दूल्हेरा गांव के पीड़ित परिवार ने न्याय की उम्मीद में लगाई गुहार
मुजफ्फरनगर। प्राप्त समाचार के अनुसार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर एक पीड़ित परिवार ने न्याय की उम्मीद में दस्तक देते हुए, शाहपुर थाना क्षेत्र के गांव दूल्हेरा निवासी पीड़ित महिला, राखी पत्नी राहुल ने अपने 3 महीने के बच्चे को साथ लेकर पहुंची जहां उन्होंने अपनी समस्या से अवगत कराते हुए बताया कि उसका पति राहुल कुमार के परिवार में उनके पिता तेजपाल व दो अन्य भाई हैं। अब से करीब कुछ दिन पूर्व राखी के पति एवं देवर मोनू जेठ सतेंद्र एवं ससुर तेजपाल के बीच अपने अपने हिस्से के बटवारे को लेकर एक लिखित समझौता 8 जुलाई 2019 को हुआ था। जिसमें प्रार्थीया के पति को अपने पिता को कुछ रुपए देते हुए प्रार्थीया के पति के हिस्से में एक दुकान और कमरा दिया जाना लिखा गया था, प्रार्थिया के पति द्वारा रकम की अदायगी के लिए करीब दो महीने का समय रखा गया था, प्रार्थीया के पति के हिस्से में आने वाला कमरा व दुकान के लिए परिवार एवं गांव के मौजिज लोगों की मौजूदगी में लिखित कराया गया था, जिसके बाद प्रार्थिया अपने पति व 3 महीने के मासूम बच्चे के साथ अपने हिस्से में आए मकान में ही रहकर अपना जीवन यापन कर रहे थे, लेकिन अचानक प्रार्थीया के ससुर एवं परिवार के अन्य लोगों के दिलो-दिमाग में वर्तमान ग्राम प्रधान अरविंद के द्वारा मेरे व मेरे पति के बारे में आरोप प्रत्यारोप लगाकर, उनके मन मे खोट भरा गया है, और हमें ग्राम प्रधान के कहने पर हमारे घर से बाहर निकाल दिया गया था,
घटना की शिकायत प्रार्थीया द्वारा तुरंत डायल हंड्रेड पर की गई थी, इस दौरान पुलिस ने मौके पर आकर प्रार्थीया के ससुर तेजपाल पुत्र चंद्रू को हिरासत में ले लिया था, जिसके बाद दूल्हेरा का ग्राम प्रधान अरविंद को थाने से जमानत करा कर ले आया था, जिसके बाद से ही ग्राम प्रधान अरविंद प्रार्थीया उसके बच्चे व पति से रंजिश रखने लगा है। इतना ही नही दिनाँक, 03, अगस्त 2019 को शाम करीब 8ः30 बजे प्रार्थिया का पति मजदूरी के उद्देश्य से पानीपत गया हुआ था, और प्रार्थिया अपने बच्चे के साथ घर पर अकेली थी, उसी दौरान ग्राम दुल्हेड़ा प्रधान अरविंद के फोन द्वारा प्रार्थीया के फोन कर उसे देख लेने की खुलेआम धमकी दी गई।
फोन कॉल रिकॉर्डिंग के अनुसार प्रार्थिया के साथ ग्राम प्रधान अरविंद के द्वारा अभद्र विषैली भाषा मे बतमीजी से बात करते हुए, उसको उसी के घर आकर देख लेने की धमकी दी गई, और कुछ ही देर बाद ग्राम प्रधान अपने साथ एक अन्य व्यक्ति को लेकर प्रार्थिया को उसके घर आकर उसके साथ गलत कृत्य, करने के इरादे से प्रार्थिया के साथ तमंचे के बल पर जान से मारने की धमकी देते हुए, जोर जबरदस्ती करते हुए मारपीट की है, इस दौरान प्रार्थिया का तीन महीने का बच्चा रोता बिलखता रहा लेकिन ग्राम प्रधान अरविंद को जरा भी रहम नही आया और इस वक्त प्रार्थीया सर के ऊपर छत न होने के कारण, अपने मासूम बच्चे और पति के साथ दर बदर की ठोकरें खाने पर मजबूर हैं। और ग्राम प्रधान निरंतर अलग अलग तरीके से प्रार्थीया व उसके पति को आतंकित करते हुए, किसी भी झुटे मुकदमे, में फसवाने बर्बाद करने कराने को लेकर पीछे लगा हुआ है। इस दौरान प्रार्थीया ने पुलिस द्वारा दी गई शिकायत पर जांच कर ग्राम प्रधान अरविंद कुमार, ससुर तेजपाल पुत्र चंद्रू, देवर मोनू जेठ सतेंद्र, पुत्रगण तेजपाल, के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करते हुए। अपने परिवार की जान माल की सुरक्षा की गुहार लगाई, प्रार्थिया ने उसके बच्चे को उसका अधिकार दिलाने को लेकर न्याय की मांग की है।

