Pakistan: Hindu टीचर को सुनाई गई आजीवन कारावास की सजा, गर्भवती महिला के सिर में ठोक दी कील
Pakistan की एक कोर्ट ने सिंध प्रांत में ईशनिंदा (Blasphemy) के आरोप में एक हिंदू कॉलेज शिक्षक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. स्थानीय मीडिया के मुताबिक सेशन कोर्ट ने ईशनिंदा के लिए दोषी शिक्षक पर जुर्माना भी लगाया है.
कोर्ट ने उन पर 50,000 रुपये का जुर्माना ठोका है. दोषी का नाम नौतन लाल (Nautan Lal) है जो एक सरकारी डिग्री कॉलेज में शिक्षक हैं. जानकारी के मुताबिक उन्हें साल 2019 में गिरफ्तार किया गया था और वो तब से विचाराधीन कैदी के रूप में जेल में बंद हैं.
#Pakistan हिंदू अल्पसंख्यक शिक्षक नोटन लाल को एक उर्दू पाठ के दौरान पैगंबर मुहम्मद का अपमान करने के आरोप में 25 साल जेल की सजा सुनाई गई। आरोप एक छात्र मुहम्मद इहतिशम से आया जिसने बाद में कहा कि उसने झूठ बोला था। फिर भी अदालतों ने उसे दबाव में दोषी ठहराया। #Hindus @HwTyagi pic.twitter.com/9e1wSP2Z1e
— News & Features Network (@mzn_news) February 9, 2022
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक साल 2019 में गिरफ्तारी के बाद इस अवधि के दौरान उनकी जमानत याचिका दो बार खारिज कर दी गई थी. 14 सितंबर, 2019 को सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया गया जिसमें एक छात्र ने दावा किया कि एक स्थानीय स्कूल के मालिक ने ईशनिंदा की है. एक थिंक टैंक (Think Tank) सेंटर फॉर रिसर्च एंड सिक्योरिटी स्टडीज के मुताबिक पाकिस्तान (Pakistan) ने साल 1947 से देश में ईशनिंदा के कुल 1,415 मामले दर्ज किए हैं.
थिंक टैंक की रिपोर्ट के मुताबिक साल 1947 से 2021 तक ईशनिंदा (Blasphemy) को लेकर कुल 18 महिलाओं और 71 पुरुषों की हत्या कर दी गई थी.
हालांकि थिंक टैंक के अनुसार, मामलों की वास्तविक संख्या अधिक हो सकती है क्योंकि ईशनिंदा के सभी मामले मीडिया में रिपोर्ट नहीं हो पाते हैं. रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि 70 फीसदी से अधिक आरोपी पाकिस्तान के पंजाब प्रांत से रिपोर्ट किए गए थे.
गर्भवती महिला के सिर में ठोक दी कील
Pakistan में एक गर्भवती महिला के सिर में एक ढोंगी बाबा द्वारा कील ठोक देने का मामला समाने आया है. ढोंगी बाबा का कहना कहा था कि ऐसा करने से वह महिला एक लड़के को जन्म देगी.
डॉक्टर हैदर खान ने बताया कि महिला ने पहले खुद से कील निकालने कोशिश की लेकिन जब ऐसा नहीं हो सका तो वह उत्तर-पश्चिमी शहर पेशावर (Peshawar) के एक अस्पताल में पहुंची. कील निकालने वाले डॉ. खान ने कहा, “वह पूरी तरह से होश में थी, लेकिन बहुत दर्द में थी.” डॉक्टर ने बताया कि महिला तीन बेटियों की मां और अब एक बार फिर वह गर्भवती है. .
एक एक्स-रे से पता चला कि पांच सेंटीमीटर (दो इंच) की कील ने महिला के माथे के ऊपरी हिस्से को छेद दिया था, हालांकि उसका ब्रेन बच गया. डॉ. खान ने कहा कि इसे मारने के लिए हथौड़े या अन्य भारी वस्तु का इस्तेमाल किया गया.
महिला ने शुरू में अस्पताल के कर्मचारियों को यह बताया कि उसने एक बाबा के कहने पर खुद अपने सिर में कील ठोक दी थी. बाद में उसने बताया कि उसके माथे में कील बाबा ने ही ठोकी थी.
छह महीने में ‘इज्जत’ के नाम पर 2,400 से ज्यादा महिलाओं का रेप
Pakistan के Punjab प्रांत में पिछले छह महीने के दौरान “परिवार की इज्जत” के नाम पर 2439 महिलाओं का बलात्कार किया गया और 90 की हत्या कर दी गई. पंजाब सूचना आयोग के आंकड़ों में यह जानकारी सामने आई.
आंकड़ों के अनुसार, इस दौरान पंजाब प्रांत की राजधानी लाहौर में चार सौ महिलाओं का बलात्कार किया गया और 2,300 से ज्यादा महिलाओं का अपहरण किया गया. पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, देश में हर दिन बलात्कार की 11 घटनाएं सामने आती हैं.
रिपोर्ट के अनुसार, पिछले छह साल (2015-21) में पुलिस के सामने ऐसे 22 हजार मामले सामने आए. रिपोर्ट में कहा गया कि समाज में पीड़ित महिलाओं पर दोष मढ़ा जाता है जिससे इस तरह के अपराध करने वालों का मनोबल ऊंचा होता है. इस तरह के मामलों में कमी आने की बजाय वृद्धि हो रही है और एक प्रतिशत से भी कम अपराधियों को सजा मिल रही है. रिपोर्ट में कहा गया, “22 हजार मामलों में से केवल 77 को सजा मिली और सजा मिलने की दर 0.3 प्रतिशत है.”
रिपोर्ट में लाहौर प्रबंधन विज्ञान विश्वविद्यालय (एलयूएमएस) में प्रोफेसर निदा किरमानी ने कहा, “दुखद है कि पाकिस्तान में बलात्कार की संस्कृति हावी है. यहां यौन शोषण की पीड़िता को दोषी ठहराया जाता है और सभी मर्दों को प्राकृतिक तौर पर हिंसक बताया जाता है. बहुत से लोग इस विमर्श को बदलना चाहते हैं लेकिन यह कठिन कार्य है.”

