दो दिवसीय कृषि एवं पशु मेले का होगा आयोजनः Sanjeev Balyan, केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी एवं कृषि मंत्री पुरूषोत्तम रूपाला होंगे शामिल
मुजफ्फरनगर। (Muzaffarnagar News) केन्द्रीय पशुपालन,डेयरी एवं मतस्य पालन राज्यमंत्री डा.Sanjeev Balyan ने बताया कि उनके संसदीय क्षेत्र मुजफरनगर मे 6 एवं 7 अप्रैल को दो दिवसीय पशु प्रदर्शनी एवं कृषि मेले का आयोजन किया जाएगा। इस दो दिवसीय मेले मे यहां विभिन्न राज्यों से अच्छी नस्ल के पशु आयेंगे। वहीं मेले मे आने वाले किसानो को नई-नई तकनीक की जानकारी दी जाएगी।
मेले मे लगभग 25 हजार किसानो समेत 1200 उत्तम नस्ल के पशु शामिल होंगे। महावीर चौक स्थित एक रैस्टोरेन्ट मे पत्रकारों से वार्ता करते हुए केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री डा.संजीव बालियान ने बताया कि भारत सरकार द्वारा केन्द्रीय पशुपालन डेयरी एवं मतस्त पालन व कृषि विभाग द्वारा देश मे पहली बार इस तरह का दो दिवसीय मेला लगाया जा रहा है।
प्रथम दिन मेले का शुभारम्भ अवसर केन्द्रीय सडक परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, विशिष्ट अतिथि के रूप मे केन्द्रीय पशुपालन,डेयरी एवं मतस्य पालन मंत्री पुरूषोत्तम रूपाला तथा उत्तर प्रदेश के कृषि सूर्य प्रताप सिह शाही मौजूद रहेंगे। मेले के दूसरे दिन 7 अप्रैल को केन्द्रीय ग्र्रामीण विकास एवं पंचायती राजमंत्री गिरीराज सिह एवं विशिष्ट अतिथि के रूप मे उत्तर प्रदेश के पशुपालन मंत्री धर्मपाल सिह शामिल होंगे। डा.संजीव बालियान ने बताया कि मेले मे उत्तम नस्ल के पशु जिनमें, गाय, भैस, बकरी, घोडा आदि भी आएगे।
डा.संजीव बालियान ने बताया कि मेले मे अच्छी नस्ल के पशुओं के लिए ईनामी राशि रखी गई है। जिसमें प्रथम आने वाली नस्ल के पशु को 6 लाख रूपये का ईनाम दिया जायेगा। मुर्रा नस्ल की गाय एवं भैंस को चैम्पियन होने पर ढाई लाख रूपये, दूसरे नम्बर पर आने वाले को एक लाख रूपये की धनराशि दी जाएगी। हरियाणा नस्ल की उत्तम नस्ल के चैम्पियन बनने वाले पशु को डेढ लाख रूपये। दूसरे नम्बर पर रहने वाले को 60 हजार रूपये की नकद धनराशि दी जाएगी। साहीवाल की नस्ल को चैम्पियन बनने पर डेढ लाख रूपये एवं दूसरे नम्बर पर 60 हजार रूपये दिये जायेंगे।
थार प्रकर नस्ल के चैम्पियन बनने वाले पशु को डेढ लाख रूपये एवं दूसरे स्थान पर रहने वाले पशु को 60 लाख रूपये दिए जायेंगे। गिर नस्ल के पशु के चैम्पियन बनने पर उसे भी डेढ लाख रूपये एवं द्वितिय स्थान पर रहने वाले पशु को 60 हजार रूपये दिए जाएगे। एक्सोटिक नस्ल के पशु को चैम्पियन बनने पर डेढ लाख रूपये एवं दूसरे नम्बर वाले को 60 हजार रूपये दिए जाएंगे।
उत्तम नस्ल की बकरी को चैम्पियन बनने पर 25 हजार रूपये की धनराशि और दूसरे स्थान पर रहने वाले पशु को 10 हजार रूपये दिए जाऐगे। इसी तरह अच्छी नस्ल की भेड को चैम्पियन बनने पर 25 हजार रूपये एवं दूसरे स्थान पर रहने वाली भेड को 10 हजार रूपये दिए जायेंगे। अच्छी नस्ल के घोडे को चैम्पियन बनने पर ढाई लाख रूपये ईनाम दिया जाएगा। दूसरे स्थान पर रहने वाले पशु को एक लाख रूपये ईनाम दिया जाएगा।
इसके अलावा दूध देने वाले पशुओं की भी अलग-अलग श्रेणिया बनाई गई हैं। जिसमें अलग-अलग रूप से ईनाम दिया जाएगा। मंत्री डा.संजीव बालियान ने बताया कि इस मेले मे हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड के पशु एवं उनके पालक किसान शामिल होंगे। मेले मे किसानो को पशुपालन एवं कृषि से जुडी नई-नई परियोजनाओ के विषय मे जानकारी दी जाएगी। बाहर से आए वरिष्ठ वैज्ञानिक किसानो को नई तकनीक के उपयोग, विभिन्न कृषि उपकरण की योग्यता उनका प्रयोग एवं रख रखाव, पशुओं की नस्ल सुधार तथा संतुलित आहार के सम्बन्ध मे भी वैज्ञानिक जानकारी देंगे।
इस मेले मे लगभग 25 हजार किसान एवं 1200 अच्छे पशु शामिल होंगे।मुजफ्फरनगर के विभिन्न गांवो से भी किसान अच्छी नस्ल के पशुओं के साथ शामिल होंगे। उन्होने बताया कि बाहर से आने वाले किसानो एवं उनके पशुओं के रहन-सहन व उनके भोजन की व्यवस्था सरकार द्वारा करायी जाएगी। मेले के मुख्य आकर्षण कृषि, पशुपालन एवं मतस्य पालन से सम्बन्धित प्रदर्शनी रहेगी। मेले मे सरकार द्वारा कुल 150 स्टाल लगाए जायेंगे। जिनमे 75 कृषि से सम्बन्धित होंगे। 40 स्टाल डेयरी एवं पशु चालन, 15 स्टाल मतस्य पालन, एवं 20 स्टाल आईसीएआर से सम्बन्धित होंगे।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश मे गन्ने की खेती करने वाले किसानो को नई तकनीक की जानकारी दी जाएगी। केंद्रीय मंत्री डा. संजीव बालियान ने बताया कि इस मेले में मॉडल्स की तर्ज पर गाय भैंस भी कैट वाक केरगी। मेले मे किसानो को विभिन्न योजनाआें का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। मेले मे अच्छी नस्ल के 1200 से अधिक पशुधन शामिल होंगे।
प्रेसवार्ता के दौरान उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला, पूर्व जिलाध्यक्ष देवव्रत त्यागी, मीडिया प्रभारी अचिन्त मित्तल, डा.पुरूषोतम, पूर्व विधायक उमेश मलिक, राजीव गर्ग, कुशपुरी आदि मौजूद रहे।

