2 दिन काशी में ही डेरा डालेंगे PM Narendra Modi: काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह की दीवारों पर चढ़ाई गई 37 किलो सोने की परत
प्रदेश में सातवें और आखिरी चरण में वाराणसी और आसपास के 9 जिलों में 7 मार्च को मतदान होना है। 5 मार्च को शाम छह बजे चुनावी शोर थम जाएगा और यही कारण है, कि आखिर के दो दिनों में सभी राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi)भी आखिरी दो दिनों तक अपने संसदीय क्षेत्र काशी में ही डेरा डालेंगे।
PM Narendra Modi ने अभी तक प्रदेश में सिर्फ चुनावी सभाओं को ही संबोधित किया है। उनका एकमात्र रोड शो आज काशी की सड़कों पर दिखेगा। भाजपा ने इस रोड शो के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। भाजपा की ओर से इस रोड शो के लिए जिला प्रशासन से 6 घंटे की अनुमति दी गई है और शहर में जबर्दस्त ट्रैफिक जाम की आशंका से संबंधित मार्गों पर डायवर्जन लागू किया गया है।
2 दिन काशी में ही डेरा डालेंगे PM Narendra Modi
PM Narendra Modi के रोड शो के दौरान रास्ते में पड़ने वाले भवनों की छतों पर पुलिस कर्मियों की तैनाती रहेगी और ड्रोन कैमरे के जरिए भीड़ की निगरानी की जाएगी। पीएम की सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर कई जिलों की फोर्स वाराणसी में तैनात की गई है।
पहले PM Narendra Modi 3 दिनों तक अपने संसदीय क्षेत्र में डेरा डालने वाले थे, मगर व्यस्तता के चलते अब दो दिनों का कार्यक्रम तय किया गया है। साल 2017 के विधानसभा चुनाव और 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान पीएम मोदी आखिरी दिनों में काशी में डेरा डालकर पूर्वांचल की चुनावी फिजां को पूरी तरह बदल चुके हैं। भाजपा एक बार फिर इसी फार्मूले को अपनाने जा रही है और इसी के तहत आज प्रधानमंत्री के बड़े रोड शो का कार्यक्रम तय किया गया है।
पूर्वांचल की सीटों पर बड़ा असर
सियासी जानकारों का कहना है कि PM Narendra Modiआखिरी दो दिनों में काशी में डेरा डालकर पूर्वांचल की सीटों पर बड़ा असर डालने में कामयाब हो सकते हैं। प्रधानमंत्री के रोड शो के रूट को इस तरह तय किया गया है, ताकि उसके जरिए पूरे शहर को कवर किया जा सके। यह रोड शो शहर की कई विधानसभा सीटों से होकर गुजरेगा और माना जा रहा है कि इस रोड शो के जरिए भाजपा प्रत्याशियों को नई ताकत मिलेगी।
PM Narendra Modi के रोड शो के सफल आयोजन में जिला प्रशासन को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। पूरे शहर में दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। पूरे शहर के कई प्रमुख मार्गों पर दिनभर वाहनों की आवाजाही पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है। ट्रैफिक पुलिस के अफसरों की ओर से शहर वासियों से सहयोग की अपील भी की गई है।
प्रदेश में इस बार के विधानसभा चुनाव में PM Narendra Modi की एकमात्र रोड शो में अपार भीड़ उमड़ने की संभावना जताई जा रही है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था में भी जिला प्रशासन के अधिकारियों के हाथ-पांव फूले हुए हैं। रोड शो के दौरान मलदहिया से बाबा विश्वनाथ के धाम तक भवनों की छतों पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है।
ड्रोन कैमरों की मदद
भीड़ की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरों की मदद ली जाएगी। रोड शो के दौरान बीच में पड़ने वाली बहुमंजिला इमारतों का जिला प्रशासन की ओर से सर्वे भी कराया गया है। पुलिस आयुक्त सतीश गणेश का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। एसपीजी अधिकारियों की टीम पहले ही काशी में डेरा डाल चुकी है। इसके साथ ही बाहरी जिलों से भी पुलिस फोर्स बुलाई गई है ताकि चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा व्यवस्था की जा सके।
PM Narendra Modi ने 27 फरवरी को वाराणसी (Varansi) के काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा अर्चना की थी. इस मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण किया गया है. अभी इसका एक चरण ही पूरा हुआ है. यह प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है. प्रधानमंत्री जब पूजा करने काशी विश्वनाथ मंदिर (Kashi Vishwanath temple) के गर्भगृह में पहुंचे तो वह स्वर्णिम आभा में जगमगा रहा था.
गर्भगृह की दीवारों पर सोने की परत
मंदिर की देखभाल करने वाले ट्रस्ट के एक अधिकारी ने बताया कि मंदिर के गर्भगृह की दीवारों पर सोने की परत चढ़ाई गई है. उन्होंने बताया कि इस काम में 37 किलो सोने का उपयोग हुआ है. अधिकारी ने बताया कि यह सोने की परत चढ़ाने का काम 25 फरवरी को शुरू हुआ था और 27 फरवरी को खत्म हुआ. अधिकारी ने बताया कि अगले चरण में बाहरी दीवारों पर सोने की परत चढ़ाने का काम किया जाएगा.
इस अधिकारी ने नाम से प्रकाशित करने की शर्त पर बताया कि दक्षिण भारत के अनाम भक्त ने मंदिर को 60 किलो सोना दान किया है. इसी सोने में से 37 किलो सोने का इस्तेमाल अंदर की दीवारों पर परत चढ़ाने में किया गया है.
#WATCH #KashiVishwanath pic.twitter.com/ZbBVHssmaA
— News & Features Network (@mzn_news) March 1, 2022
वहीं बीजेपी के एक सूत्र ने बताया कि दान देने वाला व्यापारी चाहता था कि मंदिर के गर्भगृह के दीवारों पर 37 किलो सोने की परत चढ़ाई जाए, क्योंकि PM Narendra Modi की मां हीराबेन का वजन भी 37 किलो ही है. नेता ने बताया कि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंदिर और आसपास के लिए की गई सेवा के प्रति आभार जताने का बेहतर तरीका है.
अधिकारियों ने बताया कि काशी विश्वनाथ मंदिर में सोने की परत चढ़ाने का काम अंतिम बार पंजाब के महाराजा रंजीत सिंह ने 18वीं शताब्दी में किया था. उन्होंने मंदिर को 23 मन (1 मन बराबर 35 किलो) सोना दान दिया था. यह दान उन्होंने मंदिर के गुंबद को ढंकने के लिए दिया था. यह पहली बार था जब किसी व्यक्ति ने इतनी अधिक मात्रा में सोना मंदिर को दान दिया.
मंदिर के गर्भगृह के अंदर की दीवारों पर 12 फीट की ऊंचाई तक संगमरमर और गुंबद तक लाल बलुआ पत्थर लगा हुआ था. अधिकारियों ने बताया कि मंदिर में जलने वाले दिए के धुंए की वजह से पत्थरों पर दाग-धब्बे पड़ गए थे. कई बार प्रयास करने के बाद भी उन्हें साफ नहीं किया जा सका.
गर्भगृह के दरवाजों पर अभी चांदी की परत
अधिकारी ने बताया कि एक पखवाड़े पहले संगमरमर और बलुआ पत्थरों पर सिलिकॉन फाइबर की एक परत चढ़ाई गई थी. वहीं संगमरमर पर उकेरी गईं देवी-देवताओं की मूर्तियों और हर हर महादेव पर चढ़ाने के लिए तांबे का ढांचा बनाया गया था. उन्हीं पर और दीवारों पर सोने की परत चढाई गई है. अधिकारी ने बताया कि गर्भगृह के दरवाजों पर अभी चांदी की परत है, जिसे जल्द ही हटाकर सोने की परत चढ़ा दी जाएगी.
मंदिर के पुजारी ओमप्रकाश मिश्र ने बताया कि सोने की परत चढ़ाने से मंदिर की आभा बढ़ी है. जब लाइट जलाई जाती है तो यह जगमगाने लगता है. उन्होंने कहा कि जब गर्भगृह के दरवाजों और बाहरी दीवारों पर सोने की परत चढ़ा दी जाएगी तो मंदिर अपने आप में अलग होगा.
वाराणसी के आयुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि हमें सूचना मिली कि एक अज्ञात दानदाता ने मंदिर को 60 किलो सोने का दान किया है. उन्होंने बताया कि इन आकृतियों को दिल्ली के एक जौहरी ने बनाया है. वही लोग उसे लगाने भी आए थे. उन्होंने बताया कि बचे हुए सोने का इस्तेमाल गुंबद को सजाने में किया जाएगा. क्या गर्भगृह में लगाए गए सोने का वजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां के वजन के बराबर है, इस सवाल पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया.
2017 का इतिहास दोहराने की कोशिश
वाराणसी में भाजपा 2017 का इतिहास दोहराने की कोशिश में जुटी हुई है। पिछले विधानसभा चुनाव में वाराणसी की आठों सीटों पर भाजपा और सहयोगी दलों को जीत हासिल हुई थी। भाजपा 6 सीटें जीतने में कामयाब हुई थी जबकि सुभासपा और अपना दल को एक-एक सीट पर जीत मिली थी। इस बार सियासी हालात बदले हुए हैं और सुभासपा ने सपा के साथ गठबंधन कर लिया है। भाजपा अपना दल और निषाद पार्टी के साथ मिलकर चुनाव मैदान में उतरी है।
PM Narendra Modi का संसदीय क्षेत्र है और इसलिए भाजपा की ओर से इस जिले में विशेष रूप से ताकत लगाई जा रही है। सपा और कांग्रेस की ओर से मिल रही चुनौतियों का सामना करने के लिए भाजपा के दिग्गज नेताओं की फौज काशी में उतारी जा चुकी है। अब भाजपा के सबसे बड़े चेहरे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपने संसदीय क्षेत्र में आज उतरेंगे और माना जा रहा है कि पीएम मोदी का यह दौरा काफी असर डालने वाला साबित हो सकता है।


