Prayagraj News: ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश
Prayagraj News: साइबर सेल ने ऑनलाइन ठगी करने वाले एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो लोगों के आधारकार्ड में हेराफेरी करके अपराध की घटनाओं को अंजाम देता था. इस गिरोह के लोग आधारकार्ड में नाम, पता या फिर तस्वीर बदलकर सिमकार्ड एक्टिवेट करा लेते थे या फिर बैंकों में खाता खोल लेते थे
पीड़ितों द्वारा पुलिस में शिकायत किए जाने पर यह लोग इसलिए पकड़ में नहीं आते थे, क्योंकि सब कुछ फर्जी नाम पते पर होता था. यही नहीं जिन लोगों के पहचान पत्र ये इस्तेमाल करते थे पुलिस भी सबसे पहले उन्हें ही शक के घेरे में लेती थी.
प्रयागराज रेंज के आईजी डॉ राकेश सिंह के मुताबिक ये गिरोह पश्चिम बंगाल का है, इसमें ज्यादातर कम उम्र के युवक ही हैं. बंगाल में एक नामी टेलीकॉम कंपनी में मैनेजर के तौर पर काम कर चुका सुजान मंडल टारगेट पूरा करने के लिए सिम कार्ड को फर्जी नाम पते पर एक्टिवेट करने का दबाव डालता था.
कुछ रिटेल स्टोर से फर्जी तरीके से एक्टिवेट किये गए सिम कार्ड्स को वह साइबर अपराधियों को ऊंची कीमत पर बेच देता था. सुजान मंडल के इस काम में विश्वजीत बर्मन और आशीष बर्मन भी उसकी मदद करते थे. बाद में यह लोग खुद ही ऑनलाइन ठगी करने लगे. सिम कार्ड से लेकर बैंक एकाउंट तक सब कुछ फर्जी डाक्यूमेंट्स पर होता था, इसलिए ये कभी पकड़ में नहीं आते थे.
Prayagraj पुलिस के साइबर सेल ने साल 2020 में सत्रह लाख रुपये की ठगी के एक मामले में पड़ताल करते हुए खासी मशक्कत के बाद इस गिरोह का पर्दाफाश किया. पुलिस ने इनके पास से तीन स्मार्ट फोन, कई सिम कार्ड्स व अन्य डाक्यूमेंट्स बरामद किये हैं
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के रहने वाले हैं. आईजी राकेश सिंह ने लोगों को सावधान करते हुए कहा कि हमे अपने अहम दस्तावेज भरोसे के लोगों या एजेंसी को ही देना चाहिए, वर्ना लोग इसका दुरूपयोग कर सकते हैं.

