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भारत में लगातार बढ़ रहे हैं omicron के मामले, अब तक 113 मामले सामने आए

ICMR के डायरेक्टर जनरल बलराम भार्गव ने कहा है कि लोगों को अनावश्यक यात्राओं से बचना चाहिए। नए साल को लेकर सावधान करते हुए उन्होंने कहा कि एक जगह पर ज्यादा लोगों का इकट्ठा होने घातक साबित हो सकता है। इसलिए सोशल डिस्टैंसिंग का पालन करते हुए ही त्योहार मानना होगा।

 कोविड  की जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, ’24 ऐसे जिले हैं जहां पॉजिटिविटी रेट ज्यादा है। इन जिलों में कुछ प्रतिबंध लगाने होंगे। ‘ नए वेरिएंट omicron के बारे में स्वास्थ्य मंत्रालय के जॉइंट सेक्रटरी लव अग्रवाल ने कहा कि यह वायस बहुत तेजी से पैर पसार रहा है। 91 देशों में अब तक 27 हजार से ज्यादा मामले रेकॉर्ड किए जा चुके हैं। भारत में अब तक 113 मामले सामने आए हैं। शुक्रवार को सबसे ज्यादा केस मिले हैं। दिल्ली में 12, महाराष्ट्र में 8 और गुजरात, तेलंगाना, केरल में दो-दो लोग ओमिक्रोन से संक्रमित पाए गए।

भार्गव ने कहा, ’24 जिलों में अब भी 5 फीसदी से ज्यादा पॉजिटिविटी रेट है। जब तक यह दर कम नहीं हो जाती उन्हें कुछ प्रतिबंध लगाने होंगे।’ इन जिलों में केरल का तिरुवनंतपुरम, कोट्टायम, इडुक्की, कोझिकोड, कन्नूर, एर्नाकुलम, कोल्लम, वायनाड भी शामिल हैं। इसके अलावा मिजरोम के खाजॉल, सरछिप, चंपाई, मामित, ऐजवाल जिलों में भी पॉजिटिविटी रेट 5 से ज्यादा है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कोरोना के खिलाफ जंग को तेज करते हुए अब एक नई शुरुआत की है। शुक्रवार को पालघर से एक गांव के लिए ड्रोन के जरिए वैक्सीन रवाना की गई। गा्ंव तक पहुंचने में ड्रोन को मात्र 9 मिनट लगे। एक अधिकारी ने कहा कि जिला हेडक्वार्टर से गांव तक पहुंचने में जहां घंटों लग जाते हैं वहीं ड्रोन के जरिए वैक्सीन मात्र कुछ मिनट्स में पहुंच गई। बताया गया कि ड्रोन 15 से 20 किलोमीटर की दूरी तक वैक्सीन डिलिवरी कर सकता है औऱ यह पांच किलो तक का बोझ लेकर उड़ सकता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने शुक्रवार को एक ट्वीट में कहा, ‘‘डब्ल्यूएचओ ने आपातकालीन उपयोग सूची में कोवोवैक्स को शामिल किया है। इससे कोविड-19 के खिलाफ डब्ल्यूएचओ के मान्य टीकों की संख्या बढ़ी है। इस टीके का निर्माण सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा नोवावैक्स से लाइसेंस के तहत किया जाता है।’’

WHO ने कोवोवैक्स वैक्सीन को भी मंजूरी दे दी है। यह वैक्सीन भी पुणे के सीरम इंस्टिट्यूट में ही बनाई जाती है। यह अमेरिकी दवा कंपनी द्वारा डिवेलप की गई है। इस तरह वैश्विक स्वास्थ्य निकाय द्वारा मान्यता प्राप्त टीकों की संख्या में इजाफा हुआ है। एसआईआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) आदर पूनावाला ने डब्ल्यूएचओ के फैसले को कोविड -19 के खिलाफ लड़ाई में ‘‘एक और मील का पत्थर’’ बताया।

 

News-Desk

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