Meerut: दरोगा अजय कुमार ने ट्रेन के आगे कूदकर दी जान, सामने आई ये बड़ी वजह
Meerut: क्राइम ब्रांच में तैनात दरोगा अजय कुमार ने मेरठ सिटी रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी है। उनकी जेब में एक पर्ची मिली थी, जिनसे पहचान हुई है। उधर, घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में खलबली मच गई। पुलिस की प्राथमिक जांच में पत्नी से विवाद होने के चलते दरोगा ने यह कदम उठाया है।
एसपी सिटी विनीत भटनागर के मुताबिक दरोगा अजय कुमार (51) पुत्र महिपाल सिंह मूलरूप से शामली के झिंझाना थाना क्षेत्र के ऊन गांव के निवासी थे। उनकी पत्नी, बेटा और बेटी परतापुर क्षेत्र के शताब्दी नगर में किराए के मकान में रहते हैं। पांच अप्रैल को अजय कुमार ने तीन दिन की छुट्टी ली थी। आठ अप्रैल को उन्हें अपनी आमद दर्ज करानी थी। लेकिन वह नहीं पहुंचे।
परतापुर थाने में गुमशुदगी
नौ अप्रैल को अजय की गैर हाजरी सिविल लाइन थाने में लिखी गई। परिवार के लोगों ने काफी तलाश करने के बाद परतापुर थाने में गुमशुदगी दर्ज करा दी। पुलिस व परिवार के लोग तभी से दरोगा की तलाश कर रहे थे। सोमवार रात सिटी रेलवे स्टेशन पर योगा एक्सप्रेस (ऋषिकेश से अहमदाबाद जाने वाली ट्रेन) के सामने कूदकर एक व्यक्ति ने जान दे दी।
जीआरपी ने व्यक्ति की जेब से एक पर्ची निकाली। जिस पर दरोगा अजय कुमार क्राइम ब्रांच मेरठ लिखा हुआ था। जीआरपी ने सदर बाजार पुलिस से संपर्क किया। उसके बाद शव की पहचान दरोगा अजय कुमार के रूप में हो गई। दरोगा की मौत की जानकारी लगते ही एसएसपी प्रभाकर चौधरी, एसपी सिटी विनीत भटनागर और एएसपी केंट सूरज राय पुलिस टीम के साथ सिटी रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए।
पत्नी से झगड़ा
जानकारी लगने पर परिवार के लोग भी मौके पर पहुंचे। एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि पुलिस की प्राथमिक जांच में पत्नी से झगड़ा होने के चलते दरोगा ने यह कदम उठाया। अभी पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
मेरठ में सिटी रेलवे स्टेशन मास्टर ने बताया है कि दरोगा ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दी। एसपी सिटी ने सिटी रेलवे स्टेशन पर जाकर पूरे मामले की जांच पड़ताल की है। दरोगा के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
पारिवारिक कलह
पुलिस ने दरोगा की मौत के पीछे का कारण पारिवारिक कलह बताकर पल्ला झाड़ लिया है। सवाल उठते हैं कि दरोगा का अगर परिवार के साथ कोई विवाद था तो वह दो दिन कहां और किसके पास रहे। परिवार के लोग अभी इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। पुलिस ने परिवार के लोगों से मौत के बारे में जानने का प्रयास किया है, लेकिन वह अभी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है।
एसपी सिटी विनीत भटनागर का कहना है कि दरोगा अजय कुमार मूल रूप से शामली जिले के ऊन गांव के रहने वाले थे। दरोगा का परिवार परतापुर के शताब्दी नगर में किराए के मकान में रहता है। क्राइम ब्रांच से पहले दरोगा की पोस्टिंग परतापुर थाने में ही थी। उनके एक बेटा और एक बेटी है।


