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Sidhu Moose Wala की हत्या के लिए Muzaffarnagar भोपा के गांव से गए थे हथियार, मेरठ के इस बडे बदमाश से भी जुडा कनेक्शन

मेरठ/मुजफ्फरनगर। Sidhu Moose Wala की हत्या को लेकर सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। अब इस हत्या का वेस्ट यूपी के मुजफ्फरनगर ओर मेरठ से भी कनेक्शन सामने आया है। हत्या करने की जिम्मेदारी लेने वाले लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बदमाश ने पूछताछ में बताया कि मुजफ्फरनगर से हथियारों की सप्लाई हुई थी। हत्या की वारदात में मुजफ्फरनगर के हथियारों का इस्तेमाल किया गया है। यह जानकारी सामने आने के बाद मुजफ्फरनगर पुलिस भी हथियार सप्लाई करने वाले की तलाश में लग गई है।

मूसेवाला के हत्यारोपियों को कार मुहैया कराने वाले आरोपी मनप्रीत निवासी ढैपई फरीदकोट को पंजाब पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। लॉरेंस बिश्नोई गैंग के बदमाशों ने हत्या करने की जिम्मेदारी ली है। इस गैंग से मेरठ के बदमाश सनी काकरान, अतुल जाट भी जुड़े थे। सिद्धू मूसेवाला की हत्या में वेस्ट के बदमाश शामिल थे या नहीं, इसकी भी पंजाब पुलिस जांच कर रही है।

Sidhu Moose Wala ने बीते साल पंजाब विधानसभा चुनाव  2022 से पहले कांग्रेस का हाथ थामा था लेकिन उनके प्रशंसक जिला मानसा के गांव जवाहरके में सड़क पर उनकी थार में दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या से बेहद स्तब्ध हैं।इस गायक का पूरा नाम शुभदीप सिंह सिद्धू है लेकिन वे प्रसिद्ध Sidhu Moose Wala नाम से ही थे। उनकी उम्र महज 28 साल की थी लेकिन वे एक बेहद चर्चित रैपर, गीतकार और अभिनेता थे। मानसा जिले में गांव मूसा के रहने वाले एक किसान परिवार में जन्म लेने वाले मूसेवाला के भारत के अलावा पूरी दुनिया में उनके करोड़ों प्रशंसक थे, भले ही गाते पंजाबी में थे।

वे सबसे महंगे पंजाबी गायकों में शुमार थे। वे इलेक्ट्रिकल इंजीनियर थे। उन्होंने 2016 में लुधियाना स्थित श्रीगुरु नानक देव इंजीनियरिंग कालेज से स्नातक की पढ़ाई की थी। फिर वे कनाडा चले गए जहां उनका पहला गीत 2017 में रिलीज हुआ था।

उनके पिता भोला सिंह सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी हैं और अब किसानी करते हैं जबकि उनकी माता चरण कौर गांव की सरपंच हैं जिन्होंने दिसंबर, 2018 में 600 वोट से चुनाव जीता था। अप्रैल, 2019 में एक सामाजिक कार्यकर्ता पंडित राव धरन्नवर ने उनके गीतों में बंदूक संस्कृति और भड़कीले गीतों पर प्रतिबंध लगाए जाने की मांग के साथ पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में शिकायत की थी।

यहां तक कि उन्होंने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग-पंजाब के निदेशक तक को लिख भेजा था कि उनकी माता ग्राम सरपंच हैं। इस पर मूसेवाला की माता ने उन्हें अपने बेटे की ओर से माफीनामा लिख भेजा था और उसमें यह भी लिखा था कि अब वह गुरु नानक देवजी की वाणी गाएगा। पंडित राव का कहना है कि अब जब मूसेवाला नहीं रहे तो भी पंजाब में बंदूक संस्कृति और भड़कीले गीत गाए जाते रहेंगे।

Sidhu Moose Walaहमेशा ही अपने गीत-संगीत को लेकर विवादों में रहे क्योंकि उनके अधिकतर गीतों में यही सब है। लेकिन 4 मई, 2020 में उनके दो वीडियो खूब साझा हुए, जिनमें से एक में वे एके-47 चलाते नजर आए जिसमें पांच पुलिस कर्मी भी उनके साथ थे। दूसरे में वे अपनी निजी पिस्तौल दिखाते नजर आए थे। उसके बाद, 19 मई, 2020 में छह पुलिस कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया था जबकि मूसेवाला पर बरनाला थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया था क्योंकि यह वाकया बरनाला में ही हुआ था।

जुलाई, 2020 में उन्हें नियमित जमानत मिल गई थी और बाद में वे जांच में शामिल हो गए थे। यहां तक कि उसी साल जून में काले रंग के शीशे अपनी कार में लगाने पर जुर्माना लगाया गया था लेकिन बावजूद इसके कि उस समय वे ‘आर्म्स एक्ट’ के मामले में वांछित थे, जुर्माना वसूलकर उन्हें छोड़ दिया गया।

Sidhu Moose Wala तब भी विवादों में घिरे, जब जुलाई, 2020 में ‘संजू’ नाम से एक गीत आया था जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकियों को अपने लिए सम्मान बताया। ओलंपिक निशानेबाज अवनीत कौर सिद्धू ने भी उनकी गीतों में बंदूकों को लेकर आलोचना की थी।

मार्च, 2020 में भी Sidhu Moose Walaने ‘गवाचेया गुरबख्श’ नामक गीत गाया था जिसमें उन्होंने इटली से लौटे गुरबख्श सिंह का जिक्र किया जो बाद में कोरोना संक्रमण से जान गंवाने वाले पहले शख्स बने। यहां तक कि उनके गीतों को पंजाब पुलिस ने भी खूब प्रचारित किया। इसी साल 12 अप्रैल को भी वे विवादों में आए जब उनका वीडियो ‘स्केपगोट’ आया जिसमें उन्होंने मतदाताओं को गद्दार बताया था जिस वजह से उन पर वोट गंवाने का आरोप लगा।

करण औजला के साथ रंजिश के कारण वे विवादों में रहे। सितंबर, 2019 में भी अपने एक गीत में ‘माई भागो’ का आपत्तिजनक इस्तेमाल करने के लिए वे विवादों में आए। बाद में उन्होंने स्वयं सोशल मीडिया पर इसके लिए माफी मांगी और यहां तक कि मार्च, 2020 में अकाल तखत पर भी पेश हुए।
25 सितंबर, 2020 को केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन के समय उनके समर्थन मे उतरने वाले मूसेवाला ही थे जब भारत बंद बुलाया गया था। तब उन्होंने मानसा में इसमें हिस्सा लिया था और बाद में वह तमाम आंदोलन स्थलों पर भी नजर आए थे। बाद में तमाम पंजाबी गायकों ने तो व्यापक स्तर पर किसान आंदोलन का समर्थन किया।

Sidhu Moose Wala कुछ पंजाबी फिल्मों में भी नजर आए जिनमें ‘यैस, आई एम स्टूडेंट’, ‘तेरी-मेरी जोड़ी’, ‘गुनाह’ शामिल हैं। पंजाबी फिल्म ‘मूसा जट्ट’ में तो वे मुख्य भूमिका में थे जो अक्तबर, 2021 में रिलीज हुई थी लेकिन दर्शकों को अधिक पसंद नहीं आई। उनकी एक और फिल्म ‘जट्टां दा मुुंडा गौण लग्गेया’ मार्च 2022 में रिलीज हुई थी। जो भी हो, अब उनकी हत्या से तमाम प्रशंसकों में शोक की लहर है।

खबरों के अनुसार पंजाब पुलिस की पूछताछ में एक आरोपी ने मुजफ्फरनगर के भोपा थानाक्षेत्र के एक गांव निवासी सुंदर के बारे में जानकारी दी। इससे हथियार उपलब्ध कराने की बात कही गई है। सनी और अतुल के जरिये लॉरेंस गैंग मेरठ, मुजफ्फरनगर के अलावा किस-किस जनपद तक फैला है, इसकी जांच चल रही है।

एसएसपी मुजफ्फरनगर अभिषेक यादव ने मीडिया को बताया कि सुंदर का नाम सामने आया है। पंजाब पुलिस से उसके बारे में जानकारी ली जाएगी। पुलिस के मुताबिक गैंगस्टर सारज संधू को बठिंडा और मनप्रीत सिंह मन्ना को फिरोजपुर जेल से वारंट पर लिया गया है।

दोनों से पूछताछ की जा रही। पुलिस को कुछ अहम जानकारियां मिली हैं। मनप्रीत को सोमवार को ही उत्तराखंड पुलिस ने गिरफ्तार कर पंजाब पुलिस को सौंप दिया था। (Some contents extracted from Social media)

 

News-Desk

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