संपादकीय विशेष

Muzaffarnagar: सावधानी जरूरी- मौसम के हिसाब से बरते जरूरी एहतियात

मुजफ्फरनगर।(Muzaffarnagar News) सुबह शाम मौसम के मिजाज में तेजी से बदलाव हो रहा है, सुबह हल्का कोहरा और दिन ढलते ही हवा में ठंडक बढ़ जाती है। जबकि दिन में तेज धूप निकलने से गर्मी के आगमन जैसा एहसास होने लगा है। ऐसे हालात में गर्म कपड़ों से दूरी बना रहे लोग बीमारी की गिरफ्त में फंस रहे हैं। इसलिए बदलते मौसम में पूरी तरह एहतियात बरतने के साथ ही स्वजन समेत दूसरों को भी जागरूक किया जाना जरूरी हो गया है।

जनपद के जिला चिकित्सालय व निजी चिकित्सालयों में ऐसे ही मरीजों की भरमार है।प्रसिद्ध चिकित्सक का कहना है कि फरवरी माह में मौसम का मिजाज तेजी के साथ बदलता है, जिसमें थोड़ी सी चूक भी बीमार होने का कारण बन जाती है। सुबह को हल्का कोहरा होने के साथ ही सूरज ढलते ही हवा में ठंडक बढ़ जाती है।

दिनभर चमकदार धूप निकलने से तापमान में बढ़ोतरी होने से गर्मी के आगमन का एहसास होने लगा है। उन्होंने बताया कि दिन में तापमान अधिक होने के कारण लोग गर्म कपड़े पहने बिना घरों से निकल जाते हैं। जिन्हें सूरज ढलने के बाद हवा में बढ़ने वाली ठंडक बीमार कर सकती है।

इसलिए भले ही दिन में अधिक गर्म कपड़े न पहनें, मगर दिन ढलने के बाद पूरी एहतियात बरतना बेहद जरूरी है। बदलते मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी बीमारी का कारण बन जाती है। इसलिए मौसम का मिजाज पूरी तरह स्थिर होने तक गर्म कपड़ों को किसी भी सूरत में अलविदा न कहें। ठंड लगने पर खांसी, जुकाम, गले में खराश और लगातार छींक आने से कोरोना संक्रमण भी जकड़ सकता है।

क्योंकि इस महामारी का खतरा पूरी तरह नहीं टल पाने से जरूरी एहतियात बरत कर ही इससे बचा जाना संभव है। बदलते मौसम में असावधानी होने के कारण इन दिनों बुखार, सर्दी, जुकाम, खांसी समेत दिल की बीमारी से पीड़ितों रोगी सरकारी अस्पतालों से लेकर निजी चिकित्सकों के पास पहुंचकर अपना इलाज करा रहे हैं।

क्या करें, क्या न करें

– सुबह शाम की ठंड से बचे – गर्म कपड़े पहनें – गर्म पानी पिएं- बासी भोजन न खाएं – सड़े कटे सब्जी फलों से दूर रहें – ठंडी चीजों का इस्तेमाल का न करें- सर्दी-जुकाम होने पर चिकित्सक की सलाह लें- मुंह पर मास्क लगाकर निकलें – ठंडे पानी में न नहाएं

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