प्रियंका उपनाम में गांधी हटाकर फिरोज लगाएं: साध्वी निरंजन ज्योति
भगवा वस्त्र को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधने वाली कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बयान पर केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने पलटवार किया। उन्होंने मंगलवार को कहा कि ‘नकली गांधी’ भगवा नहीं समझ सकते हैं। साध्वी ने सुझाव दिया कि उन्हें अपना नाम बदलकर ‘फिरोज प्रियंका’ कर लेना चाहिए।
साध्वी ज्योति ने कहा कि प्रियंका गांधी भगवा रंग को नहीं समझ सकती हैं क्योंकि वह नकली गांधी है। उन्हें अपने नाम में से गांधी हटा लेना चाहिए और उसे प्रियंका फिरोज कर लेना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रियंका को योगी सरकार से इसलिए परेशानी है क्योंकि वह अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठा रही है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रियंका को योगी आदित्यनाथ से केवल इसलिए परेशानी है क्योंकि वह उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रियंका को सामने आना चाहिए और यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह दंगाइयों के पीछे है।
यह कहते हुए कि कांग्रेस महासचिव को ‘भगवा’ के बारे में अधिक अध्ययन करने की आवश्यकता है, साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि जिस तरह से उन्होंने योगी की आलोचना की है, उससे यह पता चलता है कि जो लोग नकली नाम का उपयोग करते हैं, वे सब कुछ वैसा ही देखते हैं। उन्होंने कहा कि भगवा ज्ञान और आत्मीयता का प्रतीक है।
उन्होंने गांधी से पूछा कि जिन लोगों ने निर्दोष लोगों को पीटा था और पुलिस पर पथराव किया था, उन्हें सजा मिलेगी या नहीं। केंद्रीय मंत्री ने प्रिंयका पर आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि प्रियंका ने लोगों को सीएए के विरोध में प्रदर्शन के लिए उकसाया।
उन्होंने कहा था कि योगी केसरिया वस्त्र धारण करते हैं तो उसका मूल्य भी समझें। यहां तक कहा कि योगी आदित्यनाथ धर्म धारण करना सीखें। भगवा रंग हिंदू धर्म का प्रतीक है, जो बदला लेना व हिंसा नहीं सिखाता। योगी के बदला लेने वाले बयान के बाद पुलिस उस पर अमल कर रही है। बेगुनाहों को घर से निकालकर मार रही है। बच्चों और बूढ़ों तक का ख्याल नहीं रख रही।
सोमवार को प्रियंका गांधी ने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इस दौरान उन्होंने सीएम योगी पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने बदला लेने का बयान दिया है। उस बयान पर यूपी पुलिस अमल कर रही है। इसके चलते बेगुनाह लोगों पर अत्याचार हो रहा है। इतिहास में पहली बार किसी मुख्यमंत्री ने इस तरह का बयान दिया होगा।
