करतारपुर कॉरिडोर : इमरान के फैसले को सेना ने पलटा, पासपोर्ट जरूरी
करतारपुर कॉरिडोर को लेकर पाकिस्तानी सेना ने अपने ही प्रधानमंत्री इमरान खान के फैसले को पलट दिया है। पाक सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर के अनुसार अब सिख तीर्थयात्रियों को करतारपुर कॉरिडोर का प्रयोग करने के लिए भारतीय पासपोर्ट की आवश्यक्ता होगी। इससे कुछ ही दिन पहले प्रधानमंत्री इमरान खान ने घोषणा की थी कि भारतीय श्रद्धालुओं को पवित्र गुरुद्वारा दरबार साहिब आने के लिए महज एक वैध पहचान-पत्र की जरूरत होगी।
For Sikhs coming for pilgrimage to Kartarpur from India, I have waived off 2 requirements: i) they wont need a passport – just a valid ID; ii) they no longer have to register 10 days in advance. Also, no fee will be charged on day of inauguration & on Guruji's 550th birthday
— Imran Khan (@ImranKhanPTI) November 1, 2019
पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल आसिफ गफूर की इस टिप्पणी से एक दिन पहले ही भारत ने पाकिस्तान से यह स्पष्ट करने को कहा था कि करतारपुर स्थित गलियारा जाने के लिए सिख श्रद्धालुओं को पासपोर्ट की जरूरत होगी या नहीं। डॉन न्यूज ने ‘हम’ समाचार चैनल के हवाले से बताया कि मेजर जनरल गफूर ने बुधवार को कहा कि भारतीय सिख श्रद्धालुओं को करतारपुर गलियारे का प्रयोग करने के लिए पासपोर्ट दिखाना जरूरी होगा।
Pakistan media: Military spokesman Major General Asif Ghafoor has said that Indian Sikh pilgrims would require a passport to use #KartarpurCorridor pic.twitter.com/XCTdwNwcxM
— ANI (@ANI) November 7, 2019
गफूर ने कहा कि सुरक्षा कारणों से, प्रवेश पासपोर्ट आधारित पहचान पर मिली अनुमति के तहत कानूनी तरीके से दिया जाएगा। बुधवार को भारत ने पाकिस्तान से यह साफ करने को कहा था कि करतारपुर साहिब जाने के लिए पासपोर्ट की जरूरत होगी या नहीं।पाकिस्तान ने करतारपुर गलियारा खोले जाने का राजनयिक स्तर पर प्रचार करते हुए इस्लामाबाद स्थित विदेशी दूतावासों और उच्चायोगों के प्रमुखों और उनके प्रतिनिधियों को इस संबंध में जानकारी दी।

विदेश मंत्रालय के मुताबिक विदेश सचिव सोहेल महमूद ने पवित्र सिख गुरुद्वारे को खोलने की पाकिस्तान की पहल पर विशेष रूप से ध्यान आकर्षित कराने के लिए राजनयिकों को बुधवार को इस बारे में जानकारी दी। मंत्रालय ने कहा कि महमूद ने गुरु नानक देव की 550वीं जयंती के शुभ अवसर पर करतारपुर साहिब गलियारा खोलने की देश के प्रधानमंत्री इमरान खान की ऐतिहासिक पहल पर प्रकाश डाला। विदेश सचिव ने रेखांकित किया कि पाकिस्तान ने यह कदम दुनिया भर के, विशेष कर भारत के सिख श्रद्धालुओं द्वारा लंबे समय से किए जा रहे अनुरोध को स्वीकार करने की दिशा में उठाया है।
एक नवंबर को, प्रधानमंत्री खान ने करतापुर गलियारे का निर्माण पूरा होने की ट्विटर पर घोषणा करते हुए कहा था कि उन्होंने दो शर्तों को माफ कर दिया है। इनमें से एक पासपोर्ट से जुड़ी शर्त थी जबकि दूसरी शर्त भारत से करतारपुर तीर्थयात्रा पर आने वाले सिखों द्वारा 10 दिन पहले पंजीकरण कराने से जुड़ी थी।
उन्होंने कहा था कि भारत के सिख श्रद्धालुओं को करतारपुर आने के लिए पासपोर्ट की नहीं बल्कि एक वैध पहचान-पत्र की जरूरत होगी। इसके अलावा उद्घाटन समारोह के लिए आने वाले और 12 नवंबर को सिख गुरु की 550वीं जयंती के मौके पर आने वाले श्रद्धालुओं से 20 डॉलर का सेवा शुल्क भी नहीं वसूला जाएगा।
करतारपुर कॉरिडोर भारत के पंजाब स्थित डेरा बाबा नानक को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के नारोवाल जिले में स्थित करतारपुर के दरबार साहिब से जोड़ेगा। यह गुरुद्वारा अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
