Imran Khan के सपोर्ट में रूस विदेश मंत्रालय ने कहा- ‘अमेरिका का दखल शर्मनाक’: आरोपों में जरा भी सच्चाई नहीं-USA
Imran Khan द्वारा सरकार गिराने की कोशिश में अमेरिका का हाथ होने के बयान के बाद अब रूस भी इस मामले में कूद गया है. रूस के के विदेश मंत्रालय की आधिकारिक प्रतिनिधि मारिया ज़खारोवा ने कहा कि, पाकिस्तान की नेशनल असेंबली का भंग होना और वहां की सरकार को गिराने की कोशिश में अमेरिका का दखल शर्मनाक है. अमेरिका अपने स्वार्थ के लिए दूसरे स्वतंत्र देशों के आंतरिक मामलों में दखल देता है.
मारिया जखारोवा ने कहा कि इमरान खान की नेशनल असेंबली को भंग करने की सिफारिश से पहले उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में रूस की यात्रा की थी. इस यात्रा से पहले अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने इमरान पर दौरा रद्द करने का काफी दबाव डाला था. इसके बाद कोई संदेह नहीं रहा कि अमेरिका इमरान खान को उसकी बात न मानने की सजा देगा. फिर अचानक इमरान खान की पार्टी के कई नेता बागी होकर विपक्ष के खेमे में चले गए और सब मिलकर सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आ गए. इस प्रस्ताव पर 3 अप्रैल को वोटिंग भी होनी थी. ये बातें ये साबित करती हैं कि अमेरिका ने पाकिस्तान के आंतरिक मामलों में दखल देने की शर्मनाक कोशिश की है.”
रविवार को संसद में अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद इमरान खान ने कहा था कि, उन्होंने देश के राष्ट्रपति को संसद भंग करने का प्रस्ताव दिया था. इसके बाद असेंबली भंग कर दी गई. इमरान ने फिर से चुनाव होने की बात कही थी, लेकिन विपक्ष इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट जा चुका है.
इमरान खान द्वारा अविश्वास प्रस्ताव को लेकर लगाए गए विदेशी साजिश के आरोप का मामला वॉशिंगटन तक पहुंच गया है. इमरान खान की तरफ से लेटर में अमेरिका का जिक्र करने के बाद अमेरिका ने फिर अपनी प्रतिक्रिया दी है. एक अखबार से बातचीत करते हुए अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया.इस मामले में वाशिंगटन स्थित अमेरिकी विदेश विभाग के एक अधिकारी का कहना है कि, अमेरिका पाकिस्तान में संवैधानिक प्रक्रिया का समर्थन करता है. इमरान खान द्वारा लगाए गए आरोपों में जरा भी सच्चाई नहीं है. अधिकारी ने कहा कि, हम पाकिस्तान की संवैधानिक प्रक्रिया और वैध शासन का सम्मान और समर्थन करते हैं.
अपने संबोधन के बीच में अमेरिका का नाम लेकर इमरान खान ने दावा करते हुए कहा कि, अमेरिका की तरफ से धमकी वाली चिट्ठी आई थी. वो चिट्ठी मेरे खिलाफ थी. उन्होंने कहा कि चिट्ठी में अविश्वास प्रस्ताव की बात थी. चिट्ठी में कहा गया था कि इमरान खान अगर प्रधानमंत्री रहे तो हमारे रिश्ते आपके मुल्क के साथ खराब हो जाएंगे. चिट्ठी में कहा गया कि इमरान खान चला जाए तो पाकिस्तान को माफ करेंगे. उन्होंने कहा कि मेरे खिलाफ साजिश रची गई.
बता दें कि Imran Khanका विदेशी साजिश वाला ट्रिक आखिरी पलों में काम कर गया था. रविवार को नेशनल असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग से कुछ समय पहले ही डिप्टी स्पीकर ने अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया था. उन्होंने इसके पीछे काफी हद तक साजिश वाली बात को ही वजह बताई थी.
