यूपी चुनाव 2027: Azad Samaj Party सभी 403 सीटों पर लड़ेगी चुनाव, सुनील चित्तौड़ बोले- 29 टिकट फाइनल
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज करनी शुरू कर दी हैं। इसी बीच Azad Samaj Party ने प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी का ऐलान किया है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व विधान परिषद सदस्य सुनील चित्तौड़ ने मुजफ्फरनगर में आयोजित प्रेसवार्ता में कहा कि पार्टी अब विधानसभा स्तर पर सम्मेलन आयोजित कर संगठन को मजबूत करने में जुटी है। उन्होंने दावा किया कि अब तक 29 प्रत्याशियों के टिकट फाइनल किए जा चुके हैं।
सुनील चित्तौड़ ने देश के मौजूदा हालात का जिक्र करते हुए अनुमान जताया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव जनवरी 2027 के दूसरे सप्ताह के बाद कराए जा सकते हैं। हालांकि, चुनाव की तारीखों को लेकर निर्वाचन आयोग की आधिकारिक घोषणा का इंतजार रहेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल किसी अन्य राजनीतिक दल के साथ गठबंधन की संभावना नहीं है और पार्टी अपने दम पर सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।
24 अक्टूबर को मोरना में होगी आजाद समाज पार्टी की रैली
प्रेसवार्ता में सुनील चित्तौड़ ने बताया कि 24 अक्टूबर को मुजफ्फरनगर के मोरना स्थित महर्षि शुकदेव इंटर कॉलेज के मैदान में आजाद समाज पार्टी की रैली आयोजित की जाएगी। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद इस रैली को संबोधित करेंगे। पार्टी इस आयोजन के जरिए क्षेत्र में अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ाने और कार्यकर्ताओं को आगामी चुनाव के लिए तैयार करने की कोशिश करेगी।
चित्तौड़ के मुताबिक, आजाद समाज पार्टी करीब साढ़े छह साल पुरानी है। इस दौरान पार्टी की ओर से नौ रैलियां आयोजित की जा चुकी हैं और कई प्रबुद्ध सम्मेलन भी हुए हैं। अब पार्टी ने विधानसभा स्तर पर सम्मेलन आयोजित करने की शुरुआत की है। इससे स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं और संभावित प्रत्याशियों के साथ संवाद बढ़ाने की योजना है।
सभी 403 सीटों पर तैयारी, 29 प्रत्याशियों के टिकट फाइनल होने का दावा
सुनील चित्तौड़ ने कहा कि आजाद समाज पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की सभी 403 सीटों पर उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है। उनके अनुसार, अब तक 29 टिकट फाइनल किए जा चुके हैं। इनमें 20 मुस्लिम प्रत्याशी हैं, जबकि शेष टिकट अन्य जातियों के उम्मीदवारों को दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि टिकट वितरण में महिलाओं को भी बराबर की भागीदारी देने का प्रयास किया जा रहा है। पार्टी की रणनीति के तहत प्रत्याशियों के चयन में सामाजिक प्रतिनिधित्व के साथ संगठन की स्थिति और स्थानीय नेताओं की राय को भी महत्व दिया जाएगा। हालांकि, सभी सीटों के उम्मीदवारों की सूची अभी सामने नहीं आई है और बाकी टिकटों पर निर्णय आगे की प्रक्रिया के तहत लिया जाएगा।
गठबंधन पर फिलहाल विराम, अपने दम पर चुनाव लड़ने की तैयारी
गठबंधन के सवाल पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि फिलहाल किसी अन्य पार्टी के साथ गठबंधन की कोई संभावना नहीं है। पार्टी सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। इस बयान से संकेत मिलता है कि आजाद समाज पार्टी अभी अपने संगठन और उम्मीदवारों के चयन पर ध्यान केंद्रित करना चाहती है।
हालांकि, चुनाव तक राजनीतिक परिस्थितियों में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल प्रेसवार्ता में पार्टी की ओर से स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की तैयारी की बात कही गई है। आने वाले समय में उम्मीदवारों की घोषणा, क्षेत्रीय संगठन की सक्रियता और चुनावी कार्यक्रम पार्टी की रणनीति को और स्पष्ट करेंगे।
मुजफ्फरनगर की छह सीटों पर टिकट को लेकर संगठन की परीक्षा
मुजफ्फरनगर जिले का जिक्र करते हुए सुनील चित्तौड़ ने कहा कि यहां विधानसभा की छह सीटें हैं और टिकट के लिए आवेदन भी मिल रहे हैं। लेकिन उन्होंने स्थानीय संगठन की मजबूती को लेकर चिंता जताई। उनके मुताबिक, जिले में संगठन को और सक्रिय बनाने की जरूरत है, ताकि प्रत्याशियों के चयन और चुनावी तैयारियों के समय पार्टी मजबूत स्थिति में हो।
उन्होंने बताया कि जिलाध्यक्ष से लेकर विधानसभा प्रभारियों तक को संगठन की मजबूती पर ध्यान देने के लिए सतर्क किया जा रहा है। पार्टी चाहती है कि स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं की सक्रियता बढ़े और चुनाव से पहले संगठनात्मक कमियों को दूर किया जाए। चित्तौड़ ने भरोसा दिलाया कि मुजफ्फरनगर में पार्टी की टीम को अधिक सक्रिय बनाने के लिए कदम उठाए जाएंगे।
मीरापुर और पुरकाजी में जनसंपर्क शुरू
प्रेसवार्ता में बताया गया कि जिले की मीरापुर और पुरकाजी विधानसभा सीटों पर जनसंपर्क का काम शुरू हो गया है। पार्टी इन क्षेत्रों में अपनी राजनीतिक पहुंच बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है। अन्य सीटों पर भी संगठन की स्थिति का आकलन करने के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।
सुनील चित्तौड़ ने कहा कि टिकट फाइनल करते समय प्रदेश नेतृत्व के साथ जिले के नेताओं की राय भी सुनी और समझी जाएगी। इससे स्थानीय परिस्थितियों, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और संभावित प्रत्याशियों की स्थिति को ध्यान में रखकर निर्णय लेने की बात कही गई है। पार्टी के सामने चुनौती यह होगी कि सभी छह विधानसभा क्षेत्रों में संगठन को कितना मजबूत बनाया जा सकता है।
महिलाओं की भागीदारी और सामाजिक प्रतिनिधित्व पर जोर
आजाद समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने टिकट वितरण में महिलाओं को बराबर की भागीदारी देने की बात भी कही। उनके अनुसार, उम्मीदवारों के चयन में विभिन्न सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने पर ध्यान दिया जा रहा है। पार्टी की ओर से अब तक घोषित 29 टिकटों में 20 मुस्लिम उम्मीदवारों के होने का दावा भी इसी संदर्भ में सामने आया है।
हालांकि, महिला उम्मीदवारों की संख्या और शेष सीटों पर प्रत्याशियों की सामाजिक संरचना को लेकर विस्तृत जानकारी अभी उपलब्ध नहीं कराई गई है। टिकट वितरण की पूरी तस्वीर उम्मीदवारों की औपचारिक सूची सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
प्रेसवार्ता में पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता रहे मौजूद
प्रेसवार्ता के दौरान एडवोकेट रविंद्र भाटी, सरदार जोगेंद्र सिंह, रजत मिठारिया, जगदीश पाल, कुलदीप, भुवनेश, महाराज जहां, अमित, दिनेश और सलीम सहित कई लोग मौजूद रहे। पार्टी नेतृत्व ने मुजफ्फरनगर में संगठन को मजबूत और सक्रिय बनाने पर जोर दिया।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर आजाद समाज पार्टी ने सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी का दावा किया है। सुनील चित्तौड़ के मुताबिक, 29 टिकट फाइनल हो चुके हैं और फिलहाल गठबंधन की कोई संभावना नहीं है। मुजफ्फरनगर की छह सीटों पर संगठन मजबूत करना पार्टी के लिए अहम चुनौती होगी। अब 24 अक्टूबर को मोरना में होने वाली रैली और आने वाले दिनों में प्रत्याशियों की घोषणाओं पर राजनीतिक नजरें रहेंगी।

