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इस शिवरात्रि राशिनुसारशिवलिंग पर क्या चढ़ाये?

महाशिवरात्रि का अतिपावन पर्व 21 फरवरी को पूरे देश में उल्लास के साथ मनाया जाएगा। शिवरात्रि हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है। अगर आप अपनी राशि के अनुसार शिवजी का पूजन करेंगे तो आपको विशेष लाभ होगा।

आइए जानते हैं, अपनी चंद्र राशि के अनुसार, आपको भगवान शिव को कैसे मनाना चाहिए।धर्म शास्त्रों के अनुसार, मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती का विवाह हुआ था। शिव पूजन किसी भी रूप में हो कल्याणकारी ही होता है। इस दिन भगवान शिव की आराधना से भक्तों के सारे पाप और संकट दूर हो जाते हैं। यदि कोई व्यक्ति इस दिन अपनी राशि के अनुसार, शिव की आराधना करे तो यह बेहद ही उत्तम संयोग होगा। आइये जानते है, राशि अनुसार शिव पूजन विधि।

#कन्या :
कन्या राशि में जन्मे लोगों को भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए गन्ने के रस से अभिषेक करना चाहिए। शिवलिंग पर बेलपत्र और भांग के पत्ते चढ़ाने चाहिए। महाराष्ट्र में भीमा नदी के किनारे बसा भीमाशंकर ज्योर्तिलिंग कन्या राशि का ज्योर्तिलिंग हैं। इस राशि वाले भीमाशंकर को प्रसन्न करने के लिए दूध में घी मिलाकर शिवलिंग को स्नान कराएं। इसके बाद पीला कनेर और शमी के पत्ते चढाएं। ॐ भगवते रूद्राय’ मंत्र का यथासंभव जप करें। इस प्रकार शिव की पूजा करने से आत्मविश्वास बढ़ता है।

#मेष :
द्वादश ज्योर्तिलिंगों में सोमनाथ ज्योर्तिलिंग पहला ज्योर्तिलिंग है। जिनका जन्म मेष राशि में हुआ है उन्हें महाशिवरात्रि के दिन सोमनाथ ज्योर्तिलिंग की पूजा करनी चाहिए। मेष राशि के लोगों तांबे के लोटे में जल लेकर उसमें थोड़ा-सा गुड़ मिलाकर शिवजी का अभिषेक करना चाहिए। साथ ही भगवान शिव को लाल फूल अर्पित करने चाहिए। शिव की पूजा के बाद ‘ह्रीं ॐ नमः शिवाय ह्रीं’।

#वृष :
शैल पर्वत पर स्थित मल्लिकार्जुन वृष राशि के स्वामी हैं। इस राशि के व्यक्तियों को मल्लिकार्जुन का दर्शन करना चाहिए। वृष राशि वाले मंत्र ॐ गंगाधराये नमः का जाप करें। जो लोग मल्लिकार्जुन का दर्शन करने नहीं जा सकते उनके लिए शिव की कृपा पाने का सबसे आसान तरीका है महाशिवरात्रि के दिन किसी भी शिवलिंग की पूजा गंगाजल से करें। शिवलिंग पर आक का फूल और पत्ता चढ़ाएं।

#सिंह :
इस राशि के व्यक्ति वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग की पूजा करें। महाशिवरात्रि के अवसर पर वैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग की विशेष पूजा होती है जिसमें शिव पार्वती का विवाह होता है। महाशिवरात्रि के दिन सिंह राशि वाले वैद्यनाथ ज्योर्तिलिंग का दर्शन करें तो पूरे वर्ष सेहत अच्छी रहती है। सिंह राशि में जन्मे लोगों को भगवान शिव का अभिषेक गुड़ मिश्रित जल से करना चाहिए। आप भगवान शिव को गेहूं अर्पित करेंगे तो आपको विशेष लाभ होगा।

#कर्क :
कर्क राशि में जन्मे लोगों को घी से भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए। आप अगर कच्चा दूध शिवजी पर अर्पित करेंगे तो आपको आपकी इच्छापूर्ति में सहायता मिलेगी। सफेद चंदन से शिवजी का तिलक करें। ओंकारेश्वर ज्योर्तिलिंग का संबंध कर्क राशि से है। इस राशि वाले महाशिवरात्रि के दिन शिव के इसी रूप की पूजा करें। ओंकारेश्वर का ध्यान करते हुए शिवलिंग को पंचामृत से स्नान कराएं। अपामार्ग और विल्वपत्र चढ़ाएं। इस मंत्र का 108 बार जप करें।

#मिथुन :
मिथुन राशि में जन्मे लोगों को भगवान भोलेनाथ की पूजा तीन बिल्व पत्रों से करनी चाहिए। आप शिवलिंग का अभिषेक गन्ने के रस से कर सकते हैं। इससे आपको विशेष लाभ होगा। उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मिथुन राशि के स्वामी हैं। महाकालेश्वर कालों के भी काल हैं। इनकी पूजा करने वाले को अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता है। इस राशि में जन्म लेने वाले व्यक्ति को महाकालेश्वर का दर्शन करना चाहिए। महाकालेश्वर का दर्शन नहीं कर पाएं वे महाकालेश्वर का ध्यान करते हुए किसी शिवलिंग को दूध में शहद मिलाकर स्नान कराएं और बिल्वपत्र एवं शमी के पत्ते चढ़ाएं।

#धनु :
धनु राशि के लोगों को भगवान शिव का अभिषेक केसर या हल्दी युक्त दूध से करना चाहिए। साथ ही शिवलिंग पर बेल पत्र और पीले फूल अर्पित करें। विश्वनाथ ज्योर्तिलिंग का संबंध धनु राशि से है। इस राशि वाले व्यक्ति महाशिवरात्रि के दिन गंगाजल में केसर मिलाकर शिव को अर्पित करें। विल्वपत्र एवं पीला अथवा लाल कनेर शिवलिंग पर चढ़ाएं। महाशिवरात्रि के दिन चन्द्रमा कमजोर रहता है। इस राशि वाले ॐ तत्पुरूषाय विद्महे महादेवाय धीमहि। तन्नो रूद्रः प्रचोदयात।। इस मंत्र से शिव की पूजा करें। इससे चन्द्रमा को बल मिलता है और शिव कृपा भी प्राप्त होती है।

#तुला :
तुला राशि के लोगों को भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए शिवरात्रि पर इत्र, फूलों से सुगंधित जल या तेल से शिव का अभिषेक करना चाहिे। साथ ही शहद अर्पित करने से लाभ होगा। तमिलनाडु स्थित भगवान राम द्वारा स्थापित रामेश्वर ज्योर्तिलिंग का संबंध तुला राशि से है। भगवन राम ने सीता की तलाश में समुद्र पर सेतु निर्माण के लिए इस ज्योर्तिलिंग की स्थापना की थी। जो लोग इस दिन रामेश्वर ज्योर्तिलिंग का दर्शन नहीं कर सकें वह दूध में बताशा मिलाकर शिवलिंग को स्नान कराएं और आक का फूल शिव को अर्पित करें।

#मीन :
मीन राशि के लोगों को भगवान शिव पर और शिवलिंग का अभिषेक करते समय पीले रंग के फूल अर्पित करने चाहिए। साथ ही पीली मिठाई का भोग भगवान शिव को लगाना चाहिए। औरंगाबाद में घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग स्थित है। इस ज्योर्तिलिंग का संबंध मीन राशि से है। इस राशि वाले महाशिवरात्रि के दिन दूध में केसर डालकर शिवलिंग को स्नान कराएं। स्नान के पश्चात शिव को गाय का घी और शहद अर्पित करें। कनेर का पीला फूल और विल्वपत्र शिव को चढ़ाएं। शिवरात्रि के दिन शिव लिंग की पूजा करने से शनि के कुप्रभाव से बचेंगे। आत्मविश्वास में वृद्घि होगी। स्वस्थ्य संबंधी समस्यओं में कमी आएगी। छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्ति में आसानी होगी।

#वृश्चिक :
गुजरात के द्वारका जिले में नागेश्वर ज्योतिर्लिंग है जिसका संबंध वृश्चिक राशि से है। इस राशि वालों को गले में नागों की माला धारण करने वाले नागों के देव नागेश्वर ज्योर्तिलिंग की पूजा करनी चाहिए। महाशिवरात्रि के दिन इनका दर्शन करने से दुर्घटनाओं से बचाव होता है। वृश्चिक राशिवालों को पंचामृत से भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए। ऐसा करने से आप पर भगवान शिव जल्दी प्रसन्न हो सकते हैं। जो लोग इस दिन नागेश्वर ज्योतिर्लिंग का दर्शन न कर सकें वह दूध और धान के लावा से शिव की पूजा करें। शिव को गेंदे का फूल, शमी एवं बेलपत्र चढाएं।

#मकर :
मकर राशि के लोगों को काले तिल से भगवान शिव का अभिषेक करना चाहिए। इससे आपको भगवान शिव की कृपा प्राप्त होगी। मकर राशि का संबंध त्रयम्बकेश्वर ज्योतिर्लिंग से है। यह ज्योतिर्लिंग नासिक में स्थित है। महाशिवरात्रि के दिन इस राशि वाले गंगाजल में गुड़ मिलाकर शिव का जलाभिषेक करें। शिव को नीले का रंग फूल और धतूरा चढ़ाएं। त्रयम्बकेश्वर का ध्यान करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का 5 माला जप करें। जो लोग विवाह करना चाह रहे हैं उनकी शादी में आने वाली बाधा दूर होती है और सुन्दर एवं सुयोग्य जीवनसाथी मिलता है।

#कुंभ :
कुंभ राशि के लोगों को भी मकर राशि के लोगों की तरह ही भगवान शिव पर काले तिल अर्पित करने चाहिए। साथ ही गंगाजल से शिवजी का अभिषेक करना चाहिए। इससे जीवन कष्ट और संकट दूर होते हैं। केदारनाथ की पूजा करनी चाहिए। अक्षय तृतीया से केदारनाथ की यात्रा आरम्भ होती है इसलिए महाशिवरात्रि पर केदारनाथ का दर्शन नहीं किया जा सकता है। इसलिए कुंभ राशि वाले व्यक्ति महाशिवरात्रि के दिन अपने आस पास के किसी शिवालय में जाकर केदारनाथ का ध्यान करते हुए शिवलिंग को पंचामृत से स्नान कराएं। इसके बाद कमल का फूल और धतूरा चढ़ाएं।

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