकतंत्र के लिए एक कठिन सवाल खड़ा करता है—क्या सत्ता में बैठा व्यक्ति अपने पारिवारिक कारोबार से पूरी तरह अलग रह सकता है? या फिर वैश्विक सौदे और निजी फायदे अब एक ही सिक्के के दो पहलू बन चुके हैं?

